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महागामा के कोलझारा व भोजूचक के बाद बसंतराय के कैथिया गांव में भी डायरिया से तीन आक्रांत

Updated at : 17 Oct 2024 10:48 PM (IST)
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महागामा के कोलझारा व भोजूचक के बाद बसंतराय के कैथिया गांव में भी डायरिया से तीन आक्रांत

कैंप लगाकर किया जा रहा है छिड़काव, लोगों को बचाव के लिए प्रचार अभियान

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महागामा प्रखंड के समरी पंचायत व भोजूचक में डायरिया के संक्रमण के बाद बसंतराय प्रखंड के कैथिया गांव में भी बीमारी ने पांव पसार लिया है. इस गांव में अब तक कुल तीन लोगों को उल्टी एवं दस्त की शिकायत के बाद इलाज कराया जा रहा है. गांव की आदिवासी महिला 35 वर्षीय छजी मुर्मू , 45 वर्षीय बाबूराम हांसदा, 04 वर्षीय शिवानी कुमारी की तबीयत बिगड़ने पर सदर अस्पताल गोड्डा रेफर कर दिया गया है. इलाज के बाद मरीजों की स्थिति में सुधार की बात कही गयी है.

भोजूचक गांव में बुधवार को छह लोग हुए थे आक्रांत :

महागामा के भेजूचक में बुधवार को ही डायरिया की चपेट में आने से ग्रामीणों में शामिल एक ही परिवार के चार लोगों में 26 वर्षीय मो कादिर, 22 वर्षीय नूरजहां, 16 वर्षीय आशिया एवं 37 वर्षीय मुर्शिदा खातून किे नाम सामिल है. वहीं पांच साल की आफरान, 22 वर्षीय मुन्नी खातून, 12 वर्षीय सुमेया खातून एवं 28 वर्षीय नुसरत खातून के नाम शामिल है. तीनों गांव में डायरिया के प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग महागामा की ओर से कोलझारा गांव के लिए एमपीडब्लू मो असलम रिजवी, मो गुलाम मुर्तजा, एएनएम प्रेमलता, कुमकुम कुमारी, बीटीटी विनय मिश्रा, ममता कुमारी के साथ-साथ भोजूचक के लिए सीएचओ दिपांशु कुमारी, मो रसीद आलम, संजन कुमार एवं अंजन आरा को भेजा गया है.

रोकथाम व जागरूकता के लिए डायरिया नियंत्रण रथ :

तीनों गांव में डायरिया की रोकथाम व लोगों को जागरूक करने के लिए मलेरिया नियंत्रण रथ निकाला गया है. इस रथ के माध्यम से महागामा व बसंतराय क्षेत्र के लोगों को लगातार सफाई का पालन करने, गंदा पानी जमा होने से राेकने साफ व गर्म पानी का सेवन करने तथा ताजा खाना खाने की भी सलाह दी जा रही है. दूसरी तरफ टीम द्वारा गांव में भी सफाई के साथ ब्लीचिंग पावडर का छिड़काव कराया जा रहा है.

महागामा के कालाडुमरिया गांव में दूषित पानी के जमाव से छुटकारा नहीं

एक तरफ जहां महागामा के गांव में डायरिया का प्रकाेप बढ़ गया है, वहीं दूसरी तरफ प्रखंड के विशवाखानी पंचायत के कालाडुमरिया गांव की मुख्य सड़क पर गंदे पानी का जमाव है. पानी निकासी नहीं होने से ग्रामीणों को काफी परेशानी हो रही है. डायरिया के साथ-साथ मच्छर जनित बीमारी के पनपने का डर भी सता रहा है. लोगों का कहना है कि इस मामले में पहल नहीं की जा रही है. ग्रामीणों का कहना है कई महीनों से सड़क पर गंदा पानी जमा है. पास के कई लोग बीमार भी हो रहे हैं. रामकोल पंचायत के डुमरिया गांव की सड़क पर बारिश के पानी की निकासी नहीं होने से सड़क पर गंदा पानी जमा हो रहा है. आसपास के लोगों को महामारी होने का भी डर सता रहा है. प्रखंड क्षेत्र के परसा, रामकोल, कोयला, विश्वशखानी, नयानगर, कुशमहरा, भांजपुर, लौगांय आदि गांव में मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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