एल... नहीं हुआ पाखर पंचायत का विकास
Author : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 25 Oct 2015 8:14 PM
एल… नहीं हुआ पाखर पंचायत का विकास एलडीजीए-19- ताला बंद है शंकर सिंह के घर में.एलडीजीए-20- वर्ष 2013 से अधूरा पड़ा इंदिरा आवास. एलडीजीए-21 जर्जर पथ. एलडीजीए-22 खराब पड़ा चापाकल. एलडीजीए-23 शिवनाथ शाही. एलडीजीए-24 शांति देवी. एलडीजीए-25 सोभन कुमार. एलडीजीए-26 बुदी उरांव. एलडीजीए-27 मुनिया देवी.किस्को/लोहरदगा: किस्को प्रखंड पाखर पंचायत की स्थिति आज भी बदत्तर है. […]
एल… नहीं हुआ पाखर पंचायत का विकास एलडीजीए-19- ताला बंद है शंकर सिंह के घर में.एलडीजीए-20- वर्ष 2013 से अधूरा पड़ा इंदिरा आवास. एलडीजीए-21 जर्जर पथ. एलडीजीए-22 खराब पड़ा चापाकल. एलडीजीए-23 शिवनाथ शाही. एलडीजीए-24 शांति देवी. एलडीजीए-25 सोभन कुमार. एलडीजीए-26 बुदी उरांव. एलडीजीए-27 मुनिया देवी.किस्को/लोहरदगा: किस्को प्रखंड पाखर पंचायत की स्थिति आज भी बदत्तर है. इस पंचायत का आज तक सही तरीके से विकास नहीं हुआ. वर्तमान समय में पाखर पंचायत अनुसूचित जनजाति महिला के लिए आरक्षित कर दिया गया है. पाखर पंचायत में 12 वार्ड बनाये गये हैं. पाखर पंचायत में 5507 लोग निवास करते है. यहां सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य की बदत्तर स्थिति है. पाखर पंचायत के मुखिया शनिचरवा किसान हैं. ग्रामीण विकास को लेकर निराश देखे जा रहे है. पाखर पंचायत में बाक्साइट का भंडार है. कई बड़ी कंपनियां बाक्साइट का खनन व परिवहन करती है. इसके बावजूद क्षेत्र उपेक्षित है. काम के अभाव में लोग पलायन को विवश हैं. पंचायत के कई घरों में ताला बंद है. यहां के लोगों की जमीन में बाक्साइट का खदान है. लेकिन लोग मजदूरी करने दूसरे प्रदेशों में जाने को विवश हैं. पंचायती राज व्यवस्था में भी पाखर पंचायत की दशा नहीं सुधरी. ग्रामीणों को काफी उम्मीदे थी. पंचायत के सिबनाथ शाही का कहना है कि इस क्षेत्र में कोई सुविधा नहीं है. लोग पलायन को विवश हो रहे हैं. सोभन कुमार ने कहा कि पंचायत चुनाव के बाद भी स्थिति में बदलाव नहीं हुआ. कुछ लोगों का विकास हुआ. मुनिया देवी का कहना है कि मुखिया एक इंदिरा आवास नहीं दिला सका, तो वो पंचायत का विकास कैसे करेगा. बुदी उरांव का कहना है कि पंचायत राज व्यवस्था में विकास के नाम पर कुछ लोगों की दुकानदारी चली. नाथपुर गांव निवासी शांति देवी का कहना है कि पांच साल में सिर्फ बातें बनायी गयी. विकास के नाम पर लोगों को छला गया. पाखर पंचायत में वर्ष 2013-14 में सलैया गांव निवासी चिंतू देवी (पति शिबनाथ शाही) को इंदिरा आवास मिला. उन्हें 18,700 रुपये दिया गया. इंदिरा आवास अब तक अधूरा पड़ा है. पाखर पंचायत में पेयजल की भी किल्लत है. चापाकल खराब पड़े हैं. लोग दूषित जल पीने को विवश हैं. इसी इलाके में रोजगार का भी अभाव है. सलैया गांव निवासी शंकर सिंह रोजगार के तलाश में अपने घर में ताला बंद कर दूसरे प्रदेशों में चले गये. उनके घर में ताला बंद है. इसी तरह गांव के अन्य कई घरों में भी ताला लगा है. पाखर की पहचान बाक्साइट खदान के रूप में भी है. लेकिन इस खदान का लाभ क्षेत्र के लोगों को नहीं मिलता है. लोग आज भी गरीबी का दंश झेलने को विवश हैं.
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