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बेकार साबित हो रहा दस लाख की लागत से बने तीन सार्वजनिक शौचालय

Updated at : 10 Jul 2024 12:10 AM (IST)
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बेकार साबित हो रहा दस लाख की लागत से बने तीन सार्वजनिक शौचालय

डुमरी प्रखंड में लगभग 10 लाख की लागत से बने तीन सार्वजनिक शौचालय रख-रखाव और पानी की व्यवस्था नहीं होने के कारण बेकार साबित हो रहा है. सार्वजनिक स्थल से हटकर बनाये जाने से ये शौचालय निर्माण के बाद से ही बेकार पड़ा है.

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डुमरी प्रखंड में लगभग 10 लाख की लागत से बने तीन सार्वजनिक शौचालय रख-रखाव और पानी की व्यवस्था नहीं होने के कारण बेकार साबित हो रहा है. सार्वजनिक स्थल से हटकर बनाये जाने से ये शौचालय निर्माण के बाद से ही बेकार पड़ा है. प्रखंड में विधायक मद की राशि 8 लाख की लागत से डुमरी अनुमंडल कार्यालय परिसर, 2 लाख की लागत से पुराना प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर के समीप सार्वजनिक और सामुदायिक शौचालय बनाया गया था. लेकिन जिस उद्देश्य से उक्त शौचालयों का निर्माण किया गया था, वह रख-रखाव और पानी के अभाव और सार्वजनिक स्थलों से हटकर बनने से पूरा नहीं हो सका. निर्माण के बाद से ही सभी शौचालय बेकार पड़ा है. डुमरी अनुमंडल परिसर में बना शौचालय ऐसे स्थान पर बना है जिसकी जानकारी बहुत कम लोगों को है. राहगिरों को तो इसे खोजना भी मुश्किल है. नतीजा ताला लटकता रहता है. बरसात आते ही शौचालय के आसपास झाड़ियां उग गई. शौचालय के इर्द-गिर्द उगे झाड़ियों के कारण अपने काम को लेकर अनुमंडल कार्यालय पहुंचने वाले लोगों को उधर जाने में डर सा लगा रहता है. वहीं 2 लाख की राशि से प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में बना शौचालय कार्यालय के नये भवन में जाने के बाद से बेकार साबित हो रहा है.

क्या कहते हैं लोग

सार्वजनिक शौचालय का लाभ जनता को नहीं मिल रहा है. अनुमंडल कार्यालय परिसर में बने शौचालय के बारे में स्थानीय लोगों को जानकारी भी नहीं है. यहां पानी की समस्या है. कार्यालय परिसर में शौचालय आम लोगों के नजर से दूर है.

– विजय कुमार

पुराने प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में बना सार्वजनिक शौचालय शोभा की वस्तु बन गया है. परिसर से दोनों कार्यालय को नए परिसर मे शिफ्ट कर देने के बाद अब यहां आमलोगों के लिए यहां बना शौचालय अनुपयोगी हो गया है.

– प्रेमचंद मंडल

ऐसा लगता है कि इन शौचालय का निर्माण आम लोगों की सुविधा के लिए नहीं, बल्कि ठेकेदारी के लिए किया गया है. यही कारण है कि इसका उपयोग नहीं हो पा रहा है. इन शौचालय के संचालन की कोई व्यवस्था नहीं की गई है.

– मनीष कुमार

सार्वजनिक स्थान से दूर बनने के कारण इसका उपयोग जनता नहीं कर पा रही है. बहुत लोगों को पता भी नहीं है कि शौचालय कहां बना है. इस शौचालय को बीच स्थान में बनाए जाने से इसका उपयोग होता.

– गौरव कुमारB

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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