कंडम भवन में चल रहा है उत्पात विभाग का कार्यालय

Updated at : 07 Aug 2025 10:41 PM (IST)
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कंडम भवन में चल रहा है उत्पात विभाग का कार्यालय

जान जोखिम में डाल काम कर रहे हैं विभाग के अधिकारी, दारोगा, कर्मचारी व होमगार्ड जवान

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गुमला. यह जान के साथ खिलवाड़ है. खुद अधिकारी छोटे कर्मचारियों की जान को जोखिम में डाले हुए हैं. हम बात कर रहे हैं उत्पाद विभाग की. उत्पाद विभाग के अधिकारी, दारोगा, कर्मचारी और होमगार्ड जवान जान हथेली पर रखकर काम करने को विवश हैं. जिस पुराने समाहरणालय भवन को पांच साल पहले कंडम घोषित किया गया है. उसी भवन में उत्पाद विभाग का कार्यालय चल रहा है. समाहरणालय भवन के सेकेंड फ्लोर की छत टूट कर गिर रही है. सेकेंड फ्लोर खंडहर भी हो गया है, जिससे फर्स्ट फ्लोर में स्थित उत्पाद विभाग के कार्यालय में सेकेंड फ्लोर का पानी टूटे छत से सिपेज कर रहा है. बारिश होते उत्पाद विभाग के कार्यालय में पानी जमा हो जाता है. खैरियत है उत्पाद विभाग के दस्तावेज को बचा कर रखा गया है. परंतु हर दिन उत्पाद विभाग के लोग व होमगार्ड के जवान डर-डर के काम करते हैं. सबसे अधिक डर तब लगता है, जब तेज हवा के साथ मूसलाधार बारिश होती है. बारिश होते छत का प्लास्टर टूट कर गिरने लगता है. कभी सेकेंड फ्लोर में एसपी का कार्यालय होता था. आज समाहरणालय कंडम होने के कारण पुराना एसपी का कार्यालय खंडहर हो गया है. उत्पाद विभाग गुमला ने डीसी से मांग की है कि विभाग के कार्यालय को किसी दूसरे स्थान पर शिफ्ट किया जाये, नहीं तो कभी बड़ा हादसा हो सकता है. खुद यहां ड्यूटी करने पर दारोगा कहते हैं कि हमने बीमा तो कराया है. परंतु कंडम घोषित भवन के गिरने से अगर हमलोगों को कुछ होता है, तो उसका मुआवजा भी हमारे परिवार को नहीं मिलेगा. क्योंकि, बीमा कंपनी यह बात कह कर बीमा की राशि नहीं देगी कि जब भवन कंडम था, तो फिर वहां क्या कर रहे थे. इसलिए उत्पाद विभाग ने जान की सुरक्षा के लिए कंडम घोषित समाहरणालय से कार्यालय को हटाने की मांग की है.

जमीन पर सोते हैं होमगार्ड जवान

सबसे परेशानी होमगार्ड जवानों को है. उत्पाद विभाग में ड्यूटी करने वाले होमगार्ड जवानों के सोने व रहने की अच्छी व्यवस्था नहीं है. एक खाली कमरे को होमगार्ड जवानों को रहने के लिए दिया गया है. यहां कोई बेड व खटिया नहीं है. मजबूरी में होमगार्ड के जवान फर्श पर सोते हैं. इससे हादसे का डर बना हुआ है. यहां तक कि पुराने समाहरणालय का शौचालय जर्जर हो गया है. होमगार्ड जवानों ने कहा है कि हमारे बाल बच्चों पर प्रशासन ध्यान दें. हमारी सुरक्षा के लिए हमें किसी अच्छे भवन में रहने की व्यवस्था कर दें.

सांप, बिच्छू व कीड़े का लगा रहता है डर

होमगार्ड जवान जर्जर भवन में जिस प्रकार सोते हैं, यहां सांप, बिच्छू व कीड़े का डर लगा रहता है. क्योंकि दरवाजे के नीचे के हिस्से से ये जहरीले जीव घुस सकते हैं. क्योंकि सेकेंड फ्लोर कूड़ा-कचरा से भर गया है. छत का प्लास्टर भी टूट कर फर्श पर जमा हो गया है. घास-फूस भी उग आये हैं. ऐसे में यहां जहरीले कीड़े व बिच्छू होने का डर है, जो सेकेंड फ्लोर से सीढ़ी के रास्ते फर्स्ट फ्लोर में सोने वाले होमगार्ड जवानों के रूम में घुस सकता है.

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