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'क्या नाई के कैंची चलाने से ही फैल जायेगा कोरोना, जब सभी को कारोबार करने को परमिशन तो फिर...?'

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
Jharkhand news : अपनी समस्या को बताते नाई संघ के सदस्य.
Jharkhand news : अपनी समस्या को बताते नाई संघ के सदस्य.
प्रभात खबर.

Coronavirus Impact : गोड्डा (निरभ किशोर) : पिछले 5 माह से लॉकडाउन तथा अनलॉक की मार झेल रहे गोड्डा जिले के नाई संगठन के सदस्यों ने ने गुरुवार को एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए सोशल डिस्टैंसिंग के माध्यम से स्थानीय बस स्टैंड परिसर में अपनी दर्द बयां किया. इस दौरान नाई संघ के जिलाध्यक्ष जितेंद्र ठाकुर के साथ सचिव मिथिलेश ठाकुर ने नेतृत्व करते हुए सरकार तथा प्रशासन से अविलंब दुकान खोलने की मांग की है. जिला नाई संघ ने अपनी बातों को रखते हुए कहा कि कोरोना संक्रमण काल में उनके परिवार एक- एक दाने को मोहताज हो गये हैं.

हर दिन सैलून चला कर अपने परिवार का पालन पोषण करने वाले समाज के लोगों की पीड़ा लगातार बढ़ती जा रही है. सदस्यों ने कहा कि अब पानी सिर से ऊपर बह रहा है. अगर ध्यान नहीं दिया गया, तो नाई समाज भूखमरी और गरीबी के बीच विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हो जायेंगे.

क्या है स्थिति

संघ ने जानकारी देते हुए बताया कि शहरी क्षेत्र में करीब 200 तथा जिले भर में 500 से अधिक छोटे- बड़े सैलून चला कर 1000 नाई प्रतिदिन रोजगार प्राप्त करते हैं. नाई परिवार के करीब 4000 सदस्य इस रोजगार से दो वक्त की रोटी पा रहे हैं. संगठन अध्यक्ष जितेंद्र ठाकुर ने कहा कि मार्च से लेकर अब तक दुकान नहीं खुलने की वजह से मकान मालिक को किराया नहीं दे पा रहे हैं. इस स्थिति में सभी मकान मालिक दुकान खाली करने का हुक्म जारी कर दिया है. दुकान का किराया 3000 से लेकर 6000 रुपये तक है, जबकि 5 माह के दौरान एक रुपया भी नसीब नहीं हो पाया है.

नाई संघ ने यह भी कहा कि सरकार तथा प्रशासन केवल सैलून पर ही पाबंदी क्यों लगा रखी है. यह भी कहा कि जिले के मॉल, नाश्ता चाय, फल, सब्जी, दुकान, ऑटो, टोटो, जूता- चप्पल, इलेक्ट्रानिक्स, इलेक्ट्रिकल्स, हाडवेयर, कपड़ा दुकान आदि दुकानों को खोलने का परमिशन मिला है तथा महीनों से रोजगार चल रहा है, मगर नाई की कैंची और ब्लेड से ही कोरोना का संक्रमण ज्यादा दिखायी दे रहा है. सरकार नाईयों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है. इससे पहले अपनी समस्याओं को लेकर 3 जुलाई को डीसी तथा मुख्यमंत्री को आवेदन प्रेषित किया है. बावजूद इसके अब तक विचार नहीं हुआ है.

नहीं निकला रास्ता, तो होंगे आंदोलन करने को बाध्य

संघ ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर 2 दिनों में उनके मामले पर सहानुभूति पूर्वक विचार नहीं किया गया, तो बाध्य होकर आंदोलन की राह पकड़ेंगे. इस दौरान मुख्य रूप से रतन ठाकुर, कुमोद ठाकुर, पप्पू ठाकुर, कृष्ण मोहन ठाकुर, पवन ठाकुर, छत्तीस ठाकुर, शिव कुमार ठाकुर, विकास ठाकुर, अरविंद ठाकुर, विपलव ठाकुर, निरंजन ठाकुर आदि मुख्य रूप से मौजूद थे.

Posted By : Samir Ranjan.

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