25 लाख का इनामी गिरफ्तार सैक कमांडर अजय महतो उर्फ टाइगर के नाम दर्ज हैं 240 से अधिक कांड

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नक्सली कमांडर अजय महतो के बारे में जानकारी देते डॉ बिमल कुमार

नक्सली कमांडर अजय महतो के बारे में जानकारी देते डॉ बिमल कुमार

झारखंड पुलिस को बड़ी नक्सल विरोधी सफलता मिली है. 25 लाख रुपये के इनामी स्पेशल एरिया कमेटी (सैक) कमांडर अजय महतो उर्फ टाइगर को गिरफ्तार किया गया है. वह 240 से अधिक गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित था.

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  • हत्या, आईईडी विस्फोट, सुरक्षाबलों पर हमले और लेवी वसूली समेत 240 से अधिक मामलों में था वांछित
  • एसपी बोले, गिरफ्तारी से नक्सली नेटवर्क को बड़ा झटका, आत्मसमर्पण नीति का लाभ उठाने की अपील

बिनोद शर्मा, गिरिडीह

झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान के तहत गिरिडीह पुलिस और सीआरपीएफ की कोबरा-209 बटालियन को बड़ी सफलता मिली है. संयुक्त अभियान में प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन के 25 लाख रुपये के इनामी स्पेशल एरिया कमेटी (सैक) कमांडर अजय महतो उर्फ मोछु उर्फ टाइगर को गिरफ्तार किया गया है. इसकी जानकारी शनिवार को गिरिडीह एसपी डॉ बिमल कुमार ने प्रेसवार्ता में दी.

गुप्त सूचना पर जंगल में घेराबंदी कर हुई गिरफ्तारी

एसपी ने बताया कि महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक, झारखंड के निर्देश पर चलाये जा रहे नक्सल विरोधी अभियान के दौरान 17 जुलाई को खुखरा थाना क्षेत्र के हरलाडीह ओपी अंतर्गत जंगल में नक्सलियों की गतिविधि की सूचना मिली थी. इसके बाद अपर पुलिस अधीक्षक (अभियान) सुरजीत कुमार और कोबरा-209 के कंपनी कमांडर आकिफ अहमद बानी के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने पिपराडीह टोला-खवासटांड के जंगल की घेराबंदी की. भागने का प्रयास कर रहे अजय महतो को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया.

2005 से सक्रिय, कई इलाकों में संभाली नक्सली कमान

गिरफ्तार अजय महतो उर्फ मोछु उर्फ अंजन दा उर्फ बुधराम उर्फ श्रीकांत उर्फ बासुदेव, पीरटांड़ थाना क्षेत्र के नावाडीह का निवासी है. वह वर्ष 2005 से नक्सली गतिविधियों में सक्रिय था. शुरुआत में दस्ता सदस्य रहने के बाद उसे लेवी वसूली और हथियारों के संग्रह की जिम्मेदारी मिली. बाद में उसने झुमरा पहाड़, लुगु पहाड़, सारंडा और पारसनाथ क्षेत्र में एरिया कमांडर के रूप में संगठन की गतिविधियों का संचालन किया.

झारखंड में 240 से अधिक मामले दर्ज

एसपी के अनुसार अजय महतो के खिलाफ झारखंड के विभिन्न जिलों में हत्या, आईईडी विस्फोट, सुरक्षाबलों पर हमला, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और लेवी वसूली समेत 240 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं. इनमें गिरिडीह में 68, पश्चिमी सिंहभूम में 107, बोकारो में 37, धनबाद में 15, हजारीबाग में सात तथा चतरा, रामगढ़ और सरायकेला में दो-दो मामले शामिल हैं.

कई बड़ी नक्सली घटनाओं में रहा शामिल

पुलिस के अनुसार वह 2008 में पीरटांड़ में सीआरपीएफ के तीन जवानों की हत्या, 2010 में पीरटांड़ प्रखंड कार्यालय विस्फोट, 2014 में धुलियामट्टी में बारूदी सुरंग विस्फोट कर सीआरपीएफ जवान बादल राय की हत्या तथा 17 जवानों को घायल करने जैसी बड़ी घटनाओं में शामिल रहा है. इसके अलावा मुखबिरी के शक में ग्रामीणों की हत्या और लेवी नहीं देने पर नागरिकों की हत्या जैसे कई गंभीर मामलों में भी उसका नाम दर्ज है.

नक्सली नेटवर्क को बड़ा झटका : एसपी

एसपी डॉ बिमल कुमार ने कहा कि सैक सदस्य की गिरफ्तारी नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी सफलता है और इससे संगठन के नेटवर्क को करारा झटका लगा है. उन्होंने नक्सलियों से राज्य सरकार की आत्मसमर्पण नीति "नई दिशा-एक नई पहल" का लाभ उठाकर मुख्यधारा में लौटने की अपील की.


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अमलेश नंदन सिन्हा

लेखक के बारे में

By अमलेश नंदन सिन्हा

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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