पढ़ें...धर्म नहीं बदला, तो गांव से निकाला, 10 वर्षो से बनवास काट रहा ये शख्स

Published at :24 Apr 2017 6:36 PM (IST)
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पढ़ें...धर्म नहीं बदला, तो गांव से निकाला, 10 वर्षो से बनवास काट रहा ये शख्स

– झोपड़ी बनाकर रह रहा है मरदा जंगल में-घर वापसी के लिए एतवा ने थाने से गुहार लगायी-एतवा का पूरा परिवार कर लिया है धर्म परिवर्तन– पत्नी व बेटे समेत 12 लोगों पर जबरन धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का आरोप  दुर्जय पासवान गुमला : झारखंड में गुमला प्रखंड के चरका जामटोली निवासी एतवा […]

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– झोपड़ी बनाकर रह रहा है मरदा जंगल में
-घर वापसी के लिए एतवा ने थाने से गुहार लगायी
-एतवा का पूरा परिवार कर लिया है धर्म परिवर्तन
– पत्नी व बेटे समेत 12 लोगों पर जबरन धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का आरोप 

दुर्जय पासवान

गुमला : झारखंड में गुमला प्रखंड के चरका जामटोली निवासी एतवा खड़िया (58 वर्ष) ने धर्म परिवर्तन नहीं किया तो उसे गांव से निकाल दिया गया. दस वर्षो से वह बनवास काट रहा है. पालकोट के मरदा जंगल में घास फूस का झोपड़ीनुमा घर बनाकर वह आश्रय लिये हुए है. भूख मिटाने के लिए आसपास के गांव या फिर गुमला शहर में भीख मांग कर पेट पाल रहा है. सोमवार को एतवा खड़िया ने गुमला थाना प्रभारी को आवेदन सौंप कर घर वापसी कराने की गुहार लगाया है. उसने धर्म परिवर्तन के लिए पत्नी, बेटे समेत गांव के 12 लोगों पर जबरन दबाव बनाने व घर से बेदखल कर गांव से निकालने का आरोप लगाया है.

एतवा के आरोप के बाद पुलिस जांच में जुटी
एतवा द्वारा धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाने व गांव से निकाले जाने की शिकायत करने के बाद गुमला थाना की पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. सोमवार को नक्सली बंदी होने के कारण पुलिस चरका जामटोली गांव नहीं गयी. मंगलवार को पुलिस गांव जाकर मामले की जांच करेगी.

एतवा ने इन लोगों पर लगाया है आरोप
एतवा ने पत्नी, बेटे, बहू के अलावा 12 लोगों को आरोपी बनाया है. इसमें सुअरगुड़ा के पास्टर शनिचर उरांव, चरका जामटोली के सुषमा कुमारी, सुधईन लोहराइन, मंगरा लोहरा, सोमारी उराइंन, गुड़िया उराइंन, पत्नी करमी देवी, बेटा भीन्सु खड़िया, बेटा प्रदीप खड़िया, बेटा शनिचर खड़िया, बहू कलेश्वर खडियाईन, बहू बांधो उराइंन को आरोपी बनाया है.

धर्म नहीं बदलने पर की गयी मारपीट
एतवा ने कहा है कि चरका जामटोली में मेरे घर है. जमीन भी है. 27 डिसमिल जमीन है. दस साल पहले तक उस घर पर मैं रहता था. लेकिन 10 वर्षो से मुङो बेदखल कर गांव व घर से निकाल दिया गया है. वर्तमान में मैं मरदा जंगल में एक झोपड़ी बनाकर रह रहा हूं. मेरे ही घर में जबरन धार्मिक केंद्र खोल लिया गया है. दूसरे धर्म के बहकावे में आकर मेरी पत्नी, तीन बेटे व दो बहू सहित परिवार के अन्य सदस्य धर्म परिवर्तन कर लिये. इसके बाद मुझपर भी दबाव बनाने लगे. एतवा ने कहा कि जब मैंने धर्म परिवर्तन करने से इनकार किया तो मुङो प्रताड़ित किया जाने लगा. मेरे साथ मारपीट भी की गयी. जब मैंने धर्म परिवर्तन नहीं किया तो मुङो गांव से निकाल दिया गया.

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एतवा खड़िया ने लिखित शिकायत की है. मामले की छानबीन की जा रही है. छानबीन के बाद ही कुछ कहा जा सकता है.
(राकेश कुमार, थाना प्रभारी, गुमला)

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