Giridih News: सदर अस्पताल में आंखों व दांत के डॉक्टर कर रहे घायल और इमरजेंसी के मरीजों का इलाज, जान को खतरा

Updated at : 10 Jun 2025 2:26 AM (IST)
विज्ञापन
Giridih News: सदर अस्पताल में आंखों व दांत के डॉक्टर कर रहे घायल और इमरजेंसी के मरीजों का इलाज, जान को खतरा

Giridih News: गिरिडीह सदर अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था की हालत दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है. अस्पताल में जहां मेडिकल ऑफिसर के 13 पद स्वीकृत हैं, वहां वर्तमान में केवल एक ही मेडिकल ऑफिसर कार्यरत है. चिकित्सकों की भारी कमी के कारण अस्पताल की ओपीडी से लेकर आपातकालीन सेवाओं तक का पूरा दारोमदार अब विशेषज्ञ डॉक्टरों के कंधों पर आ गया है.

विज्ञापन

मेडिकल ऑफिसर की अनुपलब्धता की वजह से नेत्र रोग विशेषज्ञ, दंत चिकित्सक सहित अन्य विभागों के डॉक्टरों को सामान्य ओपीडी ड्यूटी में लगाया जा रहा है. इससे जहां एक ओर मरीजों को उनकी बीमारी के अनुसार विशेषज्ञ इलाज नहीं मिल पा रहा है, वहीं दूसरी ओर डॉक्टरों को भी अपने वास्तविक कार्य क्षेत्र से अलग होकर ड्यूटी करनी पड़ रही है. इससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं. घायल या आपातकालीन मरीज को तत्काल इलाज की जरूरत होती है तो उसका इलाज भी दांत या आंख के डॉक्टरों से ही करवाया जा रहा है इससे मरीजों की जान को भी खतरा हो सकता है क्योंकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में सही विशेषज्ञ का होना बहुत जरूरी होता है. इस पूरे हालात का सीधा असर मरीजों की देखभाल पर पड़ रहा है.

आये दिन मरीजों को बिना इलाज लौटना पड़ता है, डॉक्टर्स पर भी पड़ रहा ओवरलोड

अस्पताल आने वाले लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है तो कई मामलों में सही सलाह और इलाज नहीं मिल पा रहा है. दूसरी ओर डॉक्टरों पर अतिरिक्त कार्यभार और मानसिक दबाव भी लगातार बढ़ता जा रहा है. अस्पताल कर्मियों की मानें तो कई बार इस विषय को उच्च अधिकारियों के समक्ष उठाया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सदर अस्पताल में इस तरह की स्थिति का बने रहना गंभीर सवाल खड़े करता है.

रात में भी विशेषज्ञ डॉक्टरों से कराया जा रहा इमरजेंसी इलाज

गिरिडीह सदर अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की हालत बद से बदतर होती जा रही है. हालात ऐसे हैं कि रात के समय आपातकालीन सेवा की जिम्मेदारी भी अब विशेषज्ञ डॉक्टरों के हवाले कर दी गयी है. नेत्र रोग, दंत रोग, ऑर्थोपेडिक के विशेषज्ञों को भी इमरजेंसी वार्ड में ड्यूटी निभानी पड़ रही है. इसका सीधा असर गंभीर रूप से घायल या अत्यधिक बीमार मरीजों के इलाज पर पड़ रहा है. क्योंकि मेडिकल ऑफिसरों की जबरदस्त कमी बनी हुई है. इस एकमात्र अधिकारी के भरोसे पूरा अस्पताल चलाना नामुमकिन हो गया है, जिसके चलते अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों को ओपीडी से लेकर नाइट शिफ्ट तक ड्यूटी पर लगाया जा रहा है. विशेषज्ञ डॉक्टर, जिनका कार्य किसी विशेष रोग या स्थिति का इलाज करना होता है, वे अब सामान्य बुखार, चोट, एक्सीडेंट और अन्य आपातकालीन मामलों में भी इलाज कर रहे हैं. रात में अगर कोई सड़क हादसे का शिकार घायल अस्पताल पहुंचता है, तो उसका इलाज आंख या दांत के डॉक्टर से करवाया जा रहा है. ऐसे में मरीजों की जान को गंभीर खतरा बना रहता है, क्योंकि कई बार इलाज में अनुभव की जरूरत होती है जो सामान्य मेडिकल ऑफिसर ही बेहतर दे सकता है. अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि वे यहां इलाज कराने आते हैं, लेकिन डॉक्टरों की कमी के कारण घंटों इंतजार करना पड़ता है और फिर जिस बीमारी के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर की जरूरत होती है, वहां सामान्य या अन्य विशेषज्ञ इलाज कर रहे होते हैं.

कई बार विभाग को लिखा जा चुका है पत्र : सिविल सर्जन

गिरिडीह सदर अस्पताल में मेडिकल ऑफिसरों की लगातार कमी को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की ओर से कई बार उच्च विभाग को पत्राचार किया गया है. इस संबंध में गिरिडीह के सिविल सर्जन डॉ शिव प्रसाद मिश्रा ने बताया कि वर्तमान में अस्पताल में मेडिकल ऑफिसर के कुल 13 पद स्वीकृत हैं, लेकिन दुर्भाग्यवश यहां केवल एक मेडिकल ऑफिसर कार्यरत हैं. उन्होंने कहा कि इस कारण दंत, नेत्र समेत अन्य विशेषज्ञ डॉक्टरों को ओपीडी के साथ-साथ इमरजेंसी ड्यूटी में भी लगाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि इस संकट की जानकारी विभाग को पहले भी दी जा चुकी है. हमने कई बार विभाग को पत्र के माध्यम से मेडिकल ऑफिसरों की कमी से अवगत कराया है और आग्रह किया है कि जल्द से जल्द बहाली की प्रक्रिया शुरू की जाए, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
MAYANK TIWARI

लेखक के बारे में

By MAYANK TIWARI

MAYANK TIWARI is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola