पुजारी रूपलाल सिंह, शिवा साव व अमित साहू ने भगवती स्थान पर विधिवत पूजा की. पूजा से पूर्व मंदिर के समीप स्थित तालाब से कलश भरकर मंदिर में स्थापित किया गया. श्रद्धालुओं ने माथे पर कलश रखकर जल अर्पित किया. इस दौरान कई पारंपरिक अनुष्ठान भी देखने को मिले. कई भक्त जलते अंगारों पर चलकर अपनी भक्ति का परिचय दिया. वहीं, बजरंग ध्वजा के बांस पर ऊंचाई तक झूलने तथा माता के पिंडों व कपीसों में अर्पित प्रसाद को ऊपर से लूटाने की परंपरा की. मान्यता है कि ग्राम रक्षा देवी मंदिर में अद्भुत व चमत्कारी शक्ति है. सच्चे मन से माता के पास रखी गयी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. मनोकामना पूर्ण होने पर श्रद्धालु अगले वर्ष प्रसाद अर्पित करते हैं.
तत्कालीन जमींदार ने शुरू की थी
पूजा
पूजा की शुरुआत आजादी से तत्कालीन जमींदार स्व लालाजी भगत व उनकी पत्नी लक्खी देवी द्वारा मड़ई बनाकर की थी. वर्ष 2017 में लालाजी भगत के पौत्र शिवेश भगत ने मंदिर निर्माण शिलान्यास किया. इसके बाद भव्य मंदिर का निर्माण हुआ. मौके पर वरीय अधिवक्ता इंद्रजीत जायसवाल, गुलाब यादव, भाजपा नेता भोला साव, अर्जुन साव, झारखंड आंदोलनकारी लालमणि साव व टहल साव, कामदेव कुमार, रामेश्वर प्रसाद, बासुदेव साव, चंद्रशेखर साव, अनिल साव, तिलकचंद साव, बंगाली तुरी, सूरज कुमार, दशरथ सिंह, मुखिया जागेश्वर यादव आदि थे.
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