27 वर्ष पूर्व बने स्टेडियम पर ध्यान नहीं दे रही परियोजना, बारिश व गर्मी में खिलाड़ियों को होती है परेशानी

Updated at : 26 Sep 2024 11:13 PM (IST)
विज्ञापन
27 वर्ष पूर्व बने स्टेडियम पर ध्यान नहीं दे रही परियोजना, बारिश व गर्मी में खिलाड़ियों को होती है परेशानी

जिले का एकमात्र बेहतर राजेंद्र स्टेडियम भी इसीएल की उपेक्षा का शिकार, पदाधिकारी नहीं देते ध्यान

विज्ञापन

महागामा के ऊर्जानगर में करीब 27 वर्ष पहले जिले का सबसे बेहतर व एकमात्र बनाया गया स्टेडियम अपने ही इसीएल की उपेक्षा का शिकार है. जिस राजमहल कोल परियोजना द्वारा महागामा के ऊजानगर में राजेंद्र स्टेडियम का निर्माण कराया गया, उक्त स्टेडियम पर परियोजना का ध्यान नहीं दिये जाने की वजह से स्थिति बेकार हो गयी है. परियोजना द्वारा स्टेडियम को बेहतर बनाने में अब तक बड़ी पहल नहीं किया गया है. इस वजह से यहां सुबह को नगर के आम लोगों के अलावा बड़ी संख्या में खिलाड़ियों को परेशानी झेलना पड़ रहा है.

स्टेडियम की सफाई नहीं, मिट्टी का डंप, राजनीतिक दल भी लगातार करते है कार्यक्रम :

जिले का सबसे बड़ा स्टेडियम होने की वजह से यहां राजनीतिक व गैरराजनीतिक के अलावा धार्मिक कार्यक्रम भी लगातार आयोजित किया जाता है. स्टेडियम में बनाये जाने वाले बड़े-बड़े पंडाल के बाद यहां कांटी व शीशा के अलावा इन दिनों बड़ी मात्रा में मिट्टी डंप है. बदहाली से जूझ रहा स्टेडियम सुबह-शाम टहलने व खेलने आने वाले खिलाड़ियों के लिए दुखदायी साबित हो रहा है. इस संबंध में स्टेडियम में अभ्यास करने वाले अजय कुमार, लक्ष्मी कुमारी, मुस्कान खातून, नेहा कुमारी, वर्षा कुमारी, रॉकी कुमार, का कहना है कि 11 सितंबर को स्टेडियम में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के बाद से अब तक साफ सफाई नहीं की गयी है. दस दिन बीत जाने के बावजूद ना तो सफाई हुई और ना ही पंडाल व बड़े-बड़े होर्डिंग लगाने के लिए जमा किये गये मिट्टी को हटाकर स्टेडियम का समतलीकरण ही किया गया. स्टेडियम के बीचों-बीच छोटी नाली बनाकर छोड़ दी गयी है. स्टेडियम में गंदगी फैली हुई हुई है. खेलने वाले जगह पर मिट्टी का ढेर व व डस्ट बिखरा है.

इसीएल ने 1997 में बनाया था स्टेडियम, मुनाफा के बावजूद आज उपेक्षित :

क्षेत्रीय खिलाड़ियों की प्रतिभा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 27 वर्ष पूर्व इसीएल द्वारा स्टेडियम का निर्माण किया गया था. तत्कालीन अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक विमलेंदु देव ने 11 सितंबर 1997 को राजमहल खनिज समूह के मुख्य महाप्रबंधक कैलाश चंद्र पाटनी के साथ संयुक्त रूप से इसका उद्घाटन किया था. आज इसीएल सलाना करोड़ों की राशि मुनाफे के तौर पर कमा रही है, मगर मेंटेनेंस के अभाव में स्टेडियम बदहाल है. सुबह-शाम टहलने वालों में इसीएल कर्मी व महागामा के आसपास के लोग स्टेडियम के बजाय सड़क पर टहलना बेहतर मानते हैं. कहा कि इधर बारिश होने की वजह से स्टेडियम में कीचड़ के बीच वाहनों का आवागमन होने से स्टेडियम पूरी तरह खराब हो गया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola