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Giridih News :सीटीओ की वैधता समाप्त होने के बाद भी धड़ल्ले से चल रहे कई क्रशर

Updated at : 19 Jul 2025 11:02 PM (IST)
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Giridih News :सीटीओ की वैधता समाप्त होने के बाद भी धड़ल्ले से चल रहे कई क्रशर

Giridih News :जिले के बेंगाबाद प्रखंड में कई पत्थर क्रशर अवैध रूप से संचालित किये जा रहे हैं. बताया जा रहा है कि कई क्रशरों की सीटीओ की वैधता समाप्त हो गयी है. लेकिन उसके बाद भी इन क्रशरों के दस्तावेजों की जांच करने वाला कोई नहीं है. फलस्वरूप बेरोक-टोक एक लंबे अर्से से ऐसे क्रशरों का संचालन संबंधित विभागों के मिलीभगत से की जा रही है. बेंगाबाद प्रखंड में कुल 17 क्रशर संचालित है जिसमें से लगभग आधे दर्जन क्रशरों के सीटीओ की मान्यता समाप्त हो चुकी है.

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बेंगाबाद में खपाये जा रहे हैं पत्थर, सरकार को रॉयल्टी और जीएसटी मद में लाखों का नुकसान

जिले के बेंगाबाद प्रखंड में कई पत्थर क्रशर अवैध रूप से संचालित किये जा रहे हैं. बताया जा रहा है कि कई क्रशरों की सीटीओ की वैधता समाप्त हो गयी है. लेकिन उसके बाद भी इन क्रशरों के दस्तावेजों की जांच करने वाला कोई नहीं है. फलस्वरूप बेरोक-टोक एक लंबे अर्से से ऐसे क्रशरों का संचालन संबंधित विभागों के मिलीभगत से की जा रही है. बेंगाबाद प्रखंड में कुल 17 क्रशर संचालित है जिसमें से लगभग आधे दर्जन क्रशरों के सीटीओ की मान्यता समाप्त हो चुकी है. मिली जानकारी के अनुसार बेंगाबाद के भंडारीडीह में मो नसीम नामक क्रशर के सीटीओ की वैधता 31 मई, 2024 को समाप्त हो चुकी है. जबकि इसी प्रखंड के मुंढारी मौजा में करमजोरा मोड़ के पास स्थित मेसर्स केजीएन स्टोन के सीटीओ की वैधता 30 जून, 2024 को समाप्त हुई है. मो नसीम के क्रशर में स्टोन चिप्स क्रश किया जाता है, जबकि मेसर्स केजीन स्टोन में चिप्स के साथ-साथ डस्ट की भी क्रशिंग की जाती है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ये क्रशर पिछले डेढ़ वर्षों से अवैध रूप से संचालित है. इसके अलावे भी इस इलाके में कई क्रशर हैं जिनका संचालन अवैध रूप से किया जा रहा है.

आसपास के इलाके से लाये जा रहे हैं बोल्डर-पत्थर

मिली जानकारी के अनुसार अवैध क्रशरों में बेंगाबाद प्रखंड के आसपास के इलाके से अवैध पत्थर मंगाये जा रहे हैं. बेंगाबाद से सटे देवघर जिला के मधुपुर और मरगोमुंडा के साथ-साथ बेंगाबाद प्रखंड के झलकडीहा से अवैध बोल्डर मंगाकर क्रशरों में खपाया जा रहा है. इसके अलावे पास के जंगलों से भी पत्थरों को संग्रह कर इन क्रशरों में लाया जा रहा है.

प्रत्येक माह सरकार को लाखों रुपये राजस्व का नुकसान

मिली जानकारी के अनुसार लगभग आधे दर्जन संचालित अवैध क्रशरों में प्रत्येक दिन लगभग तीन दर्जन हाईवा से बोल्डर खपाये जा रहे हैं. प्रत्येक हाईवा में लगभग 400 सीएफटी बोल्डर पत्थर की ढुलाई होती है. सूत्रों का कहना है कि ये बोल्डर-पत्थर बिना माइनिंग चलान के ही विभागीय मिलीभगत से खपाये जा रहे हैं. प्रत्येक हाईवा में औसतन 2832 रुपये की रॉयल्टी के दर से सरकार को लाखों रुपये का नुकसान हर माह हो रहा है. वहीं इस अवैध कारोबार में जीएसटी की भी चोरी व्यापक पैमाने पर की जा रही है.

दस्तावेज देने में की जा रही है आनाकानी

मिली जानकारी के अनुसार डीसी के निर्देश के बाद क्रशरों के दस्तावेजों की जांच-पड़ताल शुरू तो की गयी है, लेकिन कई क्रशर संचालक दस्तावेज जमा करने में आनाकानी कर रहे हैं. बताया जाता है कि बेंगाबाद के अंचलाधिकारी के द्वारा कुल 17 क्रशर संचालकों को बैठक में उपस्थित रहने के लिए नोटिस जारी किया गया था. इनमें से दस लोग ही बैठक में उपस्थित हुए. जबकि मात्र 8 लोगों ने अपना दस्तावेज सौंपा है. सूचना के मुताबिक दस्तावेज नहीं मिलने के बाद कई अवैध क्रशरों की भौतिक सत्यापन भी की गयी है. भौतिक सत्यापन के दौरान भी कई अवैध क्रशर चालू स्थिति में पाये गये.

जांच रिपोर्ट तैयार कर डीएमओ को भेजी जायेगी : सीओ

बेंगाबाद के अंचलाधिकारी प्रियंका प्रियदर्शी ने कहा कि पिछले दिनों कई क्रशरों की जांच-पड़ताल की गयी है. बताया कि इस संबंध में जांच रिपोर्ट तैयार की जा रही है. रिपोर्ट तैयार होने के बाद उसे आवश्यक कार्रवाई के लिए जिला खनन पदाधिकारी को भी भेजा जायेगा. उन्होंने बताया कि क्रशर के अवैध संचालन के संबंध में सूचनाएं मिली है. शीघ्र ही ऐसे संचालकों के विरुद्ध कार्रवाई होगी.

अवैध रूप से संचालित क्रशर किये जायेंगे सील : एसडीओ

गिरिडीह सदर अनुमंडल के एसडीओ श्रीकांत यशवंत विस्पुते ने कहा कि बेंगाबाद प्रखंड में संचालित क्रशरों की जांच-पड़ताल का निर्देश वहां के अंचलाधिकारी को दिया गया है. जांच-पड़ताल की जा रही है. रिपोर्ट आने के बाद विधिसम्मत कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने कहा कि यदि किसी भी क्रशर का सीटीओ की वैधता समाप्त हो गयी है और उसका संचालन किया जा रहा है तो उसे सील किया जायेगा. साथ ही आगे की कार्रवाई के लिए खनन विभाग को रिपोर्ट भेजी जायेगी. (राकेश सिन्हा, गिरिडीह)

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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By PRADEEP KUMAR

PRADEEP KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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