हमारा जीवन जंगल व पानी है, इसे बचायें

Published at :06 Jun 2017 9:01 AM (IST)
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हमारा जीवन जंगल व पानी है, इसे बचायें

पहल. केंद्रीय राज्य रेल मंत्री ने बिशुनपुर से अभियान की शुरुआत की, कहा बिशुनपुर : घटते जंगल व जल संकट को देखते हुए विकास भारती बिशुनपुर पूरे झारखंड में पानी व जंगल बचाने की मुहिम चलायेगी. इसका शुभारंभ सोमवार को विकास भारती बिशुनपुर के प्रागंण से हुआ. पानी व जंगल बचाने की इस मुहिम में […]

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पहल. केंद्रीय राज्य रेल मंत्री ने बिशुनपुर से अभियान की शुरुआत की, कहा
बिशुनपुर : घटते जंगल व जल संकट को देखते हुए विकास भारती बिशुनपुर पूरे झारखंड में पानी व जंगल बचाने की मुहिम चलायेगी. इसका शुभारंभ सोमवार को विकास भारती बिशुनपुर के प्रागंण से हुआ. पानी व जंगल बचाने की इस मुहिम में 600 जलदूत काम करेंगे. मुहिम को जन-आंदोलन का रूप देते हुए इसमें गांव के लोगों का सहयोग लिया जायेगा. पानी व जंगल बचाने की मुहिम का शुभारंभ केंद्रीय राज्य रेल मंत्री मनोज सिन्हा, केंद्रीय राज्य कृषि मंत्री सुदर्शन भगत, स्पीकर दिनेश उरांव, पद्मश्री अशोक भगत, गुमला विधायक शिवशंकर उरांव, हटिया विधायक नवीन जायसवाल, मनिका विधायक हरेकृष्णा सिंह, पूर्व गृह सचिव जेबी तुबीद व डीसी श्रवण साय ने किया.
युवा पीढ़ी आगे आये : जेबी तुबीद
पूर्व गृह सचिव जेबी तुबिद ने कहा कि हमारा वनों का समाज है. आप गांव के लोग वन के मालिक हैं. आपको बताने की जरूरत नहीं कि कैसे पर्यावरण को बचाना है. अभी जरूरत है, हम जंगल व पानी बचायें. भविष्य के लिए हमें काम करना होगा. युवा पीढ़ी आगे आये. सरकार भी इसमें काम कर रही है. एक-एक बूंद पानी बचायें.
युवा गांव के लोगों को जगायें : हरिकृष्णा सिंह
मनिका विधायक हरिकृष्णा सिंह ने कहा कि पानी व जंगल बचाने को लेकर जो स्थिति है] यह सोचनीय विषय है. आप सोच सकते हैं कि पानी, जंगल नहीं रहेगा, तो हम कैसे जीयेंगे. युवा साथियों को पानी व जंगल के प्रति गंभीर होने होगा. गांव की सुरक्षा का सवाल है. हमें जागरूक होना होगा. आप युवा गांवों में जायें. लोगों को पानी व जंगल बचाने के लिए प्रेरित करें. मिल कर प्रयास करेंगे, तो गांव व शहर सुंदर होगा.
कुछ नया करने का संकल्प लें
हटिया विधायक नवीन जायसवाल ने कहा कि अशोक भगत ने इस क्षेत्र को जन्नत बना दिया है. आज हम पर्यावरण से लेने का काम कर रहे है, लेकिन कुछ नहीं दे रहे हैं. जरूरी है हम पर्यावरण को कुछ दें. पर्यावरण को बचायें. आप युवा में असीम शिक्त है. आप उसका उपयोग करें. युवा कुछ करने का संकल्प लें. जरूरी नहीं कि आप बोले. जरूरी है कि आप कुछ करें.
युवा ही भारत है. हम गांव को बचायें. पर्यावरण का संरक्षण करें.
