दोषी वार्ड पार्षदों पर एफआइआर का निर्देश
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :27 Apr 2017 8:20 AM (IST)
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नगर विकास विभाग के उपसचिव ने नगर परिषद के इओ को लिखा पत्र. कहा : बार बार निर्देश के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही है. आप भ्रमित न करें और दोषी पार्षदों की सूची उपलब्ध करायें. दुर्जय पासवान गुमला : नगर परिषद गुमला के कार्यपालक पदाधिकारी मलीन बस्ती, पीएम आवास व अन्य योजनाओं में गड़बड़ी […]
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नगर विकास विभाग के उपसचिव ने नगर परिषद के इओ को लिखा पत्र. कहा : बार बार निर्देश के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही है. आप भ्रमित न करें और दोषी पार्षदों की सूची उपलब्ध करायें.
दुर्जय पासवान
गुमला : नगर परिषद गुमला के कार्यपालक पदाधिकारी मलीन बस्ती, पीएम आवास व अन्य योजनाओं में गड़बड़ी करने वाले दोषी वार्ड पार्षद, पदाधिकारी व कर्मियों पर एफआइआर करने से कतरा रहे हैं. यहां तक कि नगर विकास विभाग द्वारा दोषी वार्ड पार्षदों की सूची मांगी गयी थी, लेकिन सूची भी उपलब्ध नहीं करा रहे हैं और दोषियों को बचाने में लगे हुए हैं.
नगर परिषद गुमला के इओ रामाशंकर राम द्वारा दोषी वार्ड पार्षदों के खिलाफ कार्रवाई नहीं किये जाने के बाद नगर विकास एवं आवास विभाग के उप सचिव मनीषा जोसेफ तिग्गा ने इसे गंभीरता से लेते हुए इओ को 24 अप्रैल 2017 को पत्र लिखा है. पत्र में उपसचिव ने कहा है कि बार-बार निर्देश देने के बावजूद आपके द्वारा दोषी वार्ड पार्षदों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं की गयी है और न ही सूची उपलब्ध करायी जा रही है. उपसचिव ने इओ को तत्काल सूची उपलब्ध कराने के लिए कहा है, ताकि दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा सके.
तीन पत्र लिखा गया, पर कार्रवाई नहीं की
नगर विकास विभाग द्वारा नगर परिषद गुमला के कार्यपालक पदाधिकारी को तीन पत्र लिखा गया है, जिसमें दोषियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने का निर्देश दिया गया था. पहला पत्र 21 दिसंबर 2016, दूसरा 17 फरवरी 2017 व तीसरा छह अप्रैल 2017 को पत्र लिखा गया है, लेकिन इन तीनों पत्रों पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है.
इओ पर मामले को उलझाने का आरोप
उप सचिव मनीषा जोसेफ तिग्गा ने कार्यपालक पदाधिकारी को लिखे पत्र में कहा है कि आपको बार-बार पत्र लिख कर निर्देश दिया गया है कि नगर परिषद के दोषी वार्ड पार्षद, पदाधिकारी व कर्मियों के खिलाफ विभाग को पत्र लिखते हुए एफआइआर दर्ज करें. लेकिन हर समय आपके द्वारा मामले को उलझाने का प्रयास किया गया जा रहा है. जबकि पूर्व में ही आपको प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया गया है, लेकिन आप भ्रमित कर रहे हैं. पत्र में कहा गया है कि आप अविलंब चिह्नित कर दोषी लोगों का नाम दें, ताकि उनपर एफआइआर किया जा सके.
गरीब लाभुकों से पार्षदों ने घूस लिया है
गुमला में वार्ड पार्षदों ने मलीन बस्ती आवास योजना में गड़बड़ी की है. गरीब लाभुकों से 10-10 हजार रुपया घूस ले लिया है, जिसके कारण कई लाभुकों का घर अभी तक नहीं बन पाया है. यहां तक कि कई वार्ड पार्षद खुद ठेकेदार बन घर बनाने का जिम्मा लिये थे, लेकिन घर नहीं बनवाये. एसडीओ केके राजहंस की जांच में गड़बड़ी मिल चुकी है. एसडीओ ने पहले ही एफआइआर करने की अनुशंसा की थी. मलीन बस्ती के अलावा पीएम आवास योजना में भी लाभुकों से 20-20 हजार रुपये की उगाही की गयी है. इसके लिए नगर परिषद में खरीद की गयी विभिन्न सामग्री में भी घोटाला हुआ है.
डीसी के निर्देश का भी पालन नहीं किया
डीसी श्रवण साय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को एफआइआर करने का निर्देश दिया था, लेकिन डीसी के निर्देश का भी इओ द्वारा पालन नहीं किया गया. नगर परिषद के पदाधिकारी हर समय मामले को उलझाते रहे हैं. यहीं वजह है कि नगर परिषद बीते दो सालों से सुर्खियों में हैं.
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