अनुकंपा पर नौकरी के लिए भटक रही है अनु

Published at :01 May 2017 1:20 AM (IST)
विज्ञापन
अनुकंपा पर नौकरी के लिए भटक रही है अनु

माता-पिता का हो चुका है निधन पिता दुलार सिंह (स्वर्गीय) लघु सिंचाई प्रमंडल गुमला में कोषरक्षक के पद पर कार्यरत थे गुमला : सिर से मां-बाप का साया हटने के बाद अनुकंपा पर नौकरी की मांग को लेकर पालकोट प्रखंड के टेंगरिया गांव निवासी अनु कुमारी दर-दर भटकने को विवश है. अनु के पिता दुलार […]

विज्ञापन
माता-पिता का हो चुका है निधन
पिता दुलार सिंह (स्वर्गीय) लघु सिंचाई प्रमंडल गुमला में कोषरक्षक के पद पर कार्यरत थे
गुमला : सिर से मां-बाप का साया हटने के बाद अनुकंपा पर नौकरी की मांग को लेकर पालकोट प्रखंड के टेंगरिया गांव निवासी अनु कुमारी दर-दर भटकने को विवश है. अनु के पिता दुलार सिंह (स्वर्गीय) लघु सिंचाई प्रमंडल गुमला में कोषरक्षक के पद पर कार्यरत थे. दो मई 1967 से कार्यरत दुलार सिंह की कार्यावधि के दौरान ही एक नवंबर 2002 को बीमारी की वजह से निधन हो गया. पिता के निधन के सात माह बाद ही अनु की मां का भी निधन हो गया.
तब अनु महज नौ वर्ष की थी. माता-पिता के निधन के बाद अनु ने अनुकंपा पर नौकरी के लिए लघु सिंचाई प्रमंडल गुमला में आवेदन दिया. लेकिन उम्र कम होने के कारण अनु को नौकरी नहीं मिली. इसके बाद बालिग होने पर 15 मई 2012 को (18 वर्ष की उम्र पार करने के बाद) दोबारा लघु सिंचाई प्रमंडल गुमला को आवेदन दी. लेकिन विभागीय पदाधिकारी ने समय पार हो जाने का हवाला दे कर नौकरी देने से इंकार कर दिया.
लघु सिंचाई प्रमंडल गुमला में निराशा हाथ लगने के बाद अनु शुक्रवार को गुमला उपायुक्त श्रवण साय से मुलाकात की. पूरे मामले की जानकारी दी और पिता के स्थान पर अनुकंपा पर नौकरी देने की मांग की. अनु ने बताया कि उसके जीविकोपार्जन का कोई सहारा नहीं है. वह इंटर तक पढ़ी है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola