धरनीचक जाने की सड़क नहीं, पगडंडी ही सहारा
Updated at : 29 Oct 2017 2:21 AM (IST)
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समस्या. धरनीचक के लोगों पर किसी का ध्यान नहीं, प्रशासन बेसुध ठाकुरगंगटी : एक ओर झारखंड सरकार व भाजपा सरकार पूरे राज्य में विकास का ढिंढोरा पीट रही है वहीं गोड्डा जिले के ठाकुरगंगटी प्रखंड के मिश्रगंगटी पंचायत के धरनीचक गांव में जाने के लिये एक अदद सड़क तक नहीं बन पायी है. एक पीसीसी […]
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समस्या. धरनीचक के लोगों पर किसी का ध्यान नहीं, प्रशासन बेसुध
ठाकुरगंगटी : एक ओर झारखंड सरकार व भाजपा सरकार पूरे राज्य में विकास का ढिंढोरा पीट रही है वहीं गोड्डा जिले के ठाकुरगंगटी प्रखंड के मिश्रगंगटी पंचायत के धरनीचक गांव में जाने के लिये एक अदद सड़क तक नहीं बन पायी है. एक पीसीसी सड़क के लिये ग्रामीणों को सरकार व प्रशासन का मुंह जोहना पड़ रहा है. हालांकि यह कोई एक सरकार की बात नहीं है बल्कि आजादी के बाद अब तक गांव जाने के लिये सड़क नहीं बनी है. गांव में प्रवेश करने के लिये पगडंडी ही एक मात्र सहारा है.
पगडंडी होते हुए गांव के लोग गांव में प्रवेश करते हैं. वाहनों का आवागमन भी जैसे तैसे होता है. गांव में कुछ समान जाने ले जाने में परेशानी उठानी पड़ रही है. हाल इतना बुरा है कि बरसात छोड़कर अन्य माह तो किसी प्रकार से पगडंडी के सहारे आवागमन तो हो पाता है लेकिन बरसात आते ही ग्रामीणों को फजीहत झेलनी पड़ती है. गांव में लोग जैसे तैसे प्रवेश करते हैं. सड़क ग्रामीणों को नसीब नहीं होने पर सगे संबंधी भी बड़े व छोटे वाहनों को लेकर अमूमन गांव नहीं आते हैं. कई संबंधी तो सड़क नहीं देखकर भी गांव में अपना रिश्ता नहीं देते हैं.
हर साल बारिश में ग्रामीण एक पीसीसी सड़क के लिये रो देते हैं पर देखने वाला कोई नहीं है.
-संजय सोरेन, ग्रामीण.
जनप्रतिनिधियों ने अब तक सड़क बनाये जाने की दिशा में ध्यान नहीं दिया अब तो डीसी ही इस पर ध्यान दे सकते हैं.
-ढेना हांसदा, ग्रामीण.
इससे बुरी स्थिति प्रखंड के किसी गांव की नहीं हैं. आदिवासी बहुल होने के कारण इसकी उपेक्षा हो रही है.
-संझला हेंब्रम, ग्रामीण.
हर साल परेशानी व फजीहत झेलनी पड़ रही है. सबसे बुरी स्थिति उनके गांव की है.
-पप्पू सोरेन, ग्रामीण.
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