गुमला में अधिक बारिश बनी किसानों के लिए मुसीबत, आधी खेती अब भी बाकी

Updated at : 24 Jul 2025 11:17 PM (IST)
विज्ञापन
गुमला में अधिक बारिश बनी किसानों के लिए मुसीबत, आधी खेती अब भी बाकी

मक्का, अरहर और मूंगफली की खेती अंतिम चरण में, धान की बुआई में हो रही देरी

विज्ञापन

गुमला. गुमला जिले में अधिक बारिश किसानों के लिए मुसीबत बन गयी है. जिले में अब भी आधी खेती होनी बाकी है. हालांकि जिले में लगातार बारिश के बीच खरीफ फसलों की खेतीबारी का काम जोरों पर है. जिले में मक्का, अरहर व मूंगफली जैसे फसलों की खेती काम अंतिम चरम पर है. मक्का के निर्धारित लक्ष्य 8100 हेक्टेयर भूमि के विरुद्ध 7053 हेक्टेयर, अरहर 16000 हेक्टेयर के विरुद्ध 11894 हेक्टेयर व मूंगफली 5000 हेक्टेयर के विरुद्ध 4456 हेक्टेयर भूमि पर खेती हो चुकी है. वहीं जिले की प्रमुख फसल धान की अभी भी आधी खेती होनी बाकी है. हालांकि जिले भर में हर साल धान आच्छादन का लक्ष्य 1.88 लाख हेक्टेयर भूमि है, जिसके विरुद्ध लगभग 1.75 लाख हेक्टेयर से लेकर 1.90 लाख हेक्टेयर से भी अधिक भूमि पर धान की खेती होती रही है. इधर इस साल 1.88 लाख हेक्टेयर के विरुद्ध 22 जुलाई तक 54 प्रतिशत यानि 101425 हेक्टेयर भूमि पर खेती हो चुकी है, जिसमें छींटा विधि से 35812 हेक्टेयर व रोपा विधि से 65613 हेक्टेयर भूमि पर खेती हो चुकी है. वहीं खरीफ की अन्य फसलों में मड़ुआ आच्छादन के निर्धारित लक्ष्य 10 हजार हेक्टेयर के विरुद्ध 6115, दलहन में उरद 8000 हेक्टेयर के विरुद्ध 3284 हेक्टेयर, मूंग 1500 हेक्टेयर के विरुद्ध 223 हेक्टेयर, अन्य दलहन 2200 हेक्टेयर के विरुद्ध 372 हेक्टेयर भूमि पर खेती हो चुकी है. इसके अलावा अभी ज्वार, बाजरा, कुल्थी, तिल, सोयाबीन, सूर्यमुखी, सरगुजा व अरंडी जैसी फसलों की खेती होनी बाकी है.

800 मिमी से भी अधिक हो चुकी है बारिश

जिले में इस साल 22 जुलाई 2025 तक कुल 801.9 मिमी बारिश हो चुकी है. जनवरी माह में बारिश नहीं हुई. इसके बाद फरवरी माह में 12.3 मिमी के विरुद्ध 5.8 मिमी, मार्च माह में 18.2 मिमी के विरुद्ध 34.8 मिमी, अप्रैल माह में 11.6 मिमी के विरुद्ध 40.1 मिमी, मई माह में 28.3 मिमी के विरुद्ध 92.6 मिमी, जून माह में 205.3 मिमी के विरुद्ध 351.8 मिमी व जुलाई माह में 299.7 मिमी के विरुद्ध 276.8 मिमी बारिश हो चुकी है. इधर, जिले में अपेक्षा से अधिक हो रही बारिश अब किसानों के लिए चिंता का कारण बन रही है. पर्याप्त बारिश के बीच किसान खेतों की तैयारी के बाद फसल भी लगा देते थे. लेकिन इस साल अपेक्षा से अधिक बारिश के कारण अभी भी किसानों की आधी आबादी खेतों में फसल नहीं लगा सके हैं. अधिक बारिश के कारण खेतों में लबालब पानी भरा है. किसान उस पानी को निकालने के बाद फसल लगाने की तैयारी करते ही हैं कि फिर बारिश शुरू हो जा रही है और खेतों में पानी भर जा रहा है. अधिक बारिश से किसानों को खेतों में तैयार धान बिचड़ा को भी बचाने की चिंता सता रही है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola