बंगाल में शमशेरगंज से नंदीग्राम तक, 100 में से 99 लोगों ने डाल दिया वोट

वोटर
West Bengal Voting: चुनाव आयोग का मानना है कि वोट प्रतिशत में बढ़ोतरी SIR के कारण हुआ है. कई लोगों का कहना है कि कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के कारण भी बड़ी संख्या में मतदाता मतदान करने आ रहे हैं.
मुख्य बातें
West Bengal Voting: कोलकाता: लंबे समय बाद इस बार बंगाल में दो चरणों में मतदान हो रहा है. पहले चरण में 93 प्रतिशत मतदान हो चुका है, जिसे अभूतपूर्व बताया जा रहा है. हाल के समय में बंगाल में किसी भी चुनाव में इतने मतदान नहीं हुए हैं. हालांकि, कई मतदान केंद्रों से ऐसे आंकड़े सामने आये हैं जो सवाल खड़े कर रहे हैं. पहले चरण के मतदान में ऐसे 182 मतदान केंद्र हैं, जहां 99 प्रतिशत मतदान हुआ है. अर्थात 100 में से 99 मतदाताओं ने वोट डाला. एक पलायन ग्रसत इलाके में इतनी संख्या में वोटरों का बूथों पर आना, सवाल खड़ा कर रहा है.
182 बूथों पर 99 प्रतिशत वोट गिरे
चुनाव के पहले चरण में कुल 31,234 बूथों पर मतदान हुआ. इनमें से 99 प्रतिशत वोट सौ से अधिक बूथों पर डाले गए. दिन के अंत तक कुल मतदान प्रतिशत 93.19 रहा. कुल मतदाताओं की संख्या 3 करोड़ 36 लाख थी. इनमें से 99 प्रतिशत वोट 182 बूथों पर डाले गए. आयोग की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, नंदीग्राम का एक बूथ सबसे अधिक मतदान वाले बूथों में से एक है. पहले चरण में कुल 44 केंद्रों पर 95 प्रतिशत से अधिक वोट डाले गए.
इतने सारे वोट कैसे गिरे
राजनीतिक दल पूछ रहे हैं कि क्या किसी भी बूथ पर 100 प्रतिशत मतदान दर्ज किया जा सकता है. आयोग के अनुसार, चूंकि पहले चरण में कोई गड़बड़ी नहीं देखी गई और सभी बूथों पर बड़ी संख्या में वोट दर्ज किए गए, इसलिए उनका मानना है कि लोगों ने स्वेच्छा से मतदान किया. हालांकि, आयोग के सूत्रों के अनुसार, यदि मॉक पोल के दौरान ईवीएम परीक्षण के लिए डाले गए वोटों को हटाया नहीं जाता है, तो ऐसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है. इसलिए, कहा जा रहा है कि उन 182 बूथों में पीठासीन अधिकारी के वोटों की दोबारा जांच की जाएगी. यहां तक कि अगर कोई त्रुटि पाई जाती है, तो मतगणना के दौरान ईवीएम प्रणाली में अतिरिक्त वोटों को रद्द करना संभव है.
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ये स्टॉल कहां स्थित हैं
जानकारों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है, हर लोकसभा या विधानसभा चुनाव में ऐसे कई बूथ होते हैं. कई लोगों का मानना है कि इस बार इनकी संख्या काफी कम है. राजनीतिक दल इस बात का आकलन कर रहे हैं कि ये अतिरिक्त वोट किसे मिलेंगे. जिन विधानसभा क्षेत्रों में ये अतिरिक्त वोट पड़े हैं, उनमें कूच बिहार के दिन्हाटा, सीताई, माथाभंगा, अलीपुरद्वार के कालचीनी, पूर्वी मेदिनीपुर के नंदीग्राम, मुर्शिदाबाद के शमशेरगंज, सूती, रघुनाथगंज और बीरभूम के सिउरी और बोलपुर शामिल हैं.
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By Ashish Jha
डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.
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