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Giridih News : पुलिस ने खेल मैदान में बिछाया जाल, दो कंबल चोर की हुई गिरफ्तारी

Giridih News : खुद खेलने लगे चोरों के साथ क्रिकेट, दो महीनों से चल रही वारदात का खुलासा

Giridih News : प्रतिनिधि, गिरिडीह.

सर्द मौसम में लोगों को ठंड से बचाने वाला कंबल पचंबा थाना क्षेत्र में इन दिनों अपराध की वजह बन गया है. आमतौर पर चोरों का निशाना नकदी, मोबाइल, गहने या महंगे सामान होते हैं, पर यहां चोरों ने बिल्कुल अलग राह चुनी. सड़क किनारे फुटपाथ पर रजाई-कंबल बेचकर रोज़ी-रोटी चलाने वाले दुकानदारों की दुकानों से लगातार कंबल चोरी होने लगी. इससे इलाके में बेचैनी फैल गयी. गिरिडीह पुलिस ने काफी चतुराई से जाल बिछाकर वारदात में शामिल लोगों को अपनी गिरफ्त में लेने में सफल रही. और इस तरह दो महीने से चल रही वारदात का खुलासा हो गया.

रोज रात को गायब हो जाते थे कंबल :

पचंबा के मुख्य मार्गों और चौराहों पर अस्थायी तौर पर दुकान लगाकर व्यापार करने वाले अधिकांश दुकानदार दूसरे राज्यों से आये हैं. ये लोग दिनभर खुले में बैठकर रजाई, कंबल और गद्दे बेचते हैं और रात होने पर दुकान का पर्दा गिराकर वहीं सो जाते हैं. इसी मजबूरी को चोरों ने अपनी ताकत बना लिया. आधी रात के बाद जब सड़कें सुनसान हो जाती थीं, तभी चोर दुकानों में घुसकर बिना किसी तोड़फोड़ के कंबल चुराकर ले जाते थे. शुरुआत में दुकानदारों को लगा कि गिनती में ही गलती हो रही है, पर जब रोज़ दो-चार कंबल कमने लगे तो मामला समझ में आ गया. कुछ ही दिनों में लगभग आधा दर्जन दुकानदार इस चोरी का शिकार हो चुके थे.

पुलिस ने लिया गंभीरता से :

कंबलों की लगातार हो रही चोरी से आर्थिक नुकसान के साथ-साथ दुकानदारों में असुरक्षा की भावना भी गहराने लगी. आखिरकार सभी पीड़ित दुकानदार एकजुट होकर पचंबा थाना में शिकायत की. लगातार मिल रही शिकायतों ने पुलिस को भी हरकत में ला दिया. आम चोरी से अलग इस मामले को पुलिस ने गंभीरता से लिया. पुलिस ने जाल बिछाया और कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को पकड़ लिया. गिरफ्तार युवकों की पहचान पचंबा थाना क्षेत्र के मोहनपुर निवासी देवदास उर्फ भोला दास और लखारी निवासी अंशु सिंह के रूप में हुई है.

दो महीनों में 68 कंबलों की चोरी :

उत्तरप्रदेश के मुरादाबाद निवासी दुकानदार मो इरफान अंसारी ने बताया कि वे अपने अन्य साथियों के साथ हर साल ठंड के मौसम में पचंबा पहुंचकर दुर्गा स्थान के समीप सड़क किनारे रजाई और कंबल की दुकान लगाते हैं. इरफान ने बताया कि दो महीनों से उन्हें लगातार नुकसान हो रहा था. शुरुआत में अंदाजा लगाना मुश्किल हो रहा था कि कंबल की चोरी हो रही है या फिर गिनती में ही कोई चूक हो रही है. रोजाना दो-चार कंबल कम मिलने लगे थे, पर स्पष्ट सबूत नहीं होने से किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पा रहे थे. बताया कि बीते दिनों सुबह जब नींद खुली तो देखा कि दुकान का पर्दा फटा हुआ है. इससे उन्हें शक हुआ. इसके बाद जब सभी दुकानदारों ने मिलकर कंबलों की गिनती की तो होश उड़ गये. मिलान करने पर कुल 68 कंबल गायब पाये गये. चोरी की यह संख्या जानकर सभी दुकानदार सकते में आ गए. पीड़ित दुकानदार ने बताया कि चोर रात के अंधेरे में बड़ी सफाई से दुकान में घुसता था और शातीर ढंग से कंबल उठा ले जाता था. किसी को भनक तक नहीं होती थी. दो महीने तक लगातार हो रही चोरी से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है.

