पानी की जहाज पर काम करता था बोनी महतो, समुद्र में गिरने के बाद इलाज के दौरान हुई मौत
बगोदर थाना क्षेत्र के कुसमरजा पंचायत के प्रतापपुर गांव एक प्रवासी मजदूर की गुजरात में इलाज के दौरान मौत हो गयी. घटना के बाबत बताया जाता है कि बगोदर थाना क्षेत्र के प्रतापुर गांव का प्रवासी मजदूर बेनी महतो (56) 25 अप्रैल को गुजरात में पानी जहाज में काम करने के दौरान समुद्र में डूबने लगा, इसके बाद भी वह तैरते हुए अपने जहाज तक पहुंचा. वहां पर काम कर रहे मजदूरों ने जाल के माध्यम से उसे निकालकर इलाज के लिए स्थानीय स्तर पर अस्पताल में भर्ती कराया. यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी. इसके बाद उसके साथियों ने परिजनों को सूचना दी. सूचना मिलते ही उसके घर में कोहराम मच गया. कंपनी से जुड़े लोगों ने शव को एम्बुलेंस से मजदूर के साथियों के साथ भेज दिया. शनिवार को शव गांव पहुंचा. ग्रामीणों ने कंपनी से मुआवजे की मांग करते हुए शव को रिसीव नहीं किया और एम्बुलेंस को अपने कब्जे में ले लिया है.कंपनी में 30 साल से कार्यरत था बेनी महतो, मुआवजा नहीं मिलने पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
ग्रामीण दिनेश्वर महतो ने बताया कि कंपनी ने बिना मुआवजा दिये ही शव भेज दिया है. बेनी महतो गुजरात की इस कंपनी में करीब तीन दशक से अधिक समय से काम कर रहा था. जबकि तीन माह पूर्व ही कंपनी के बुलावे पर वह काम करने के लिए गया था. गुजरात की कंपनी से नाराज ग्रामीणों ने एंबुलेंस को कब्जे में कर लिया है. इधर, घटना के बाद से शव पहुंचते ही परिजनों की चीत्कार से इलाका गमगीन हो गया. मृतक अपने पीछे पत्नी खेमिया देवी, दो बेटे मनोज महतो, कालेश्वर महतो और बेटी बसंती देवी समेत भरा-पूरा परिवार छोड़ गया.परिजन बोले- जब तक मुआवजा नहीं मिलेगा एंबुलेंस नहीं छोड़ेंगे
इधर, प्रवासी मजदूर के पुत्र मनोज कुमार ने कहा कि जब तक कंपनी मुआवजा नहीं देगी तब तक एम्बुलेंस को नहीं जाने दिया जायेगा. कहा कि मेरे पिता बेनी महतो काम करने के लिए जाना नहीं चाहते थे. लेकिन तीन माह पूर्व कंपनी के मैनेजर ने पैसे भेजकर दबाव बनाकर काम के लिए बुलाया. इधर घटना के बाद इलाज में भी लापरवाही बरती गयी. इससे उनकी मौत हुई. वहीं मुआवजा भी नहीं दे रहे हैं. घटना के बाद परिजन समेत ग्रामीणों में भारी आक्रोश है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

