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Giridih News :सदर अस्पताल : टंकी में बजबजा रहे कीड़े, जमे हैं शैवाल, मरीजों को जहर जैसा पानी पिला रहा प्रबंधन

Updated at : 18 Feb 2026 10:31 PM (IST)
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Giridih News :सदर अस्पताल : टंकी में बजबजा रहे कीड़े, जमे हैं शैवाल, मरीजों को जहर जैसा पानी पिला रहा प्रबंधन

Giridih News :गर्मी का मौसम अब दस्तक देने ही वाला है, लेकिन इससे पहले ही गिरिडीह जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल में पेयजल की भारी किल्लत शुरू हो गयी है. हालात ऐसे हैं कि अस्पताल पहुंच रहे मरीज और उनके परिजन प्यास बुझाने के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं.

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गौरतलब है कि अस्पताल प्रशासन ने अस्पताल के वेटिंग एरिया और जनरल वार्ड जाने वाले रास्ते में, एसआरएल के सामने वाटर कूलर मशीन लगवाया है. इनमें से एक मशीन बंद पड़ी है, जबकि दूसरी मशीन से काफी कम पानी आता है, जो मरीजों की संख्या के लिहाज से पर्याप्त नहीं है. इतना ही नहीं, अस्पताल की छत पर लगी पानी की टंकी की स्थिति और भी खतरनाक है. टंकी में जमा पानी अत्यधिक गंदा है. हालत यह है कि अगर कोई उस पानी को पी ले, तो गंभीर रूप से बीमार पड़ सकता है. सवाल यह उठता है कि जिस अस्पताल में लोग अपनी बीमारी का इलाज कराने आते हैं, वहीं का दूषित पानी उनके स्वास्थ्य के लिए खतरा बनता जा रहा है.

अस्पताल की छत पर लगी पानी की टंकियां बदहाल

अस्पताल की छत पर पानी की सप्लाई के लिए लगायी गयीं टंकियां पूरी तरह से गंदगी, काई और शैवाल की चपेट में हैं. इसका पानी किसी भी नाले के पानी से भी गंदा है. टंकियों की लंबे समय से साफ-सफाई नहीं करायी गयी है, इससे उनमें जमा पानी पीने योग्य नहीं रह गया है. सबसे चिंताजनक बात यह है कि अस्पताल परिसर में लगी कई पानी की टंकियों में ढक्कन तक नहीं लगाया गया है. खुले में पड़ी इन टंकियों में धूल-मिट्टी, पत्ते और अन्य गंदगी गिरती है. यही नहीं, कभी-कभी यह भी शिकायत सामने आती है कि टंकी के अंदर चूहा डूब जाता है और उसी टंकी का पानी अस्पताल के वार्डों और नलों में सप्लाई कर दिया जाता है.

लोगों के लिए नाले जैसा पेयजल… और खुद पीते हैं मिनरल वाटर

नाम ना छापने की शर्त पर अस्पताल के एक कर्मी ने बताया कि वह लोग स्वयं बाहर से पानी का जार मंगवाकर रखते है और उसी से पानी पीते हैं. कहा की वह लोग खुद बाहर से मंगवाकर पानी पीते हैं. हैरानी की बात यह है कि अस्पताल परिसर में वाटर कूलर और पानी की व्यवस्था के लिए मशीनें लगी होने के बावजूद मरीजों और उनके परिजनों को मजबूरन अस्पताल के बाहर से पानी खरीदकर लाना पड़ रहा है.

अस्पताल में हर रोज आते हैं 200 से 250 मरीज

सदर अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज इलाज की उम्मीद लेकर पहुंच रहे हैं. यहां हर दिन औसतन 200 से 250 मरीज शहर के विभिन्न इलाकों के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से इलाज कराने आते हैं. इनमें बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे और गंभीर रोगों से पीड़ित मरीज भी शामिल होते हैं. गर्मी के इस मौसम में मरीजों की संख्या में और इजाफा हो जाता है. सुबह से ही ओपीडी और वार्डों में भीड़ देखने को मिलने लगती है.

जल्द सुधरेगी पेयजल व्यवस्था : डीएस

इस मामले में डीएस डॉ प्रदीप बैठा ने बताया कि सदर अस्पताल परिसर में मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दो वाटर कूलर लगाये गये हैं. सूचना मिली है कि इनमें से एक वाटर कूलर फिलहाल बंद पड़ा हुआ है, जिसकी जांच की जाएगी. छत पर लगी टंकी के गंदा होने की शिकायत भी संज्ञान में आयी है. जल्द ही उसकी साफ-सफाई के साथ आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाये जायेंगे.

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PRADEEP KUMAR

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By PRADEEP KUMAR

PRADEEP KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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