Giridih News: खेतों में नहीं है डीप बोरिंग, किसानों को होती है परेशानी

Giridih News: बिरनी प्रखंड के पड़रिया पंचायत में प्रभात खबर आपके द्वार का आयोजन किया गया. इस दौरान लोगों ने अपनी अपनी समस्याओं को सामने रखा. साथ ही विभागीय अधिकारी व जनप्रतिनिधियों से समस्याओं का निराकरण करने की मांग की. कहा कि संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से इसे लेकर कई बार गुहार लगायी गयी पर समाधान अब तक नहीं हो पाया.
पडरिया पंचायत बिरनी प्रखंड मुख्यालय से महज चार किलोमीटर है, जबकि गिरिडीह जिला मुख्यालय से 55 किलोमीटर दूर है. पंचायत में लगभग 7 हजार मतदाता हैं, इसमें 14 वार्ड बनाये गये हैं. पंचायत में एक मुखिया व एक पंचायत समिति सदस्य बनाये गये हैं. राजस्व गाव की संख्या चार है, जबकि टोला की संख्या दो है. पंचायत के लोगों ने अपनी अपनी समस्याओं को प्रभात खबर के समक्ष प्रमुखता से रखा और कहा कि पड़रिया गांव में नीचे टोला में सरकार व मुखिया फंड से नाली का निर्माण कराया गया था, जिसे ग्रामीणों ने मिट्टी डालकर भर दिया है. घरों का गंदा पानी सड़क पर बहता है, जिस कारण वृंदा, मुरैना, रूपायड़ीह, चानो समेत अन्य गांव के ग्रामीणों को आवाजाही में काफी दिक्कत होती है.
सिंचाई व बेरोजगारी है मुख्य समस्या
पंचायत के लोगों ने बताया कि पड़रिया गांव के दर्जनों किसान सालों भर सिजनबेल कृषि का कार्य करते हैं, लेकिन वैसे किसानों को डीप बोरिंग नहीं रहने के कारण पटवन में काफ़ी दिक्कत होती है. साथ ही युवकों को रोजगार नहीं रहने के कारण ज्यादातर लोग मुंबई, सूरत,कोलकाता जैसे महानगरों में रहकर अपना व अपने परिवार का पेट पालते हैं. त्योहार में वैसे युवा घर आते हैं और त्योहार खत्म होने के साथ ही वापस चले जाते हैं.क्या कहते हैं पडरिया पंचायत के वासी
पडरिया गांव में नाली बनने के बावजूद लोग घरों का गंदा पानी रोड में निकालते हैं, जिससे आए दिन छोटे मोटे झगड़े होते रहते हैं. विधि व्यवस्था में भी दिक्कत होती है. कुछ दिन पहले एक गाड़ी से एक व्यक्ति के घर की दीवार पर गंदा पानी पड़ गया था. मामला थाना तक जा पहुेचा था. अधिकारी इस पर पहल करते हुए घरों से निकल रहे गंदे पानी को रोकने का काम करें. – पप्पू पंडित, ग्रामीण, वृंदा.
…पड़रिया गांव मे नल जल योजना के तहत जलमीनार लगाया गया है. इसमें सड़क के एक ओर लोगों के घरों में कनेक्शन दिया ही नहीं गया है. साथ ही कनेक्शन भी आधा अधूरा किया गया है. पड़रिया में घर से निकलते गंदे पानी से लोगों को काफी दिक्कत होती है. लोगों को पैदल सड़क पर चलने के लिए सो बार सोचना पड़ता है. – संतोष दास, ग्रामीण.
…आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति ठीक नहीं है. मुरैना में राशि निकाल ली गई है, बावजूद आज तक भवन नहीं बना है. आंगनबाड़ी के बच्चे भाड़े के घर में पठन पाठन करते हैं. लघु कुटीर उद्योग को स्थापित करने के लिए जेएसएलपीएस के माध्यम से समूह की महिलाओं को जोड़ना था, पर आज तक कोई काम नहीं हो पाया है. – किरण कुमारी, उपमुखिया.क्या कहते हैं मुखिया
मुखिया विजय दास ने कहा कि पंचायत में जो भी समस्या है, उससे बीडीओ को लिखित व मौखिक रूप से अवगत कराया जा चुका है. इतना ही नहीं बीडीओ को घर घर ले जाकर दिखाया भी गया है. घर से गंदे पानी की निकासी मामले में लोगों में व्यवहार परिवर्तन करने की जरूरत है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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