गुडमेश्वर धाम में श्रद्धा के साथ की गयी विपदतारिणी पूजा

Updated:
विज्ञापन

पोड़ैयाहाट के गुडमेश्वर धाम में मां विपदतारिणी की पूजा श्रद्धा के साथ की गई। श्रद्धालुओं ने सुख-समृद्धि और संकटों से रक्षा के लिए विधि-विधान से पूजा अर्चना की।

विज्ञापन

पोड़ैयाहाट, गोड्डा: पोड़ैयाहाट स्थित प्रसिद्ध गुडमेश्वर धाम मंदिर में शनिवार को मां विपदतारिणी पूजा श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनायी गयी. सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. बड़ी संख्या में महिलाएं लाल साड़ी पहनकर व्रत रखते हुए मंदिर पहुंचीं और विधि-विधान से मां विपदतारिणी की पूजा-अर्चना की. उन्होंने परिवार पर आनेवाले संकट, बीमारी और कष्टों से रक्षा तथा सुख-समृद्धि की कामना की. पूजा के दौरान मंदिर परिसर मां के जयकारों और भजन-कीर्तन से भक्तिमय बना रहा. श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को विपदतारिणी पूजा की शुभकामनाएं भी दीं. पूजा संपन्न करानेवाले पुजारियों ने श्रद्धालुओं को पूजा की धार्मिक मान्यताओं और विधि-विधान की जानकारी दी. पूजा में 13 अंक का विशेष महत्व माना जाता है.

आपके शहर में

विज्ञापन


इसी परंपरा के तहत मां को 13 प्रकार के फल, 13 प्रकार के फूल और 13 प्रकार के मिष्ठान अर्पित किये गये. पूजा के बाद पंडितों ने लाल रंग का रक्षा-सूत्र तैयार किया, जिसमें दूब घास बांधकर 13 गांठें लगायी गयी. धार्मिक मान्यता है कि रक्षा-सूत्र को कलाई या बांह में बांधने से मां विपदतारिणी भक्तों को हर प्रकार की विपदा से बचाती हैं. परिवार की रक्षा करती हैं. मंदिर के मुख्य पुजारी ने बताया कि आषाढ़ माह के मंगलवार और शनिवार को मां विपदतारिणी की पूजा का विशेष महत्व है. इस दिन श्रद्धापूर्वक व्रत और पूजा करने से घर में सुख-शांति, समृद्धि तथा परिवार के सदस्यों की मंगलकामना पूर्ण होती है.


विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola