रविवार को कोल इंडिया चेयरमैन सनोज झा ने एक पत्र जारी कर कहा है कि श्रम संहिताओं से उत्पादन क्षमता, कार्यस्थल की पारदर्शिता और औद्योगिक संबंधों में स्थिरता आएगी, जिसका लाभ कर्मचारियों और संगठन दोनों को मिलेगा. श्रम संहिताओं का उद्देश्य देश के कार्यबल के लिए बेहतर कार्य वातावरण, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, महिलाकर्मियों के लिए अधिक अवसर, तथा उत्पादन बढ़ाने वाली व्यवस्था स्थापित करना है. इसके लिए कंपनी ने सभी यूनियनों और कर्मचारियों से सहयोग करने का आह्वान किया है. उल्लेख किया कि वित्तीय वर्ष 2025–26 के दौरान कंपनी को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, वहीं सहायक कंपनियों पर भी विभिन्न पहलुओं का प्रभाव पड़ेगा. ऐसे समय में किसी भी प्रकार की नकारात्मक गतिविधि या अवरोध उत्पादन में कमी ला सकती है, जो कंपनी के समग्र प्रदर्शन पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है. पत्र में कहा गया है कि उद्योग में शांति बनाए रखना, सकारात्मक माहौल बनाना और परिवर्तन को स्वीकार करना कोल इंडिया के लिए अत्यंत आवश्यक है, ताकि ऊर्जा सुरक्षा के राष्ट्रीय लक्ष्य को पूरा किया जा सके. उन्होंने कंपनी ने कर्मचारियों व यूनियनों से अपील की है कि वे कोल इंडिया की सौहार्द, प्रगति और कल्याण की परंपरा को बनाए रखें और श्रम संहिताओं के सफल क्रियान्वयन में पूरा समर्थन दें.
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