सात वर्षीय बेटे की हत्या, नाबालिग बेटी की गिरफ्तारी पर उठे सवाल; पिता ने मांगी CID जांच
गुमला में सात वर्षीय बालक की हत्या और नाबालिग बेटी की गिरफ्तारी के मामले में पिता ने सीआइडी जांच की मांग की है. डीजीपी और गृह सचिव को पत्र भेजा गया है.
गुमला: जिले के रायडीह थाना क्षेत्र के कांसीर जामटोली निवासी हेमंत कुमार सिंह ने अपने सात वर्षीय पुत्र नवीन कुमार सिंह की हत्या और 15 वर्षीय नाबालिग पुत्री अंशु कुमारी की गिरफ्तारी के मामले में सीआइडी जांच की मांग की है. उन्होंने पुलिस महानिरीक्षक, अपराध अनुसंधान विभाग (CID), झारखंड रांची को पत्र भेजकर मामले की उच्चस्तरीय जांच और आवश्यक कार्रवाई का आग्रह किया है.
खेत से लौटे तो घर में नहीं था बेटा
हेमंत कुमार सिंह के आवेदन के अनुसार, 15 जून 2026 को वह अपनी पत्नी पार्वती बाई के साथ दोपहर करीब तीन बजे खेत में काम करने गये थे. शाम करीब छह बजे दोनों घर लौटे. उस समय उनकी 15 वर्षीय पुत्री अंशु कुमारी घर में रोटी बना रही थी, जबकि सात वर्षीय नवीन घर पर नहीं था.
इसके बाद परिजनों ने नवीन की तलाश शुरू की. खोजबीन के दौरान उसका शव जंगल में मिला. हेमंत का आरोप है कि बच्चे की हत्या करने के बाद शव को जंगल में छिपाया गया था. घटना की सूचना रायडीह थाना पुलिस को दी गयी, जिसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया.
नाबालिग बेटी की गिरफ्तारी पर पिता ने उठाये सवाल
हेमंत का आरोप है कि पुलिस ने मामले में उनकी 15 वर्षीय नाबालिग पुत्री अंशु कुमारी को गिरफ्तार कर बाल गृह भेज दिया. उन्होंने दावा किया है कि पुलिस ने वास्तविक आरोपी की भूमिका की जांच करने के बजाय उनकी पुत्री के कथित बयान के आधार पर कार्रवाई की. पिता ने अपनी पुत्री की गिरफ्तारी को लेकर भी निष्पक्ष जांच की मांग की है.
गांव के युवक की भूमिका की जांच की मांग
हेमंत कुमार सिंह ने अपने आवेदन में गांव के ही अभिनंदन कुमार, पिता वंशीलाल सिंह की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है. उन्होंने आरोप लगाया है कि पुलिस को इस पहलू की भी गंभीरता से जांच करनी चाहिए.
ये भी देंखें: गुमला: जमीन विवाद में भतीजे ने चाची की कुदाल से मारकर हत्या की, आरोपी गिरफ्तार
ये भी देंखें: गुमला में नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म, आरोपी गिरफ्तार
डीजीपी और गृह सचिव को भी भेजी प्रतिलिपि
हेमंत ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सीआइडी से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है. उन्होंने पुलिस महानिरीक्षक, सीआइडी को भेजे आवेदन की प्रतिलिपि झारखंड के डीजीपी और गृह सचिव को भी भेजी है. उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर वास्तविक तथ्यों को सामने लाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में
By दुर्जय पासवान
दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










