स्वास्थ्य विभाग करा रहा डोली की जांच

Published at :31 Aug 2016 6:12 AM (IST)
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स्वास्थ्य विभाग करा रहा डोली की जांच

सदर अस्पताल में डोली मुर्मू से मिलने वालों का लगा तांता प्रभात में खबर छपने के बाद मदद को उठे दर्जनों हाथ नेट बॉल संघ ने अस्पताल पहुंच दिया फल व ब्रेड लाइलाज बीमारी होने के कारण रिम्स भी भेजी जा सकती है डोली गोड्डा : गरीबी की मार झेल रहे डोली की परिवार द्वारा […]

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सदर अस्पताल में डोली मुर्मू से मिलने वालों का लगा तांता

प्रभात में खबर छपने के बाद मदद को उठे दर्जनों हाथ
नेट बॉल संघ ने अस्पताल पहुंच दिया फल व ब्रेड
लाइलाज बीमारी होने के कारण रिम्स भी भेजी जा सकती है डोली
गोड्डा : गरीबी की मार झेल रहे डोली की परिवार द्वारा असाध्य रोग से पीड़ित बेटी के इलाज नहीं होने की खबर पढ़ने के बाद शहर के बुद्धिजीवियों की संवेदना जग गयी. वहीं स्वास्थ्य विभाग ने भी इसे गंभीरता से लेते हुए डोली की जांच शुरू करा दिया है. सभी लोग डोली की हालत पर अफसोस जाहिर कर रहे थे.
मंगलवार को राष्ट्रीय खिलाड़ी मोनालिसा कुमारी, जिला नेटबॉल संघ के सचिव गुंजन कुमार झा, वरीय सदस्य ललन कुमार लड्डू, आदर्श पब्लिक स्कूल के निदेशक कुमार रंजन द्वारा डोली के खान पान हेतु फल व ब्रेड उसकी मां मीरू मरांडी को दिया. सभी ने डोली का कुशल क्षेम पूछ कर उसके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की. अस्पताल में डोली को फिलहाल चाइल्ड चिकित्सकों की देखरेख में रखा गया है. चिकित्सकों द्वारा डोली का आवश्यक जांच करायी जा रही है.
यूनिसेफ जिला कोर्डिनेटर भी मिले :अस्पताल में यूनिसेफ जिला कोर्डिनेटर धनंजय त्रिवेदी भी डोली को देखने पहुंचे. इस दौरान श्री त्रिवेदी की ओर से भी बच्ची के बारे में आवश्यक जानकारी ली . साथ ऑन ड्यूटी एएनएम को पेसेंट का ख्याल करने की बाते कही गयी. बेड में जो कमी था उसे पूरा कराया गया. युनिसेफ के श्री त्रिवेदी द्वारा जिले में चाइल्ड हेल्थ पर काम किया जा रहा है.
तो क्या फिर से नहीं हंस बोल सकेगी डोली
डोली के मसले पर निरासा बढ़ती जा रही है. तो क्या फिर से आम बच्चों की तरह डोली मुर्मू हंस बोल नहीं पायेगी. दो साल पहले की तरह पढ़ने अब कभी स्कूल नहीं जा पायेगी. क्या ये बच्ची अपनी पूरी जिंदगी खाट पर सो कर ही बितायेगी.यह यक्ष प्रश्न सभी के सामने है. बता दें कि डोली मुर्मू दो साल पहले आम बच्चों की तरह हंसती बोलती थी. पढ़ाई के लिए गांव के स्कूल में जाया करती थी. दो साल पूर्व बहियार से बकरी लाने गयी डोली घर लौटने के बाद खाट पकड़ चुकी है. उसका शरीर नाकाम हो गया है.
नहीं हो पाया है सीटी स्कैन
डोली मुर्मू असाध्य रोग से पीड़ित है. हालांकि उसका अभी तक ब्रेन का सीटी स्कैन नहीं करायाजा सका है. सिर के आसपास नस सुख जाने से शरीर में हरकत बंद हो गया है. स्वास्थ्य विभाग के सीएस व डीएस बच्ची के मामले को लेकर गंभीर है. दोनों अधिकारी के बीच लगातार डोली के मसले पर गहन विचार-विमर्श किया जा रहा है. मोटे तौर पर कहे तो डोली मुर्मू की बीमारी लाइलाज होने को लेकर अधिकारी थोड़े संशय में है कि क्या करें,क्या ना करें!
बच्ची की स्थिति बहुत बेहतर नहीं है. इस तरह के मरीज केवल रिम्स भेजा जाता है. उसकी बीमारी लाइलाज है. परिजन की स्थिति भी ठीक नहीं है. परिजन को परेशान नहीं करना है. सभी को सोच विचार करने की जरूरत है. फिलहाल चिकित्सकों की देखरेख में उसे रखा गया है.”
– डॉ तरुण मिश्रा, डीएस
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