लॉकडाउन में कोयला उत्पादन बंद, तंगी से गुजर रहे रोड सेल मजदूर
Author : Shaurya Punj Published by : Prabhat Khabar Updated At : 17 Apr 2020 10:38 PM
गिरिडीह : कोरोना जनित आपदा के कारण देशव्यापी लॉकडाउन में मांग गिरने से सभी सेक्टर का उत्पादन प्रभावित हुआ है. इस हाल में सीसीएल गिरिडीह कोलियरी में उत्पादन बंद होने से डिस्पैच भी ठप है. इससे रोड सेल बंद रहने के कारण स्थानीय असंगठित मजदूरों की स्थिति बेहद खराब हो गयी है. कोई वैकल्पिक रोजगार […]
गिरिडीह : कोरोना जनित आपदा के कारण देशव्यापी लॉकडाउन में मांग गिरने से सभी सेक्टर का उत्पादन प्रभावित हुआ है. इस हाल में सीसीएल गिरिडीह कोलियरी में उत्पादन बंद होने से डिस्पैच भी ठप है. इससे रोड सेल बंद रहने के कारण स्थानीय असंगठित मजदूरों की स्थिति बेहद खराब हो गयी है. कोई वैकल्पिक रोजगार की संभावना नहीं है. पर खासा पड़ा है. रोड सेल से जुड़े मजदूर आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं. वैसे प्रशासनिक स्तर से इन्हें अनाज उपलब्ध कराया जा रहा है. दूसरी जरूरतों की भरपाई मुश्किल : जानकारी के मुताबिक गिरिडीह एरिया स्थित दो खदानों क्रमश: कबरीबाद माइंस व ओपेनकास्ट परियोजना में से कबरीबाद माइंस को सीटीओ (कंसेंट टू ऑपरेट, परिचालन की मंजूरी) नहीं मिलने से कोयला का उत्पादन डेढ़ वर्षों से बंद है. सीटीओ को लेकर जनप्रतिनिधियों से लेकर प्रबंधन स्तर तक के प्रयास विफल रहे. ऐसे में रोड सेल से जुड़े लगभग दो हजार मजदूर बेरोजगार हो गये. इनमें से कुछ दूसरे प्रदेशों का रुख कर चुके हैं. यहां पर रह गये मजदूर किसी तरह से गुजारा कर रहे हैं. ओपेनकास्ट परियोजना में भी लगभग दो हजार असंगठित मजदूर रोड सेल से जुड़े हुए हैं. लॉकडाउन के बाद इनकी स्थिति भी विकट हो गयी है. रोड सेल से जुड़े कैला गोप, ज्ञानी दास, किशोर कुमार, सीताराम, विष्णु दास आदि का कहना है कि अनाज तो उपलब्ध हो रहा है, पर दूसरी जरूरतों की भरपाई मुश्किल हो गयी है.
गिरिडीह कोलियरी ट्रक ऑनर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र यादव का कहना है कि कोलियरी में रोड सेल से जुड़े लगभग चार हजार मजदूर है. ये मजदूर कबरीबाद व ओपीसी में रोड सेल के माध्यम से ट्रकों में कोयला ढुलाई कर जीवन यापन करते हैं. उन्होंने कहा कि लॉकडाउन की वजह से रोड सेल बंद है. इससे न सिर्फ मजदूरों, बल्कि ट्रक ऑनरों, चालकों-खलासियों को भी परेशानी हो रही है. एसोसिएशन के उपाध्यक्ष विजय सिंह उर्फ मुन्ना सिंह का कहना है कि लॉकडाउन रहने तक कमोबेश स्थिति यही रहेगी. झाकोमयू के अध्यक्ष तेजलाल मंडल ने कहा कि लॉकडाउन में बंद उत्पादन-डिस्पैच से असंगठित मजदूर बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था के तहत प्रभावित मजदूरों को आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है.
गिरिडीह कोलियरी के परियोजना पदाधिकारी विनोद कुमार ने कहा कि लॉकडाउन के कारण रोड सेल बंद है. व्यवहारिक समस्या यह है कि कोयला का उठाव होने के बाद इसे कहां बेचा जाय. इधर कंपनी की आयी गाइडलाइन के अनुरूप कदम उठाया जायेगा. पीओ ने बताया कि सीएसआर फंड से असंगठित मजदूरों समेत गरीब-लाचार लोगों को अनाज मुहैया कराया जा रहा है. बॉक्स:::लॉकडाउन में सिर्फ ओबी डिस्पोजल हो रहा : मैनेजरओपेनकास्ट परियोजना के मैनेजर अनिल कुमार पासवान ने बताया कि लॉकडाउन में सिर्फ ओबी हटाया जा रहा है. अभी उत्पादन होगा तो ट्रांसपोर्टिंग कहां होगी. उन्होंने कहा कि माइंस में न्यूनतम कर्मियों से काम कराया जा रहा है. मशीनें रोज सेनेटाइज की जाती है. सोशल डिस्टेंसिंग का सख्ती से पालन कराया जा रहा है. उन्होंने बताया कि लॉकडाउन खत्म होने पर कोयला का उत्पादन शुरू होगा.
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By Shaurya Punj
शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.
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