जल बिना जीवन की कल्पना अधूरी : मुकुंद

Published at :04 May 2017 8:43 AM (IST)
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जल बिना जीवन की कल्पना अधूरी : मुकुंद

जल के संरक्षण के लिए प्रेरित किया गया गुमला : मिशन ब्लू व एमएस फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में जल बचाओ विषय पर बुधवार को गुमला के उर्सुलाइन कॉन्वेंट बालिका विद्यालय में कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में हाई स्कूल व प्लस टू की छात्राओं को जल की उपयोगिता की जानकारी दी गयी. साथ […]

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जल के संरक्षण के लिए प्रेरित किया गया
गुमला : मिशन ब्लू व एमएस फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में जल बचाओ विषय पर बुधवार को गुमला के उर्सुलाइन कॉन्वेंट बालिका विद्यालय में कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में हाई स्कूल व प्लस टू की छात्राओं को जल की उपयोगिता की जानकारी दी गयी. साथ ही जल के संरक्षण के लिए प्रेरित किया गया. मुख्य अतिथि पद्मश्री मुकुंद नायक ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया. उन्होंने कहा कि जल का हमारे जीवन में महत्वपूर्ण स्थान है.
जल है, तो कल है. जल के बिना जीवन की कल्पना अधूरी है, इसलिए जल का संरक्षण बहुत ही जरूरी है. इसके बारे में आप सभी छात्राएं अपने परिवार और पास-पड़ोस के लोगों को जागरूक करें. प्राचार्या सिस्टर हिरमीला ने कहा कि इनसान जब किसी कार्य को करने के लिए ठान लेता है, तो वह उस कार्य के प्रति समर्पित हो जाता है. आप सभी छात्राएं भी ठान लें कि जल का बचाव करना है और इसके प्रति लोगों को जागरूक करना है. जल जीवन के लिए जरूरी है.
हालांकि पृथ्वी के 70 प्रतिशत हिस्से में जल ही जल है और मात्र 30 प्रतिशत हिस्से में भू-मंडल है. इसके बाद भी चहुंओर पानी की समस्या है. इसका समाधान यही है कि सभी लोग एक संकल्प के साथ जल का संरक्षण करें.कार्यक्रम समन्वयक निशा भगत ने स्वागत भाषण में कहा कि पानी की कमी के कारण कई प्रकार की समस्याएं उत्पन्न होने लगी है. पानी बचाने के लिए हमें संकल्प लेने की जरूरत है, ताकि पृथ्वी पर जीवन बचा रहे. कार्यक्रम को मिशन ब्लू के अध्यक्ष पंकज सोनी, एमएस फाउंडेशन के अध्यक्ष नंदलाल नायक, निशा भगत व राकेश शर्मा ने भी संबोधित किया.
गुमला, पद्मश्री मुकुंद नायक ने कहा कि अखड़ा को पुनर्जीवित करना है. इसमें सभी के सहयोग की जरूरत है. मुझे अखड़ा के कारण ही सम्मान मिला है, इसलिए इसके संरक्षण के लिए मैं काम करूंगा. श्री नायक ने बुधवार को गुमला में डीसी श्रवण साय से उनके कार्यालय कक्ष में मुलाकात की. इस दौरान श्री साय ने मुकुंद नायक को फूलों का गुलदस्ता देकर स्वागत किया. 15 मिनट तक श्रवण साय व मुकुंद नायक सादरी में बात की. अखड़ा संस्कृति को बचाने पर चर्चा हुई. नायक ने प्राचीन संस्कृति के संरक्षण पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि सम्मान मिलने के बाद अब जिम्मेवारी काफी बढ़ गयी है. अखड़ा संस्कृति को बचाने के लिए हर वर्ग के लोगों को आगे आने की जरूरत है. वर्तमान दौर में युवा पीढ़ी विकास चाहती है, लेकिन वे अपनी संस्कृति व सभ्यता को भूलते जा रहे हैं.
यह चिंता की बात है. युवा पीढ़ी में संस्कृति व सभ्यता को बचाने की ललक होनी चाहिए, तभी हम सुंदर समाज की कल्पना कर सकते हैं. श्री नायक ने मुख्यमंत्री रघुवर दस के कामों की प्रशंसा करते हुए कहा कि सीएम अच्छा काम कर रहे हैं. वे लोक संस्कृति को भी बचाने में सहयोग कर रहे हैं. डीसी श्रवण साय ने कहा कि अभी के युग में संस्कृति को बचाना जरूर चुनौती है, लेकिन प्रयास हो, तो इसका संरक्षण हम कर सकते हैं. डीसी ने कहा कि हमरे मन अब बुढ़ाली. अब युवा पीढ़ी मन के आगे आवेक कर जरूरी है.
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