जेब में जितना पैसा, उतने घंटे बिजली

Updated at : 05 Dec 2017 6:22 AM (IST)
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जेब में जितना पैसा, उतने घंटे बिजली

बदलाव . बिलिंग के मुताबिक लोगों को मुहैया करायी जायेगी बिजली भागलपुर : जेब में जितना पैसा, उतने घंटे बिजली. जी हां, अब उपभोक्ता को बिलिंग के मुताबिक बिजली मिलेगी. विद्युत विभाग आरएलएसएस (रेवेन्यू लिंक सप्लाइ स्कीम) शुरू करने जा रही है. जिस इलाके से जितनी बिलिंग होगी उसी हिसाब से बिजली दी जायेगी. कर्मचारियों […]

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बदलाव . बिलिंग के मुताबिक लोगों को मुहैया करायी जायेगी बिजली

भागलपुर : जेब में जितना पैसा, उतने घंटे बिजली. जी हां, अब उपभोक्ता को बिलिंग के मुताबिक बिजली मिलेगी. विद्युत विभाग आरएलएसएस (रेवेन्यू लिंक सप्लाइ स्कीम) शुरू करने जा रही है. जिस इलाके से जितनी बिलिंग होगी उसी हिसाब से बिजली दी जायेगी. कर्मचारियों के वेतन, खरीद, रिपेयरिंग समेत अन्य खर्च को जोड़ कर बिजली पर प्रति यूनिट पांच रुपया साठ पैसा खर्च होता है. नगर निगम में 25 करोड़ की बिजली दी जाती है. यह जानकारी महाप्रबंधक (राजस्व) अरविंद ने पत्रकारों को दी. उन्होंने कहा कि जनता की सेवा करना हमारा फर्ज है. मगर यह कॉमर्शियल कंपनी है. जितना खर्च होता है उतना वसूली जरूरी है.
सब्सिडी के बाद नेट रेट पर बिजली देते हैं, उतनी वसूली होनी चाहिए. अधीक्षण अभियंता से लेकर कनीय अभियंता के साथ बैठक कर उन्हें टारगेट दिया गया है. सुविधा चाहिए तो राजस्व वसूली भी करनी होगी. विभागीय कार्यालय में जनता की कतार न लगे इसके लिए काउंटर की संख्या बढ़ायी जायेगी. ड्रेस कोड लागू किया गया है. वर्दी में कर्मचारी घर-घर जायेंगे. मीटर रीडिंग करेंगे. पेमेंट भी लेंगे. इस मौके पर महाप्रबंधक वित्तीय प्रदीप व उप महाप्रबंधक सह अधीक्षण अभियंता एसपी सिंह मौजूद थे.
बकाया निदान के बाद बुनकरों को नया कनेक्शन : बुनकरों पर 400 करोड़ बकाया है. बुनकर ब्याज राशि समेत मासिक भुगतान फ्रेंचाइजी कंपनी को कर रहे थे. जीएम ने बताया कि बुनकरों से बैठक हुई है. बुनकरों ने कहा कि वित्तीय रूप से वह भुगतान में सक्षम नहीं हैं. पुनर्विचार किया जाये ताकि बकाया भुगतान हो सके. बकाया भुगतान के बाद बुनकरों को नया कनेक्शन दिया जायेगा. उन्होंने भरोसा दिया कि 90 फीसदी भुगतान करेंगे नहीं तो फीडर से बिजली काट दी जायेगी.
केंद्रीय योजनाओं का मिलेगा लाभ, बनेगी डीपीआर: महाप्रबंधक वित्तीय प्रदीप ने कहा कि फ्रेंचाइजी कंपनी के जाने से अब केंद्रीय योजनाओं का लाभ मिलेगा. हर घर बिजली, आरएडीआरपी, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण विद्युतीकरण योजना, टीपीडीएस योजनाओं की डीपीआर बनेगी. केंद्र से 60 फीसदी ग्रांट मिलेगी. 30 फीसदी लोन, 10 फीसदी राज्य सरकार देगी.
23 फीसदी ऑनलाइन भुगतान, ढाई फीसदी रिबेट
देश में 16.5 फीसदी उपभोक्ता बिजली बिल का ऑनलाइन भुगतान करते हैं जबकि साउथ बिहार बिजली कंपनी के 23 फीसदी उपभोक्ता ऑनलाइन पेमेंट कर रहे हैं. ऐसे उपभोक्ताओं को ढाई फीसदी रिबेट मिलता है. सरकार सब्सिडी भी दे रही है. घरेलू उपभोक्ता को 1.48 रुपये, वाणिज्य को 40 पैसे, उद्योग को 28 पैसे, बीपीएल को 3.58 रुपये, ग्रामीण को 3.10 रुपये सब्सिडी मिल रही है.
फ्रेंचाइजी कंपनी ने लिया ऑनलाइन पेमेंट, लेंगे एक्शन
फ्रेंचाइजी कंपनी ने टर्मिनेशनल के बाद भी ऑनलाइन पेमेंट लिया जो कि एग्रीमेंट के नियमों के विरुद्ध है. उन्हें बिल कलेक्शन का अधिकार नहीं था. महाप्रबंधक (राजस्व) अरविंद ने कहा कि उन्होंने सही नहीं किया. इस पर एक्शन लिया जायेगा. कानूनी तौर पर भी विचार किया जायेगा. उन्होंने कहा कि एसएमएस भेज कर उपभोक्ता को बताया गया था कि उनका पेमेंट मान्य नहीं होगा.
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