हादसा . चार ट्रांसफाॅर्मर जलने से बाल-बाल बचे
महगामा : महगामा के धनकुंडा ग्रिड परिसर में बुधवार दोपहर को आग लग गयी. इससे अफरा-तफरी का माहौल हो गया. सूचना पर दमकल की गाड़ी पहुंची और आग पर काबू पाया. इस करण बड़ा नुकसान होने से बच गया.
बोआरीजोर 33 केवी में फॉल्ट के बाद चिंगारी गिरी. इससे सुखी घास व झाड़ी में आग लग गयी. तेज हवा के चलते आग तेजी से फैलने लगी. ग्रिड के एसडीओ राम उचित प्रसाद सिंह व मानव दिवस कर्मियों के सूझबूझ से आग पर काबू पाया जा सका. इनलोगों ने फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को बुलाया गया. साथ ही आग बुझाने वाले यंत्र को प्रयोग किया. कर्मियों व दमकल के सहयोग से आग बुझाया गया. वहीं आधे दर्जन मानव दिवस कर्मियों का वस्त्र आदि भी जल गया.
50 एमवीए व 20 एमवीए ट्रांसफाॅर्मर बाल-बाल बचा
एसडीओ राम उचित सिंह ने बताया कि आग लग थी. किसी तरह काबू पाया गया. नहीं तो 50 व 20 एमवीए का टांसफाॅर्मर भी जल जाता. इससे गोड्डा सहित दुमका, बोआरीजोर, ललमटिया, मेहरमा, ठाकुरगंगटी आदि प्रखंडों में कई दिनों तक आपूर्ति बाधित हो जाती. विभाग की मानेें तो ठेकेदार की लापरवाही से इस प्रकार की घटनाएं होती है. यदि ठेकेदार बीच बीच में मरम्मत कार्य कराते हैं तो शायद इस प्रकार की दुर्घटना नहीं होती. बताया कि बाहरी कंपनी इमोशन को देखरेख का जिम्मा सौंपा गया है. लेकिन देखरेख नहीं होने से इस प्रकार की घटनाएं होती है.
मानव दिवस कर्मी का बाल जला
आग बुझाने के क्रम में एसडीओ राम उचित सिंह का बाल-बाल बच गये. वहीं मानव दिवस कर्मी ऋषि कुमार यादव का बायां हाथ भी हल्का झूलस गया. इसके अलावा अन्य कर्मियों का गमछा आदि भी चल गया.
लापरवाही से होती है बार-बार दुर्घटना
विभाग की माने तो इस घटना के संवेदक जिम्मेवार है. ग्रिड परिसर में बड़े-बड़े पेड़ व झाड़ियां है. इस करण आये दिन फॉल्ट होता है. तार टूट कर गिरने व चिंगारी निकलने की बात आम हो गयी है. संवेदक को बार-बार दुरुस्त कराने को कहा जाता है, लेकिन संवेदक की ओर से पहल नहीं की जाती है.
