नियमितीकरण की मांग को लेकर एमपीडब्ल्यू कर्मियों का चरणबद्ध आंदोलन जारी

Author Sanjeet kumar|Edited by Sweta Vaidya
Updated:
विज्ञापन
नियमितीकरण की मांग को लेकर एमपीडब्ल्यू कर्मियों का चरणबद्ध आंदोलन जारी

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पथरगामा में काला बिल्ला लगाकर कार्य करते कर्मी. | Prabhat Khabar Network

झारखंड में एमपीडब्ल्यू कर्मियों ने नियमितीकरण की मांग को लेकर चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया है। काला बिल्ला लगाकर विरोध दर्ज कराया जा रहा है।

विज्ञापन

झारखंड एमपीडब्ल्यू कर्मचारी संघ के आह्वान पर नियमितीकरण एवं लंबित मांगों को लेकर पथरगामा और पोड़ैयाहाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं (एमपीडब्ल्यू) का चरणबद्ध आंदोलन मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा. इस दौरान कर्मियों ने काला बिल्ला लगाकर अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया. सीएचसी पथरगामा में काला बिल्ला लगाकर कार्य करने वालों में वसीम अकरम, राजीव मंडल, संजय ठाकुर, शंभू कुमार मंडल, प्रशांत कुमार सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे.

झारखंड एमपीडब्ल्यू कर्मचारी संघ के गोड्डा जिलाध्यक्ष मुकेश कुमार ने बताया कि आंदोलन की शुरुआत 13 जुलाई से सांकेतिक विरोध के रूप में काला बिल्ला लगाकर की गयी है. उन्होंने कहा कि संघ ने एक जुलाई को मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री तथा जेएसएससी के अध्यक्ष को पत्र भेजकर बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता (पुरुष) के 68 पदों एवं क्षेत्रीय कार्यकर्ता के 550 पदों के लिए जारी विज्ञापन को तत्काल निरस्त करने की मांग की थी. संघ का कहना है कि राज्य में सृजित 2,150 पदों के विरुद्ध 1,554 एमपीडब्ल्यू वर्ष 2008 से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत तथा वर्ष 2016 से सृजित पदों पर संविदा के आधार पर कार्यरत हैं. ऐसे में लगभग 18 वर्षों से सेवा दे रहे अनुभवी कर्मियों को नई नियुक्ति निकालने के बजाय स्थायी समायोजन एवं नियमित किया जाना चाहिए.

जिलाध्यक्ष ने बताया कि संघ के प्रदेश अध्यक्ष पवन कुमार एवं प्रदेश महासचिव मंगल हेम्ब्रम द्वारा भेजे गए पत्र में सरकार को 10 दिनों का अल्टीमेटम दिया गया था. सकारात्मक निर्णय नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने की घोषणा की गई थी, जिसके तहत पहले चरण में काला बिल्ला लगाकर विरोध किया जा रहा है. संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो श्रावणी मेला-2026 का बहिष्कार करते हुए रांची स्थित स्वास्थ्य मंत्रालय (नेपाल हाउस) का शांतिपूर्ण घेराव किया जाएगा. आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय की शरण लेने की भी बात कही गयी है. संघ के अनुसार 13 से 16 जुलाई तक काला बिल्ला लगाकर कार्य करते हुए विरोध प्रदर्शन किया जाएगा. 17 से 20 जुलाई तक कर्मी तख्ती एवं मांगपत्र के साथ कार्य करेंगे. 21 से 23 जुलाई तक तीन दिवसीय उपवास एवं भूख हड़ताल आयोजित की जाएगी. वहीं 24 और 25 जुलाई को जिला मुख्यालय स्थित सिविल सर्जन कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया जाएगा.


विज्ञापन
Sanjeet Kumar

लेखक के बारे में

By Sanjeet Kumar

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola