ज्ञापन सौंपने के बाद झामुमो नेता कृष्ण मुरारी शर्मा ने कहा कि राज्य में नाई जाति की जनसंख्या करीब 20 लाख है. इस समाज की स्थिति काफी दयनीय है. उन्होंने कहा कि नाई जाति को सीएनटी एक्ट के अधीन रखा गया है, जिसके कारण उन्हें व्यवसाय करने के लिए बैंक लोन भी नहीं मिल पाता है. महासभा के जिलाध्यक्ष नंदलाल शर्मा ने कहा कि गरीबी के कारण नाई जाति के लोग फुटपाथ पर काम करने को मजबूर हैं. गांव-गांव में घूम-घूमकर यजमानी का काम करते हैं, जिसमें न्यूनतम मजदूरी भी नहीं मिलता. कहा कि साल में एक बार कुछ धान दे दिया जाता है, जिससे उसका परिवार भी नहीं चलता है.
बंधुआ मजदूर की तरह करते हैं काम
श्री शर्मा ने कहा कि दूसरी जाति के लोग सैलून पार्लर खोल रहे हैं और नाई जाति के लोग उसमें बंधुआ मजदूर की तरह काम करने को मजबूर हैं. समाज के लोगों ने नगर विकास मंत्री से अपने स्तर से पहल कर झारखंड में केशकला बोर्ड का गठन कराने की मांग की, ताकि नाई जाति को प्रशिक्षण देकर उनका कौशल विकास किया जा सके और समाज के लोग स्वाभिमान की जिंदगी जी सकें. मौके पर नाथेश्वर ठाकुर, रामाशंकर शर्मा, गणेश ठाकुर, मोहनलाल शर्मा, जितेंद्र शर्मा, अर्जुन शर्मा, हीरा देवी, प्रकाश शर्मा, मुंशी ठाकुर, मुकेश ठाकुर, ओमप्रकाश कुमार, बेबी देवी, मनोज शर्मा, गोपाल शर्मा, छोटेलाल ठाकुर, सुभाष शर्मा, राजेंद्र हजाम, महेंद्र शर्मा, कमल ठाकुर, चंदन शर्मा सहित अन्य मौजूद थे.
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