आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने बताया कि उन्होंने 24 दिसंबर 2025 को उपायुक्त, सिविल सर्जन, अनुमंडल पदाधिकारी और जिले के सभी 12 ब्लॉक के प्रभारी सह चिकित्सा प्रभारी को अपने सात सूत्री मांग-पत्र सौंपा था, जिसमें मासिक मानदेय, इपीएफ और इएसआइ में गड़बड़ी समेत अन्य मांगें शामिल थीं, लेकिन अब तक किसी पर भी कार्रवाई नहीं हुई. नाराज कर्मियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो सात जनवरी से सभी कर्मी अपने कार्यस्थल पर काला बिल्ला लगाकर सांकेतिक धरना देंगे और 15 जनवरी से अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे. उन्होंने प्रमुख मांगों में बकाया वेतन का भुगतान, सरकारी वेतन और बोनस का समय पर भुगतान, सभी पदों पर नियुक्ति पत्र, तकनीकी कर्मियों को उचित श्रेणी में वेतन, मासिक मानदेय की समय पर अदायगी और अनुत्तीर्ण कंप्यूटर ऑपरेटर के पद बहाल करना शामिल है. मौके पर जेएलकेएम के संयुक्त महासचिव नागेंद्र चंद्रवंशी, केंद्रीय संगठन सचिव अर्जुन पंडित, कार्यकर्ता संदीप मलहा, आकाश विश्वकर्मा, आउटसोर्सिंग स्वास्थ्य कर्मी संघ के अध्यक्ष आफताब आलम के साथ लगभग 150 कर्मी मौजूद थे.
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