एक चापाकल से प्यास बुझा रही 500 आबादी

Updated at : 01 May 2017 2:00 AM (IST)
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एक चापाकल से प्यास बुझा रही 500 आबादी

प्रभात खबर आपके द्वार. ग्रामीणों ने सुनायी परेशानी, कहा खेतौरी जाति बहुल लालबगीचा गांव में तीन चापाकल में से दो खराब है. स्थिति ऐसी है की सुबह होते ही घर का काम छोड़ लोग पानी की जुगाड़ में जुट जाते हैं. पर्याप्त शौचालय भी नहीं बन पाया है. वृद्धापेंशन का लाभ चार से पांच लोगों […]

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प्रभात खबर आपके द्वार. ग्रामीणों ने सुनायी परेशानी, कहा

खेतौरी जाति बहुल लालबगीचा गांव में तीन चापाकल में से दो खराब है. स्थिति ऐसी है की सुबह होते ही घर का काम छोड़ लोग पानी की जुगाड़ में जुट जाते हैं. पर्याप्त शौचालय भी नहीं बन पाया है. वृद्धापेंशन का लाभ चार से पांच लोगों ही मिल पाया है.
महगामा : महगामा उत्तरी पंचायत के लालबगीचा गांव में पेयजल संकट गहरा गया है. प्रभात खबर आपके द्वार कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों पेयजल संकट की समस्या को साझा किया. बताया कि एक चापाकल के सहारे गांव के 500 लोग प्यास बुझा रहे हैं. सुबह होते ही चापाकल पर महिलाओं की लंबी कतारें लग जाती है. लोगों ने कहा कि गांव में तीन चापाकल है. इसमें दो पूर्व से ही खराब है. मुश्किल से एक चापाकल ही काम कर रहा है. अप्रैल में लाेगों को पड़ोसी गांव से पानी लाकर प्यास बुझानी पड़ रही है.
मई व जून की गरमी में क्या होगा कहना मुश्किल है. बताया कि समस्या को लेकर जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों से गुहार लगायी जा चुकी है. बावजूद इसके चापाकल की मरम्मत नहीं हो पायी है. गांव में सिंचाई के साधनों का भी अभाव है. 80 फीसदी आबादी मजदूरी पर निर्भर है. गांव के चार-पांच लोगों को ही वृद्धा पेंशन का लाभ मिल पाया है. शौचालय भी पर्याप्त रूप से नहीं बनाया गया है. इसलिए ग्रामीण खुले में शौच को लेकर मजबूर है. गाव में ज्यादा तर खेतौरी जाति के लागे की निवास करते हैं.
”ग्रामीणों को पेयजल की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है. आये दिन ग्रामीण परेशान हो रहे हैं. जनप्रतिनिधि व पंचायत प्रतिनिधि को कहते कहते थक चुके हैं.”
-बदन राय, ग्रामीण
”पेयजल व शौचालय के लिये कई बार लोगों को भटकना पड़ा है. घरों मेें शौचालय नहीं होने से ग्रामीण खुले में शौच के लिये मजबूर हैं.
-हीरालाल सिंह, ग्रामीण
”पेयजल संकट का सामना आये दिन करना पड़ता है. गरमी में और भी समस्या गहरा गयी है. अधिकारी व जनप्रतिनिधि उदासीन बने हुए हैं.
-प्रधान सिंह, ग्रामीण
”अधिकांश जरुरतमंदों को वृद्धावस्था पेंशन का लाभ नहीं मिल पाया है. प्रखंड व अंचल का चक्कर काट कर थक चुके हैं. कोई सुनने वाला नहीं है.
-गियासतार राय, ग्रामीण
जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों की उदासीनता से बदहाली में है ग्रामीण
”पेयजल की समस्या से ग्रामीण जूझ रह हैं. प्रखंड प्रशासन को अवगत कराया गया है.जल्द ही खराब पड़े चापाकलों को दुरुस्त कराया जायेगा.”
-सावित्री देवी, मुखिया
लालबगीचा गांव में चापाकल खराब होने की सूचना नहीं है. अगर गांव में पेयजल संकट है तो पीएचइडी के जेइ को खराब चापाकल दुरुस्त कराने की पहल करते हुए पेयजल संकट दूर कराया जायेगा.
उदय कुमार, बीडीओ
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