हमिन पढ़ब, नक्सली नी बनब!

Published at :23 Mar 2016 7:52 AM (IST)
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हमिन पढ़ब, नक्सली नी बनब!

सराहनीय : नक्सलियों के गढ़ से मुक्त कराये गये बच्चों ने की अपील बिशुनपुर के जमटी गांव के 24 बच्चे अब सुरक्षित हैं. नक्सलियों द्वारा बच्चे मांगे जाने के बाद ये बच्चे पहले अपने को असुरक्षित महसूस कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने इन बच्चों को नक्सलियों के गढ़ से निकाला है. सभी बच्चों को […]

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सराहनीय : नक्सलियों के गढ़ से मुक्त कराये गये बच्चों ने की अपील

बिशुनपुर के जमटी गांव के 24 बच्चे अब सुरक्षित हैं. नक्सलियों द्वारा बच्चे मांगे जाने के बाद ये बच्चे पहले अपने को असुरक्षित महसूस कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने इन बच्चों को नक्सलियों के गढ़ से निकाला है. सभी बच्चों को थाना भवन में रखा गया है.

गुमला : बिशुनपुर प्रखंड के जमटी गांव के 24 बच्चों ने नक्सलियों से अपील की है. कहा है : हमारा बचपन न छीने, हमें पढ़ने दें. हमें भी जीने का हक है. सभी बच्चों ने एक स्वर में कहा : हमिन पढ़ब, नक्सली नी बनब. इधर, अभिभावक अपने बच्चों की पढ़ाई के प्रति जज्बा को देख खुश हैं. अभिभावकों ने कहा है कि हमारे बच्चों को अब नयी जिंदगी मिली है. पहले डर था, कहीं नक्सली उठा कर न ले जायेंगे. लेकिन पुलिस ने हमारे बच्चों का भविष्य बचा लिया.

ज्ञात हो कि गुमला पुलिस नक्सलियों की मांद जमटी गांव में घुस कर सभी 24 बच्चों को निकाल कर अपने साथ बिशुनपुर थाना ले आयी है. इसमें 11 लड़के व 13 लड़कियां हैं. सभी बच्चों को प्रशासन ने गोद ले लिया है. इन बच्चों का स्कूल में दाखिला कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है.

दूसरे बच्चों को भी सुरक्षा देंगे

एसपी भीमसेन टुटी ने कहा : बिशुनपुर इलाके से पहले से नक्सलियों द्वारा बच्चे मांगे जा रहे थे. पुलिस सुरक्षा व पढ़ाई के लिए जमटी के 24 बच्चों को गांव से निकाल कर बिशुनपुर लायी है. दूसरे गांव के बच्चों को भी इसी प्रकार सुरक्षा व शिक्षा दी जायेगी.

कस्तूरबा में होगा नामांकन

डीएसई सच्चिदानंद द्विवेंदु तिग्गा ने कहा : लड़कों को कल्याण विभाग द्वारा संचालित स्कूलों व लड़कियों को बिशुनपुर के कस्तूरबा गांधी बालिका स्कूल में नामांकन कराया जायेगा. होली बाद सभी बच्चे स्कूल जाने लगेंगे. इंटर तक नि:शुल्क शिक्षा मिलेगी.

पहली बार डीसी को देखा

जमटी गांव के बच्चे पहली बार गुमला डीसी से मिले. इससे पहले जितने भी डीसी थे, गांव के बच्चों ने उन्हें नहीं देखा था. डीसी श्रवण साय जब बच्चों से सीधे मुखातिब हुए, तो बच्चों की खुशी का ठिकाना नहीं था. बगल में बैठे माता-पिता भी खुश थे. सभी एकटक डीसी द्वारा बच्चों से की जा रही बात को सुन रहे थे.

जमटी में जनता दरबार लगेगा

डीसी श्रवण साय ने कहा : बनालात एक्शन प्लान के तहत 35 गांवों में विकास का काम हो रहा है. इसमें जमटी गांव भी है. जल्द जमटी में जनता की जरूरतों को पूरा करने के लिए जनता दरबार लगाया जायेगा, जिससे इस क्षेत्र का विकास हो सके.

हाइकोर्ट ने संज्ञान लिया था

सूत्रों के अनुसार, भाकपा माओवादी का सबजोनल कमांडर नकुल यादव बच्चों को उठा कर ले गया है.

बाल दस्ता तैयार किया है. कई बच्चे नक्सलियों के कब्जे में हैं. इस समाचार को प्रभात खबर ने प्रमुखता से छापा था. इसके बाद 22 अप्रैल 2015 को हाइकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया था. तीन मई 2015 को सरकार ने हाइकोर्ट में कहा था कि बच्चे गायब मामले में प्राथमिकी दर्ज की गयी है. बच्चों को बरामद किया जा रहा है.

कुमाड़ी, कटिया के बच्चे असुरक्षित

जमटी गांव के 24 बच्चों को नक्सलियों के गढ़ से निकाल कर पुलिस ने उन्हें नयी जिंदगी दी है, लेकिन कुमाड़ी, कटिया, बोरहा गांव में कई ऐसे बच्चे हैं, जिनका भविष्य अभी भी नक्सलियों के हाथ में हैं, क्योंकि इन गांवों से नक्सलियों ने बच्चे मांगे हैं. इससे गांव के लोग भयभीत हैं. हालांकि ग्रामीणों ने बच्चों को देने से इनकार किया है.

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