… और बैटिंग करने उतरे थाना प्रभारी

इस अनोखी चोरी की गुत्थी सुलझाने के लिए पचंबा पुलिस ने भी उतनी ही अनोखी रणनीति अपनायी. लगातार मिल रही शिकायतों के बाद पुलिस ने सबसे पहले इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने शुरू किये. देर रात और तड़के सुबह के फुटेज में कुछ संदिग्ध युवकों की गतिविधियां कैमरे में कैद हुईं. पुलिस इनकी पहचान करने में जुट गयी. फुटेज के विश्लेषण के बाद पुलिस ने कुछ युवकों को चिह्नित किया. इसी दौरान एक संदिग्ध की पहचान देवदास उर्फ भोला दास के रूप में हुई. इसके बाद पुलिस ने तकनीक की मदद से उसके लोकेशन ट्रेस की. लोकेशन पचंबा थाना के पीछे स्थित बाजार समिति मैदान की मिली. वहां कुछ युवक क्रिकेट खेल रहे थे. स्थिति की गंभीरता को समझते हुए थाना प्रभारी राजीव कुमार ने बिना पुलिस बल के और पूरी सतर्कता के साथ मैदान का रुख किया. वहां पहुंचने पर देखा कि कई युवक आपस में क्रिकेट खेल रहे थे और उन्हीं में से एक युवक देवदास भी मौजूद था. यदि पुलिस सीधे कार्रवाई करती तो आरोपी के भागने की पूरी आशंका थी. इसी को देखते हुए थाना प्रभारी ने बेहद चालाकी से खुद को आम खिलाड़ी की तरह प्रस्तुत किया. वे क्रिकेट खेल रहे युवकों के पास पहुंचे और कहा कि वे भी थोड़ी देर क्रिकेट खेलना चाहते हैं. इसके बाद उन्होंने बैट मांगा और कुछ देर तक युवकों के साथ बल्लेबाजी भी की. पुलिस अधिकारी को खेलते देख किसी को भी शक नहीं हुआ. जैसे ही मौका मिला, थाना प्रभारी राजीव कुमार ने तेजी से कार्रवाई करते हुए देवदास उर्फ भोला दास को मौके पर ही पकड़ लिया. अचानक हुई इस कार्रवाई से मैदान में अफरातफरी मच गयी. इसके बाद आरोपी से पूछताछ हुई तो उसने चोरी में अपनी संलिप्तता स्वीकार की. उसकी निशानदेही पर पुलिस ने दूसरे आरोपी अंशु सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया. पुलिस की इस सूझबूझ और रणनीतिक कार्रवाई की पूरे इलाके में चर्चा हो रही है. लोग पुलिस की इस अनोखी कार्यशैली की भी सराहना कर रहे हैं.

चार से पांच सौ रु में खपाते थे चोरी के कंबल :

दोनों आरोपियों से सख्ती से पूछताछ करने पर कंबल चोरी की पूरी कार्यप्रणाली सामने आ गई. आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे रात के समय फुटपाथ पर लगी दुकानों को निशाना बनाते थे और फिर सुबह होते ही उन्हें अलग-अलग इलाकों में कम दामों पर बेच देते थे. पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि चोरी के कंबलों को वे 400-500 रु में बेचते थे, ताकि जल्दी ग्राहक मिल जाए और किसी को शक भी न हो. आरोपियों ने चोरी के कंबलों को खपाने के लिए कई स्थानों को चुना था. आरोपी कभी राह चलते लोगों को, तो कभी छोटे दुकानदारों को सस्ते दाम का लालच देकर कंबल बेच देते थे. इसी वजह से लंबे समय तक चोरी का खुलासा नहीं हो सका. पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर अलग-अलग इलाकों में छापेमारी कर अब तक कुल चोरी के 12 कंबल बरामद किये हैं. हालांकि पुलिस का कहना है कि चोरी गये कंबलों की संख्या इससे कहीं अधिक है. इसी को लेकर पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं यह कंबल चोरी का नेटवर्क शहर के अन्य हिस्सों तक तो नहीं फैला हुआ था. कंबल चोरी का यह अनोखा मामला अब सिर्फ पचंबा थाना क्षेत्र तक सीमित नहीं रह गया है. पूरे शहर में इसकी चर्चा जोरों पर है. लोग हैरान हैं कि सर्दी से बचाव के लिए इस्तेमाल होने वाला कंबल भी अपराध का जरिया बन सकता है.

चोरी चाहे किसी भी तरह की हो, बर्दाश्त नहीं : थाना प्रभारी

पचंबा थाना प्रभारी राजीव कुमार ने बताया कि क्षेत्र में चोरी की किसी भी घटना को हल्के में नहीं लिया जायेगा, चाहे वह कीमती सामान की हो या फिर सामान्य वस्तुओं की. उन्होंने कहा कि आम लोगों की मेहनत की कमाई की सुरक्षा पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है. इस मामले में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है. कहा कि पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस चोरी की घटनाओं में इनके अलावा और कोई व्यक्ति या गिरोह शामिल तो नहीं है. चोरी के अन्य सामान की बरामदगी को लेकर भी छापेमारी जारी है.

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