Giridih News: युवक को फंसाने की साजिश रचने वाला अपने जाल में खुद ही फंसा

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Giridih News: पुलिस ने मामले में सम्मिलित मुख्य आरोपी समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है. मुख्य आरोपी मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बनियाडीह निवासी होरिल दास का 24 वर्षीय पुत्र जीतन दास, गुलाब चंद दास का 25 वर्षीय पुत्र डब्लू दास समेत देवरी थाना क्षेत्र के खाजा टोला निवासी विजय महथा का 29 वर्षीय पुत्र मनोज चौधरी शामिल है.

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मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पपरवाटांड़ से बरामद किए गए दो देशी पिस्टल समेत तीन जिंदा कारतूस मामले का उद्भेदन पुलिस ने कर लिया है. मंगलवार को गिरिडीह के एसपी डॉ विमल कुमार ने प्रेस वार्ता कर इसकी जानकारी दी. पुलिस ने मामले में सम्मिलित मुख्य आरोपी समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है. मुख्य आरोपी मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बनियाडीह निवासी होरिल दास का 24 वर्षीय पुत्र जीतन दास, गुलाब चंद दास का 25 वर्षीय पुत्र डब्लू दास समेत देवरी थाना क्षेत्र के खाजा टोला निवासी विजय महथा का 29 वर्षीय पुत्र मनोज चौधरी शामिल है. मामले की जानकारी देते हुए एसपी ने बताया कि बीते 30 नवंबर को उन्हें गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि मुफस्सिल थाना अंतर्गत पपरवाटांड़ स्थित रोड के किनारे एक गुमटी के बगल दो सीमेंट की बोरी है जिसमें बालू भरा हुआ है. जिसके अंदर दो देशी पिस्टल छुपाकर रखा हुआ है. मामले का सत्यापन को लेकर सदर एसडीपीओ जीतवाहन उरांव के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया. इसके बाद पुलिस की टीम पपरवाटांड़ पहुंची और सड़क के किनारे स्थित गुमटी के पास छानबीन करने लगी. छानबीन के क्रम में पाया गया कि दो सीमेंट का बोरा रखा हुआ है जिसमें बालू भरा हुआ था. इसके बाद बालू को निकालकर देखा गया तो उसमें दो देशी पिस्टल और तीन जिंदा कारतूस था. इसके बाद पुलिस मिले हथियार समेत गुमटी मालिक अशोक दास को पूछताछ के लिए थाना ले आई और जांच पड़ताल में जुट गई.

पुलिस को सूचना देने वाला ही निकला आरोपी

एसपी ने बताया कि मामले को लेकर जब गहनता से जांच पड़ताल की गई तो पता चला कि जिस व्यक्ति के द्वारा हथियार छुपे रहने की बात पुलिस को बताया गया था, उसी व्यक्ति के द्वारा वहां पर हथियार छुपाया गया था. बताया गया कि जीतन जिस लड़की से शादी करना चाहता था, उस लड़की की शादी पपरवाटांड़ निवासी अशोक दास के साथ 10 दिसंबर को होना तय हुआ था. इसलिए जीतन दास ने षड्यंत्र के तहत अशोक दास के गुमटी के बगल में रखे सीमेंट के बोरे में दो देशी पिस्टल समेत तीन जिंदा कारतूस छुपा दिया और इसकी जानकारी पुलिस को दे दी. लेकिन यह खुद ही अपने बनाए हुए जाल में फंस गया.

ताड़ी बेचने वाले ने आरोपी को दिलवाया था पिस्टल

पुलिस ने जब जांच करते हुए उस इलाके का सीडीआर रिपोर्ट निकाला तो जिस व्यक्ति के द्वारा पुलिस को सूचना दिया गया था, उस व्यक्ति का लोकेशन वहां बताया गया. इसके बाद पुलिस उससे पूछताछ के लिए थाना ले आयी. कड़ी पूछताछ के दौरान अपना अपराध स्वीकार कर लिया. जब उससे पूछा गया कि उसने वह पिस्टल कहां से मिला तब उसने देवरी निवासी मनोज चौधरी का नाम लिया. बताया कि वह ताड़ी बेचने का काम करता है. बताया कि इसने पिस्टल 25 हज़ार में लिया था. मामले में संलिप्त दो लोगों के बारे में बताया जिसके बाद पुलिस ने वह दोनों को भी हिरासत में ले लिया. एसपी ने बताया कि आरोपियों के पास से दो देशी पिस्टल, तीन जिंदा कारतूस और तीन मोबाइल फ़ोन बरामद किया है. छापामारी दल में मुफस्सिल थाना प्रभारी श्याम किशोर महतो, एसआई संजय कुमार, एसआई बुद्धेश्वर उरांव, एएसआई राहुल रंजन सिंह, एएसआई सुंदर लाल मंडल समेत जिला बल के जवान शामिल थे.

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