जमुआ के वनपाल संजय कुमार संत ने बताया कि शनिवार रात देवरी इलाके में अत्यधिक कोहरा के कारण दोनों हाथी ट्रेसलेस हो गया. जिसके बाद वन विभाग की टीम लगातार रात भर परेशान रही. कोहरा के कारण दोनों हाथी का रात भर पता नहीं चल पाया. सुबह से फिर वन विभाग की टीम ने पूरे इलाके में हाथियों के की खोज में सर्चिंग अभियान प्रारंभ किया लेकिन दिनभर कुछ भी पता नहीं चला. जिससे वन विभाग की टीम के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीण भी परेशान रहे. वहीं रविवार की दोपहर में जमुआ प्रखंड अंतर्गत नवडीहा के सटे कुरकुरी पहाड़ी के पास दोनों हाथियों को देखा गया. जिसके बाद वन विभाग ने राहत की सांस ली है. वन विभाग की टीम लगातार दोनों बिछड़े हाथियों का बैकअप कर रही है. इधर दो हाथियों का इंतजार 22 हाथियों का समूह चकाई प्रखंड के चिहरा थाना क्षेत्र के नारोदह के इलाके में कैंप कर रहा है. इससे वन विभाग की परेशानी बढ़ी हुई है. वन विभाग 22 हाथियों और दो हाथियों के समूह को मिलाकर घने जंगल मे भेजने के प्रयास में जुटा हुआ है.
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