अनजान रास्ते बढ़ा रही सुरक्षा जवानों की मुश्किलें
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :03 Oct 2016 3:38 AM (IST)
विज्ञापन

सुशनी से बेंगनी व बेलपहाड़ी, जोडों सिंदरी के रास्ते आते-जाते रहे हैं नक्सली पहाड़ को पार किया तो दुमका या फिर पाकुड़ पहुंच जाते हैं नक्सली सुसनी नक्सलियाें का सबसे बड़ा शेल्टर इसी रास्ते चले जाते हैं कटहलडीह तक ओर पहाड़ को पार कर दूसरे जिले तक फैलाव बार-बार इसी रास्ते में होती है टकराहट […]
विज्ञापन
सुशनी से बेंगनी व बेलपहाड़ी, जोडों सिंदरी के रास्ते आते-जाते रहे हैं नक्सली
पहाड़ को पार किया तो दुमका या फिर पाकुड़ पहुंच जाते हैं नक्सली
सुसनी नक्सलियाें का सबसे बड़ा शेल्टर
इसी रास्ते चले जाते हैं कटहलडीह तक ओर पहाड़ को पार कर दूसरे जिले तक फैलाव
बार-बार इसी रास्ते में होती है टकराहट
महीनों से नक्सलियों की चल रही थी बैठकें
गोड्डा : सुंदरपहाड़ी के जंगल व पहाड़ अभी भी आम लोगों के लिए अनजान हैं. ऊंची पहाड़ी तथा घने जंगल नक्सलियों के शेल्टर हैं. इस अनजान रास्ते में चलने में सुरक्षा बलों को परेशानी होती है. नक्सलियों की टोह लगाने में पुलिस को खासा परेशानी होती है. घने जंगलों में सुरक्षा बलों को रास्ते का अंदाजा लगाने में परेशानी होती है.
इस कारण कई बार सुरक्षा बल रास्ता भी भटक जाते हैं. वहीं पहले से क्षेत्र के भौगोलिक जानकारी के कारण नक्सलियों को गतिविधि करने में सहुलियत होती है. क्षेत्र के हर एक रास्ते से नक्सली अच्छी तरह वाकिफ हैं. इस कारण शायद उन्हें पुलिस की गतिविधि का भी पता चल जाता है. बताया जाता है कि इस क्षेत्र में खास कोरीडोर के रास्ते नक्सली गतिविधि होती है.
खास कोरीडोर से नक्सली गतिविधि :सुंदरपहाड़ी में नक्सलियों का एक बड़ा कोरीडोर है. जिसका इस्तेमाल करीब आठ वर्षों से नक्सली करते आ रहे हैं. यह कोरीडोर सुंदरहपहाड़ी के साथ पोड़ैयाहाट के अलावा दुमका के रामगढ़ के अलावा बिहार के सीमावर्ती क्षेत्र डोंडे होते हुये बांका की ओर चला जाता है. बांका बिहार के बौंसी डैम के पास से डांडे के पहले रास्ते होते हुए पोड़ैयाहाट दीपना से सटे रामगढ़ दुमका मार्ग चोरवाद होते हुये पिंडराहाट, पेरघोडीह पोड़ैयाहाट से सीधे बांसलोई नदी को टपकर सुसनी सुंदरपहाड़ी प्रवेश करता है.
सुंदरपहाड़ी के सुसनी के अंदर के जंगल व पहाड़ होते हुये बेंगनी, बरगो, बेलपहाड़ी में अपना फैलाव करते हैं. दूसरी तरफ पहाड़पुर के जंगल व पहाड़ के रास्ते दुमका व पाकुड़ की ओर प्रवेश करता है. नक्सलियों को आगे बढ़ने के लिये डांगापाडा के बांसलोई नदी के तट गोड्डा व दुमका से सटे रास्ते कटहलडीह, जोड़ो सिंदरी तक पहुंचता है. सुसनी से ही एक कोरीडोर दुमका के रामगढ़ के मयूरनाथ, कडबिधा के पास के जंगल होते हुये आमपाड़ा तक पहुंचता है.
जामो झारना गांव की सुनसान सड़क.
संताली टोला के इसी पहाड़ी पर नक्सलियों के छुपे होने की है आशंका.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




