गिरिडीह में पुलिस ने दो साइबर ठगों को किया गिरफ्तार, घटना को अंजाम देते हुए आए गिरफ्त में
Published by : Sweta Vaidya Updated At : 31 Mar 2026 12:52 PM
साइबर क्राइम सांकेतिक तस्वीर (Image- Canva)
Giridih News: गिरिडीह में साइबर थाना पुलिस ने दो साइबर ठगों को गिरफ्तार कर लिया है. ये आरोपी फर्जी ई-चालान और ई-केवाईसी लिंक भेजकर लोगों के पैसे निकाल लेते थे. इससे संबंधित रिपोर्ट नीचे पढ़ें.
Giridih News: झारखंड के गिरिडीह जिले में साइबर थाना पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ अभियान तेज करते हुए दो साइबर ठगों को रविवार यानी 29 मार्च देर रात गिरफ्तार करने में सफलता पाई है. गिरफ्तार आरोपित देवघर जिला के मारगोमुंडा थानांतर्गत बनसिम्मी गांव का अमजद अंसारी और रजाउल अंसारी हैं. सोमवार को दोनों को जेल भेज दिया गया.
सूचना के आधार पर की गई छापेमारी
साइबर डीएसपी आबिद खान ने बताया कि एसपी डॉ बिमल कुमार को प्रतिबिंब पोर्टल के जरिए सूचना मिली थी कि गांडेय थाना क्षेत्र के धोबिया मोड़ से सटे खंभाटांड़ गांव के पास डंगाल में कुछ साइबर अपराधी ठगी कर रहे हैं. सूचना के सत्यापन के बाद साइबर थाना प्रभारी दीपेश कुमार के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल गठित किया गया. टीम ने बताए जगह पर दबिश दी. देखा कि कुछ लोग बैठकर मोबाइल के जरिए ठगी कर रहे हैं. पुलिस को देखते ही दोनों भागने लगे, लेकिन टीम ने खदेड़कर दोनों को पकड़ लिया.
फर्जी ई-चालान व ई-केवाइसी लिंक भेजकर करते थे ठगी
पुलिस पूछताछ में दोनों ने कई खुलासे किए. दोनों ने स्वीकार किया कि वे सोशल मीडिया पर फर्जी लिंक भेजकर आम लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे. साइबर डीएसपी ने बताया कि आरोपित आरटीओ ई-चालान 17 एपीके, आरटीओ चालान चेक नाउ एपीके और इंडसलैंड बैंक ई-केवाइसी अपडेट एपीके जैसे नामों से फर्जी लिंक तैयार कर लोगों को भेजते थे. जैसे ही कोई व्यक्ति लिंक पर क्लिक करता, उसके मोबाइल में मॉलवेयर इंस्टॉल हो जाता, जिससे ठगों को मोबाइल और बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारियां मिल जाती थी. इसके बाद आरोपी पीड़ितों के खातों से अवैध रूप से रुपये निकाल लेते थे.
पहचान छिपाने के लिए अपनाते थे यह तरीका
डीएसपी ने बताया कि पुलिस से बचने के लिए दोनों अपनी पहचान छिपाने की पूरी कोशिश करते थे. वे जानबूझकर अपने जिले को छोड़कर दूसरे जिले के बॉर्डर एरिया को ठगी के लिए चुनते थे, जिससे किसी एक थाना क्षेत्र में लंबे समय तक एक्टिव न रहें और आसानी से पकड़ में न आएं. इसी रणनीति के तहत दोनों आरोपी गांडेय थाना क्षेत्र के सीमावर्ती इलाके में बैठकर ठगी की घटनाओं को अंजाम दे रहे थे.
पुलिस ने बरामद किया ये सामान
छापेमारी के दौरान गिरफ्तार आरोपितों के साथ छह मोबाइल फोन, चार अलग-अलग कंपनियों के सिम कार्ड और एक बाइक बरामद किया गया है. बरामद मोबाइल और सिम कार्ड के माध्यम से ठगी से जुड़े सबूत जुटाए जा रहे हैं. टीम में साइबर थाना प्रभारी दीपेश कुमार के अलावा एसआई पुनीत कुमार गौतम और गुंजन कुमार, एएसआई संजय मुखियार, सशस्त्र बल के जवान और गांडेय थाना के चौकीदार शामिल थे.
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By Sweta Vaidya
श्वेता वैद्य प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में एक साल से अधिक का अनुभव है. पिछले करीब दो महीनों से वे झारखंड बीट पर सक्रिय रूप से काम कर रही हैं. इस दौरान वे राज्य से जुड़ी ताजा खबरों, लोगों से जुड़े मुद्दे और जरूरी जानकारियों पर आधारित स्टोरीज तैयार कर रही हैं. इससे पहले उन्होंने लाइफस्टाइल बीट के लिए भी कंटेंट लिखा. इस बीट में उन्होंने रेसिपी, फैशन, ब्यूटी टिप्स, होम डेकोर, किचन टिप्स, गार्डनिंग टिप्स और लेटेस्ट मेहंदी डिजाइन्स जैसे रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर रोचक और उपयोगी आर्टिकल लिखे. श्वेता की हर बार कोशिश यही रहती है कि बात आसान, साफ और सीधे तरीके से लोगों तक पहुंचे, जिससे कि हर कोई उसे बिना दिक्कत के समझ सके. कंटेंट राइटर के तौर पर उनका फोकस होता है कि कंटेंट सिंपल, रिलेटेबल और यूजर-फ्रेंडली हो.
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