प्राचीन धरोहर व अद्भुत प्राकृतिक छटा है टांगीनाथ की
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 25 Dec 2018 1:03 AM
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गुमला : टांगीनाथ धाम में कई पुरातात्विक व ऐतिहासिक धरोहर है, जो आज भी साक्षात है. यहां की कलाकृतियां व नक्काशी देवकाल की कहानी बयां करती है. साथ है कई ऐसे स्रोत हैं, जो 7वीं व 9वीं शताब्दी में ले जाता है. यह धार्मिक के अलावा पर्यटन स्थल के रूप में भी विश्व विख्यात है. […]
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गुमला : टांगीनाथ धाम में कई पुरातात्विक व ऐतिहासिक धरोहर है, जो आज भी साक्षात है. यहां की कलाकृतियां व नक्काशी देवकाल की कहानी बयां करती है. साथ है कई ऐसे स्रोत हैं, जो 7वीं व 9वीं शताब्दी में ले जाता है. यह धार्मिक के अलावा पर्यटन स्थल के रूप में भी विश्व विख्यात है.
गुमला से 70 किमी दूर डुमरी प्रखंड के टांगीनाथ धाम में साक्षात भगवान शिव निवास करते हैं. सैलानियों को यहां धर्म कर्म के अलावा सुंदर व प्राकृतिक दृश्य देखने को मिलेगा.
1989 में पुरातत्व विभाग ने टांगीनाथ धाम के रहस्य से पर्दा हटाने के लिए अध्ययन किया था. यहां जमीन की भी खुदाई की गयी थी. उस समय भारी मात्रा में सोना व चांदी के आभूषण सहित कई बहुमूल्य समान मिले थे. लेकिन कतिपय कारणों से खुदाई पर रोक लगा दी गयी. इसके बाद टांगीनाथ धाम के पुरातात्विक धरोहर को खंगालने के लिए किसी ने पहल नहीं की.
टांगीनाथ में क्या देंखे
टांगीनाथ धाम में यत्र-तत्र सैकड़ों की संख्या में शिवलिंग है. यह मंदिर शाश्वत है. स्वयं विश्वकर्मा भगवान ने टांगीनाथ धाम की रचना की थी. यहां की बनावट, शिवलिंग व अन्य स्रोतों को देखने से स्पष्ट होता है कि इसे आम आदमी नहीं बना सकता है. 1989 में खुदाई में जमीन से आभूषण प्राप्त हुआ था, जो डुमरी थाना में है. त्रिशूल आज भी साक्षात है.
त्रिशूल जमीन के नीचे कितना गड़ा है, यह कोई नहीं जानता है. लेकिन कहा जाता है कि पांच फीट तक नीचे है. जमीन के ऊपर स्थित त्रिशूल के अग्र भाग में कभी जंग नहीं लगता है. यहां कई प्राचीन धरोहर हैं. आसपास का माहौल खुशनुमा है.
कैसे जायें और कहां ठहरें
डुमरी से 10 व गुमला से 75 किमी दूर है. यहां तक जाने के लिए सुगम सड़क है. नदी पर पुल बन गया है. ठहरने की कोई व्यवस्था नहीं है. इसके लिए सैलानियों को गुमला में ठहरना होगा. गुमला से सुबह छह बजे निकले, तो आठ बजे तक पहुंच जायेंगे. पानी की समुचित व्यवस्था है. झरना से पानी गिरता है, जो स्वच्छ है. यहां शाम चार बजे तक रूका जा सकता है. उसके बाद समय का ख्याल रखते हुए लौट जायें.
सावधानी बरतें
आसपास घना जंगल व पहाड़ है, इसलिए इधर-उधर जाने से बचें. अगर कहीं जा रहे हैं, तो तीन-चार लोग समूह में घूमने जायें. अगर कोई सूचना देनी हो, तो नजदीक में डुमरी थाना है. डुमरी थाना का नंबर 9431706209 है.
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