पौधरोपण किया : अतिथियों ने विकास भारती के परिसर में पौधरोपण किया. सभी अतिथियों ने एक-एक पौधा लगाया. साथ ही लोगों से एक पौधा लगाने की अपील की. इससे पहले अतिथियों ने विकास भारती द्वारा संचालित विभिन्न कार्यक्रमों का अवलोकन किया. युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए हो रहे पहल को भी देखा. मंच का संचालन शशि ने किया. धन्यवाद विकास भारती के सचिव ज्ञापन महेंद्र भगत ने किया. कार्यक्रम में डीसी श्रवण साय, महेश शर्मा, पूर्व विधायक रमेश उरांव, सुषमा सिंह, रंजना चौधरी, डॉ संजय पांडेय, प्रमुख रामप्रसाद बड़ाइक, बीडीओ उदय सिन्हा सहित कई लोग थे.
नदियों को बचाने की जरूरत है : मनोज
मंत्री मनोज सिन्हा ने कहा कि विज्ञान के ज्यादा उपयोग से पर्यावरण संकट बढ़ा है. संतुलन बनाये रखने की जरूरत है. आज गिद्ध प्रजाति विलुप्त हो रही है. इसके संरक्षण के लिए सरकार काम कर रही है. कृषि योग्य भूमि का उपयोग कम होने से हम जंगलों पर ज्यादा आश्रित हो गये हैं. हम सब की जिम्मेवारी है. जंगल व पानी बचायें. हमारा जीवन जंगल व पानी है.
आज अगर हम इसे बचा लेंगे, तो आने वाली पीढ़ी हमें युगों युग तक याद करेगी. श्री सिन्हा ने कहा कि उद्योगों के बढ़ावा के साथ पर्यावरण की अवधारणा बढ़ी है. हमें सचेत किया है. हम कुछ बचायें. आज पर्यावरण पूरे विश्व की चिंता है. इसे बचाने का काम भी हो रहा है. लेकिन मैंने झारखंड में देखा है. मंत्री सुदर्शन जी से बात भी हुई है. यहां हर घर में तुलसी का पौधा लगाने की परंपरा है. अच्छी परंपरा है. इसी प्रकार हम पेड़ भी लगाये. उद्योग का जितनी तेजी से विकास हुआ है. प्रकृति का विनाश हो रहा है.
पॉलिथीन के उपयोग से हम बचें : सुदर्शन
केंद्रीय राज्य कृषि मंत्री सुदर्शन भगत ने कहा कि कुछ उपयोगिता के कारण हम जरूर जंगल व पानी को बचाने में पीछे हो रहे हैं. लेकिन अभी भी समय है. हम अपनी सोच बदले. जंगल व पानी के संरक्षण करें. जंगल कट रहा है. इसपर रोक लगाने की जरूरत है.
आप सभी प्लास्टिक से बचे. हम पेड़ लगाये. गांव का पानी गांव में रोके. पानी व जंगल को बचाने के लिए विकास भारती ने जन आंदोलन का रूप लिया है. हम इस आंदोलन में मिल कर काम करें. हम प्रकृति को बचायें. पूर्वजों के समय से हम जंगल को पूजते आ रहे हैं. कुछ उपयोगिता के कारण हम जरूर जंगल व पानी को बचाने में पीछे हो रहे हैं. लेकिन अभी भी समय है. हम अपनी सोच बदले. जंगल व पानी के संरक्षण पर ध्यान दें.
पेड़ व पानी को हम बचायें : स्पीकर
विधानसभा अध्यक्ष दिनेश उरांव ने कहा कि हम समय के साथ आगे बढ़ रहे हैं. सरकार काम कर रही है. लेकिन अभी की जो मांग है. हम पेड़ व पानी बचायें. प्रकृति को हम बचायें. बहुत विकट परिस्थिति है. हम इससे निकलने का प्रयास करें. पेड़ व पानी को बचाये.
धरती को नष्ट होने से बचाये : शिवशंकर
गुमला के विधायक शिवशंकर उरांव ने कहा कि इस धरती की गरमी को रोकने के लिए पूरा विश्व लगा है. अगर हम पर्यावरण को नहीं बचायेंगे, तो धरती नष्ट हो जायेगी. हम आज के दिन पानी व जंगल बचाने का संकल्प लें. गांव के लोगों पर बहुत बड़ी जिम्मेवारी है. हम आज जतरा भगत की इस धरती से कुछ करने का संकल्प लें. पूर्व विधायक समीर उरांव ने कहा कि जंगल व जमीन बचाने का संकल्प लें, तभी हम भविष्य को सुरक्षा प्रदान कर सकते हैं.
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