13 घंटे बाद मुक्त हुए वनरक्षी व ट्रैकर

Published at :10 Apr 2018 3:33 AM (IST)
विज्ञापन
13 घंटे बाद मुक्त हुए वनरक्षी व ट्रैकर

पालकोट (गुमला) : पालकोट वन्य प्राणी आश्रयणी क्षेत्र के दो वनरक्षी व तीन ट्रैकर 13 घंटे बाद बोराडीह गांव से मुक्त कराये गये. सोमवार की सुबह चार बजे सभी को मुक्त कराया गया. ग्रामीणों ने इन पांचों को रविवार को दिन के करीब तीन बजे गांव में ही बंधक बना लिया था. गाड़ी भी जब्त […]

विज्ञापन

पालकोट (गुमला) : पालकोट वन्य प्राणी आश्रयणी क्षेत्र के दो वनरक्षी व तीन ट्रैकर 13 घंटे बाद बोराडीह गांव से मुक्त कराये गये. सोमवार की सुबह चार बजे सभी को मुक्त कराया गया. ग्रामीणों ने इन पांचों को रविवार को दिन के करीब तीन बजे गांव में ही बंधक बना लिया था. गाड़ी भी जब्त कर ली थी. वे रेंजर महेश प्रसाद गुप्ता को गांव में बुलाने की मांग कर रहे थे. रेंजर के नहीं पहुंचने पर रातभर वनरक्षी व ट्रैकर को ग्रामीणों ने बंधक बनाये रखा. सोमवार की सुबह पालकोट पुलिस के प्रयास से सभी को मुक्त किया गया.

ग्रामीणों ने वनरक्षी व ट्रैकर को मुक्त करते हुए कहा है कि दोबारा इस इलाके में घुसने पर नहीं छोड़ेंगे. इसबार छोड़ रहे हैं, लेकिन दोबारा हाथी कॉरिडोर बनाने के लिए अगर सीमांकन करने पहुंचे, तो किसी भी स्थिति में छोड़ा नहीं जायेगा. इधर, ग्रामीणों से मुक्त होने के बाद वनरक्षी महेश चंद्र बेदिया ने कहा कि केंद्र सरकार के निर्देश के अनुसार बाघ बचाने की मुहिम चल रही है. चूंकि पालकोट वन्य प्राणी आश्रयणी क्षेत्र है. इस क्षेत्र में बाघ आते रहते हैं, इसलिए बाघ के ठहराव के लिए बोराडीह जंगल में सर्वे करने गये थे. लेकिन गांव वालों ने यह कह कर बंधक बना लिया कि हमलोग हाथी कॉरिडोर के लिए सीमांकन करने पहुंचे हैं. बड़ी मुश्किल से पुलिस की पहल पर ग्रामीणों ने हमें मुक्त किया है.

ग्रामीणों ने एकजुट होकर बनाया था बंधक
जानकारी के अनुसार, दो वनरक्षी व तीन ट्रैकर गाड़ी लेकर रविवार की सुबह बोरहाडीह गांव गये थे. यहां सर्वे का काम करने के बाद ये लोग दिन के करीब तीन बजे लौट रहे थे, तभी गांव के महिला व पुरुष पहुंच गये. एकजुट होकर पांचों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों ने वनकर्मियों से इस क्षेत्र में आने का कारण पूछा. वनकर्मियों ने जवाब दिया, लेकिन हाथी कॉरिडोर बनाने की आशंका पर ग्रामीणों ने पांचों को बंधक बना लिया. बंधक बनाने की सूचना जैसे ही रेंजर महेश प्रसाद गुप्ता को हुई, उन्होंने तुरंत इसकी सूचना डीएफओ को दी. डीएफओ ने इसकी जानकारी एसपी अंशुमान कुमार को देते हुए वनरक्षी व ट्रैकर को मुक्त कराने की मांग की. एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी राजेंद्र रजक को तुरंत गांव जाकर वनकर्मियों को मुक्त कराने के लिए कहा. रविवार की रात को पुलिस के काफी प्रयास के बाद भी कर्मी मुक्त नहीं हुए. सोमवार की सुबह चार बजे सभी को मुक्त कराया गया.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola