नहीं भागते, तो कई मजदूरों की जान चली जाती
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :14 Feb 2017 2:07 AM (IST)
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दो दर्जन नक्सली आये थे. सभी वरदी पहने थे और हथियार से लैस थे. नक्सली धमकी पर कंपनी ने पुलिस को एक सप्ताह पहले गुमराह किया था. बिशुनपुर(गुमला) : गुरदरी थाना क्षेत्र के काठूपानी गांव में हिंडालको कंपनी द्वारा बॉक्साइट का उत्खनन का काम कराया जाता है. यहां छह नंबर बॉक्साइट खंता संचालित है. घटना […]
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दो दर्जन नक्सली आये थे. सभी वरदी पहने थे और हथियार से लैस थे.
नक्सली धमकी पर कंपनी ने पुलिस को एक सप्ताह पहले गुमराह किया था.
बिशुनपुर(गुमला) : गुरदरी थाना क्षेत्र के काठूपानी गांव में हिंडालको कंपनी द्वारा बॉक्साइट का उत्खनन का काम कराया जाता है. यहां छह नंबर बॉक्साइट खंता संचालित है. घटना स्थल से प्रभात खबर के प्रतिनिधि को जैसी जानकारी मिली, उसके अनुसार रात 10.30 बजे दो दर्जन वरदीधारी नक्सली पहुंचे. सभी हथियार से लैस थे.
करीब आधा घंटे तक नक्सली रूके. पहले मजदूर, गाड़ी चालक व उपचालक को बंधक बनाया. उनका मोबाइल छीना, फिर पिटाई की. इसके बाद नक्सली वहां खड़े गाड़ी से तेल निकाले और आग लगाने लगे. यह देख वहां मौजूद दर्जनों मजदूर किसी प्रकार भाग निकले और जंगल में छिप कर अपनी जान बचायी.
मजदूरों ने बताया कि अगर रात को हम नहीं भागते, तो हमें मार देते. मजदूरों ने कहा : नक्सली जब आये, तो कहने लगे कि हिंडालको कंपनी इस क्षेत्र के मजदूरों व लोगों का शोषण कर रही है. करोड़ों रुपये खुद कमा रही है और इस क्षेत्र के लोगों के जिम्मे पलायन, भुखमरी, गरीबी व बीमारी दे रही है. घटना की सूचना पर सोमवार को गुरदरी थाना के एसआइ चेरबो उरांव पहुंचे. उन्होंने पूछताछ के बाद पत्रकारों को बताया कि किस अपराधी व नक्सली संगठन ने घटना को अंजाम दिया है. इसका पता नहीं चला है. जांच करने के बाद ही कुछ बताया जा सकता है.
घटना स्थल पर हिंडालको के प्रबंधक किरण शंकर सिंह ने बताया कि इससे पूर्व किसी भी नक्सली संगठन द्वारा कोई फरमान जारी नहीं किया गया था और न ही माइंस बंद करने की बात कही गयी है. किन कारणों से किस संगठन द्वारा इस घटना को अंजाम दिया गया है, इसकी जानकारी नहीं है. इधर, जैसे ही एसपी चंदन कुमार झा को घटना की सूचना मिली, वे सुबह घटना स्थल के लिए रवाना हो गये. उन्होंने वाहन जलाने की जानकारी ली.
एक सप्ताह पहले धमकी मिली थी : एक सप्ताह पहले गुरदरी माइंस के धोबी कुटूम बॉक्साइट खंता के समीप टीपीसी नामक नक्सली संगठन द्वारा हिंडालको कंपनी के प्रबंधक किरण शंकर सिंह को आधे घंटे तक बंधक बना कर रखा गया था. उनकी मोबाइल भी छीन ली गयी थी. उस समय नक्सली द्वारा आरोप लगाया गया था कि हिंडालको गांव के लोगों को कोई बुनियादी सुविधा नहीं दे रही है.
उन्होंने गांव के लोगों को बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराये जाने तक बॉक्साइट माइंस बंद रखने के लिए कहा था. ज्ञात हो कि उस समय कंपनी के लोगों ने नक्सलियों से मिली धमकी को झूठ बताते हुए पुलिस को भी गुमराह किया था, जिसका नतीजा है कि नक्सलियों ने गुरदरी काठूपानी में पहुंच कर उत्पात मचाते हुए वाहन जलाया. अगर उस समय कंपनी के लोग पुलिस को सही सूचना देते, तो आज यह घटना नहीं घटती और पुलिस वहां पर्याप्त सुरक्षा देकर नक्सलियों के खिलाफ अभियान चला सकती थी.
बॉक्साइट ढुलाई हुई ठप : हिंडालको के खंता नंबर छह में मशीन में आगजनी की घटना को अंजाम देने, चालक, खलासी एवं मजदूरों के साथ मारपीट करने से सभी चालक, मजदूरों में भय व्याप्त हो गया है. इस कारण बॉक्साइट ढुलाई पूरी तरह ठप हो चुकी है. कोई भी चालक गाड़ी लेकर माइंस जाना नहीं चाह रहा है.
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