गिरिडीह के हरलाडीह से मिसिर बेसरा का सहयोगी 25 लाख ईनामी नक्सली अजय महतो गिरफ्तार, 100 से अधिक मामले दर्ज

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हार्डकोर ईनामी नक्सली अजय महतो. फाइल फोटो.

हार्डकोर ईनामी नक्सली अजय महतो. फाइल फोटो.

गिरिडीह पुलिस ने नक्सल विरोधी अभियान में एक बड़ी सफलता हासिल की है. कुख्यात नक्सली और 25 लाख रुपये के इनामी अजय महतो उर्फ टाइगर को हरलाडीह से गिरफ्तार किया गया है. उस पर 100 से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं.

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Giridih Naxal Arrest: गिरिडीह पुलिस को नक्सल विरोधी अभियान में दशकों की सबसे बड़ी सफलता हाथ लगी है. लाल आतंक का चेहरा माने जाने वाले कुख्यात नक्सली और मिसिर बेसरा का सहयोगी अजय महतो उर्फ टाइगर उर्फ बासुदेव को बीती रात हरलाडीह से गिरफ्तार कर लिया गया. अजय महतो गिरिडीह जिले के पीरटांड़ थाना क्षेत्र के नावाडीह गांव का रहने वाला है. झारखंड सरकार ने उस पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था.

करमू मांझी के घर से की गई गिरफ्तारी

एसपी डॉ बिमल कुमार के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर हरलाडीह में करमू मांझी के घर पर छापेमारी की. इसी दौरान पुलिस ने घर में छिपे बैठे टाइगर को दबोच लिया. छापेमारी के दौरान इसके साथ मौजूद 2 अन्य नक्सलियों को भी गिरफ्तार किया गया है. तीनों से पुलिस की विशेष टीम पूछताछ कर रही है.


पारसनाथ का जोनल कमांडर, 100 से अधिक मामले दर्ज

अजय महतो उर्फ टाइगर भाकपा माओवादी का स्पेशल एरिया कमेटी सदस्य और पारसनाथ इलाके का जोनल कमांडर रहा है. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार इसके ऊपर हत्या, लूट, लेवी वसूली, पुलिस पार्टी पर हमला, ईआईडी ब्लास्ट और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के 100 से अधिक संगीन मामले दर्ज हैं. टाइगर ने गिरिडीह, बोकारो, धनबाद और हजारीबाग के सीमावर्ती इलाकों में कई बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया है. पुलिस पर घात लगाकर हमला, रोड निर्माण में लगे वाहनों को फूंकना और ठेकेदारों से रंगदारी मांगना इसकी पहचान बन गई थी. झारखंड के अलावा बिहार, बंगाल और ओडिशा की पुलिस भी लंबे समय से इसकी तलाश कर रही थी.

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देशद्रोह का मुकदमा चलाने की तैयारी

गिरिडीह उपायुक्त पहले ही अजय महतो समेत 12 नक्सलियों के खिलाफ देशद्रोह और यूएपीए एक्ट के तहत मुकदमा चलाने की अनुशंसा राज्य सरकार से कर चुके हैं. गृह विभाग से स्वीकृति भी मिल चुकी है. गिरफ्तारी के बाद जिले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. एसपी डॉ. बिमल कुमार ने कहा कि टाइगर की गिरफ्तारी से नक्सल संगठन को बड़ा झटका लगा है. पुलिस आने वाले दिनों में सघन अभियान चलाकर बचे हुए नक्सलियों को भी गिरफ्तार करेगी.

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कुमार विश्वत सेन

लेखक के बारे में

By कुमार विश्वत सेन

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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