पीएमश्री का टैग तो मिला, पर स्कूलों में सुविधाएं नदारद

Updated at : 15 Apr 2025 11:40 PM (IST)
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पीएमश्री का टैग तो मिला, पर स्कूलों में सुविधाएं नदारद

पथरगामा के दो व महागामा के चार विद्यालय हैं शामिल

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पथरगामा/महागामा. पीएम श्री योजना का उद्देश्य विद्यालयों को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर रोल मॉडल बनाना है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर अधिकांश स्कूल अभी भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं. अभिभावकों और स्थानीय लोगों की मांग है कि चयनित विद्यालयों में शीघ्र ही सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि बच्चों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके. गोड्डा जिले के पथरगामा और महागामा प्रखंड के उन विद्यालयों को प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया (पीएम श्री) योजना के तहत चयनित किया गया है, जिन्हें टैग तो मिल गया है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके विपरीत है. कागजों में ये स्कूल पीएम श्री की श्रेणी में दर्ज हैं, परंतु इनमें अपेक्षित आधारभूत संरचना अब तक उपलब्ध नहीं हो सकी है. पथरगामा प्रखंड के दो विद्यालय उत्क्रमित उच्च विद्यालय रामपुर और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय को पीएम श्री योजना के तहत चयनित किया गया है. वहीं महागामा प्रखंड में जवाहर नवोदय विद्यालय ललमटिया, श्री मोहन आदर्श मध्य विद्यालय बालक महागामा, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय और यूएचएस नयानगर का चयन हुआ है. केस स्टडी – 1: उत्क्रमित उच्च विद्यालय, रामपुर (पथरगामा) विद्यालय में पुस्तकालय और स्मार्ट क्लास पहले से ही हैं, लेकिन ये सुविधाएं पीएम श्री योजना के अंतर्गत नहीं बनी हैं. विद्यालय में बेंच-डेस्क की भारी कमी है. मात्र 70 बेंच-डेस्क उपलब्ध हैं, जिनमें से लगभग 30 क्षतिग्रस्त हैं. इस कारण बच्चों को कई बार ज़मीन पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है. यहां दो प्रयोगशालाएं हैं, परंतु लैब टेक्नीशियन की नियुक्ति नहीं की गई है. विद्यालय में 875 छात्र नामांकित हैं, लेकिन अब तक चहारदीवारी का निर्माण नहीं हुआ है. असामाजिक तत्व हैंडवॉश यूनिट को क्षतिग्रस्त कर देते हैं. 13 शिक्षकों में से 5 प्राथमिक और 8 माध्यमिक स्तर के हैं. दो चापाकल में से एक छह महीने से खराब है और दूसरा भी बीच-बीच में काम करना बंद कर देता है. समरसेबल है, परंतु बिजली नहीं रहने पर पानी की समस्या उत्पन्न हो जाती है. विद्यालय में कॉन्फ्रेंस हॉल नहीं है, जिससे आवश्यक कार्यक्रमों का आयोजन बाधित होता है. आठ शौचालय हैं जिनमें रनिंग वाटर की व्यवस्था है. क्या कहते हैं प्रधानाध्यापक पीएम श्री योजना के तहत पब्लिक पार्टिसिपेशन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और संवाद कौशल विकास जैसे कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है. दिलीप यादव, प्रधानाध्यापक केस स्टडी – 2: कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, पथरगामा यहां 483 छात्राएं नामांकित हैं और 12 शिक्षक कार्यरत हैं, जिनमें 7 पार्ट-टाइम और 5 नियमित हैं. एक प्रयोगशाला बन चुकी है और दूसरी निर्माणाधीन है. फिलहाल साइंस शिक्षक ही लैब का संचालन करते हैं, जबकि लैब टेक्नीशियन की नियुक्ति नहीं हुई है. अदाणी पावर कंपनी द्वारा दिए गए दो स्मार्ट क्लास पहले से ही चालू हैं. वार्डन इंदु कुमारी ने बताया कि पीएम श्री योजना के तहत और दो स्मार्ट क्लास बनाए जाने हैं. विद्यालय में खेल मैदान और कार्यक्रम मंच का अभाव है. जलापूर्ति की समस्या बनी रहती है; बोरिंग सूख चुका है और समरसेबल पर निर्भरता है. बिजली नहीं रहने पर पानी की व्यवस्था बाधित होती है. बेंच-डेस्क की भारी कमी है, कक्षा 6 और 7 की छात्राओं को ज़मीन पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है. विद्यालय में स्टाफ क्वार्टर और एप्रोच रोड का भी अभाव है. केस स्टडी 3: महागामा प्रखंड के पीएम श्री स्कूलों की स्थिति महागामा प्रखंड में चार स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय ललमटिया, श्री मोहन आदर्श मध्य विद्यालय बालक, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, और यूएचएस नयानगर को पीएम श्री योजना में शामिल किया गया है. बीपीओ मनोज बालहंस के अनुसार, धनराशि के आवंटन और कार्यान्वयन में देरी के कारण योजनाएं समय पर लागू नहीं हो पा रही हैं. श्री मोहन आदर्श विद्यालय बालक, महागामा: यहां 584 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं. विद्यालय में प्रयोगशाला, पुस्तकालय, शुद्ध पेयजल और भवन की व्यवस्था नहीं है. प्रधानाचार्य अबू सालेह ने बताया कि पीएम श्री फंड प्राप्त हुआ है, जिससे लैब और लाइब्रेरी का निर्माण कराया जाएगा. कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, महागामा: यहां 426 छात्राएं नामांकित हैं. बच्चों के लिए खेलने का मैदान नहीं है और विद्यालय के पीछे की चहारदीवारी क्षतिग्रस्त है, जिसे मरम्मत की आवश्यकता है. यूएचएस नयानगर: 1130 बच्चों का नामांकन है, लेकिन पुस्तकालय, प्रयोगशाला, पर्याप्त शौचालय, बेंच-डेस्क और भवन की कमी है. प्राचार्य फिरदौस अंजुम ने बताया कि पीएम श्री योजना के तहत 6 लाख रुपये की राशि प्राप्त हुई है, जिससे गार्डन, मंच और बेसिन सीट जैसे कार्य किए जा रहे हैं. जवाहर नवोदय विद्यालय, ललमटिया: इस विद्यालय में आवश्यक सभी सुविधाएं मौजूद हैं. प्राचार्य प्रेम कुमार मिश्रा ने बताया कि स्कूल में स्किल डेवलपमेंट, स्मार्ट क्लास, 3डी लैब, पुस्तकालय, खेल सुविधा और पर्यावरण-अनुकूल अवसंरचना के माध्यम से नई शिक्षा नीति 2020 को लागू किया जा रहा है, जिससे विद्यालय को रोल मॉडल के रूप में विकसित किया जा सके.

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