Giridih News :राज्य में चर्चा है प्लस टू उच्च विद्यालय कुम्हरलालो की

Edited by PRADEEP KUMAR
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Giridih News :प्लस टू उच्च विद्यालय कुम्हरलालो का नाम ना केवल जिले में बल्कि राज्य स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है. इंटर की परीक्षा में इस विद्यालय के एक छात्रा ने राज्यस्तर पर तीसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि इसी विद्यालय के छह विद्यार्थी जिले के टॉप टेन में स्थान बनाया.

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विद्यालय की कुमारी ऋतंभरा इंटर आर्ट्स की परीक्षा में राज्य में पाया तीसरा स्थान

प्लस टू उच्च विद्यालय कुम्हरलालो का नाम ना केवल जिले में बल्कि राज्य स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है. इंटर की परीक्षा में इस विद्यालय के एक छात्रा ने राज्यस्तर पर तीसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि इसी विद्यालय के छह विद्यार्थी जिले के टॉप टेन में स्थान बनाया. यह विद्यालय सीमित व्यवस्था में भी बेहतर प्रदर्शन करता आ रहा है. विद्यालय ना केवल परीक्षा परिणाम को लेकर चर्चा में है, बल्कि यहां की खूबसूरती व रखरखाव लोगों को खूब लुभाता है. विद्यालय परिसर के चारों ओर पेड़-पौधे लगे हुए हैं. वर्ष 2016 में प्रभारी प्राचार्य के रूप में प्लस टू के शिक्षक संजय कुमार ने प्रभार लिया था. उस समय विद्यालय में कई कार्य कराने की जिम्मेदारी थी. प्रभारी प्राचार्य ने विद्यालय प्रबंध समिति व स्थानीय लोगों के सहयोग से विद्यालय परिसर की चहारदीवारी निर्माण करवाया. प्रभारी प्राचार्य विद्यालय में अनुशासन व शैक्षणिक माहौल को बनाये रखने को लेकर हमेशा चर्चा में रहते हैं. बताया गया कि जब संजय कुमार ने प्रभारी प्राचार्य के रूप में योगदान दिया, तो बच्चों को बैठने के लिए उन्होंने निजी खर्च पर बेंच-डेस्क लाया. प्लस टू व उच्च विद्यालय के शिक्षकों में इतनी अच्छा तालमेल है कि ये आपस में समन्वय स्थापित कर दोनों विद्यालयों का संचालन करते हैं. जरूरत पड़ने पर इसी कैंपस में संचालित मॉडल विद्यालय में भी पठन पाठन का कार्य करते हैं.

बिल्डिंग का है अभाव

प्लस टू उच्च विद्यालय कुम्हरलालो में वर्ग नवम से लेकर बारहवीं तक लगभग 1400 से अधिक बच्चे नामांकित हैं, लेकिन यहां भवन की कमी है. जेइपीसी द्वारा एक भवन का निर्माण कार्य विगत डेढ़ वर्षो से चल रहा है. ऐसे में बच्चों के बैठने में परेशानी होती है.

पांच विषयों के नहीं हैं शिक्षक

इस विद्यालय मे निर्धारित यूनिट से पांच शिक्षक कम है. अंग्रेजी के शिक्षक को अन्यत्र प्रतिनियुक्त कर दिया गया है. ऐसे मे संस्कृत विषय के शिक्षक अंग्रेजी पढ़ा रहे हैं.

नियमित आनेवाले बच्चे कर रहे बेहतर :

विद्यालय के शिक्षकों ने बताया कि जो बच्चे नियमित विद्यालय आते हैं, उनका परिणाम बेहतर आ रहा है. हालांकि, शिक्षकों ने एक प्रयास शुरू किया है कि जब भी कोई विद्यार्थी दो-तीन दिन अनुपस्थित रहता है, उनके अभिभवाकों को फोन किया जाता है. कई बार प्राचार्य अभिभावकों से मिलने भी चले जाते हैं.

स्मार्ट क्लास शुरू करने वाला पहला विद्यालय :

प्राचार्य संजय कुमार ने बताया कि वर्ष 2017 में ही विद्यालय परिवार ने स्मार्ट क्लास शुरू किया था. उस समय जिले के शायद ही किसी स्कूल में स्मार्ट क्लास शुरू हुआ था.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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