Giridih News :करोड़ों खर्च करने के बाद भी शहरी क्षेत्र में लचर है जलापूर्ति व्यवस्था

Giridih News :गिरिडीह नगर निगम क्षेत्र में शहरी जलापूर्ति को लेकर करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी शहरवासी पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं. गिरिडीह नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत 36 वार्ड है. इन 36 वार्डों में कमोवेश सभी वार्डों के मोहल्ले में पेयजल की किल्लत है. कहीं जर्जर पाइप है, तो कहीं पाइपलाइन ही नहीं पहुंच पायी है.
स्थिति यह है कि जिन इलाकों में पाइप बिछायी गयी है, वहां पर भी सही मात्रा में पेयजलापूर्ति नहीं हो रही है. गिरिडीह शहरी क्षेत्र की जनता लगातार इन मुद्दों को लेकर आवाज उठाती रही है, परंतु इस ओर नगर निगम का कोई ध्यान नहीं है. यही वजह है कि नगर निगम चुनाव के दौरान आम जनता के बीच सुदृढ़ जलापूर्ति चुनावी मुद्दा बनता जा रहा है. चूंकि नगर निगम क्षेत्र की जनता सालों भर पेयजल की किल्लत झेलती है और गर्मी के मौसम में यह संकट और भी गहरा जाता है. इसके कारण महिलाओं को खासी दिक्कती होती है. ऐसा नहीं है कि इस मुद्दे को लेकर आंदोलन नहीं होते हैं. लगातार आंदोलन के बाद भी नगर निगम क्षेत्र में जलापूर्ति व्यवस्था सुदृढ़ नहीं हो पायी है. बता दें कि नगर निगम क्षेत्र में जलापूर्ति व्यवस्था की जिम्मेदारी श्री साईं कंस्ट्रक्शन को मिला हुआ है. श्री साईं कंस्ट्रक्शन को लगभग 17 करोड़ की राशि में पांच साल के लिए जलापूर्ति व्यवस्था का संचालन और देखरेख की जिम्मेदारी मिली है. लेकिन, सही से जलापूर्ति योजना का संचालन नहीं होने के कारण शहरी क्षेत्र के लोग पेयजल की समस्या से परेशान हैं. गिरिडीह शहरी क्षेत्र में जो लोग संपन्न है, उन्हें तो कोई खास दिक्कती नहीं होती है, लेकिन स्लम एरिया में रहने वाले लोग हैं और गरीब तबका पेयजल संकट से जूझते रहते हैं. ऐसी स्थिति में लोगों में आक्रोश है. चुनाव प्रचार के दौरान प्रत्याशियों के समक्ष इस समस्या को मजबूती के साथ रखा जा रहा है. इस संबंध में कौशल्या देवी, देवकी देवी, लक्ष्मी कुमारी, रानी देवी, उमेश कुमार, दीपेश रजक, श्यामसुंदर, राजू कुमार ने कहा कि नगर निगम व्यवस्था सुधार पर कोई ध्यान नहीं देता है.
चार वाटर ट्रीटमेंट प्लांटों से हो रही है जलापूर्ति
गिरिडीह शहरी क्षेत्र में खंडोली वाटर ट्रीटमेंट प्लांट एक व दो, महादेव तालाब और चैताडीह वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से जलापूर्ति होती है. महादेव तालाब प्लांट व चैताडीह की स्थिति अच्छी नहीं है. ऐसी स्थिति में गिरिडीह शहरी क्षेत्र की एक बड़ी आबादी खंडोली वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पर निर्भर है.
खंडोली डैम में नहीं हुई गाद की सफाई
बताया जाता है कि खंडोली डैम में वर्षों से गाद की सफाई नहीं हुई. इसके कारण जल संग्रहण की क्षमता लगातार कम हो रही है. सही रूप से से जलापूर्ति हेतु गाद की सफाई पर बल दिया जा रहा है. साथ ही संवेदक की कार्यों पर पैनी नजर रखने की बात कही जा रही है. ताकि दोनों पहर लोगों को पानी मिल सके.
उप नगर आयुक्त ने कहा
नगर निगम के उप नगर आयुक्त प्रशांत कुमार लायक ने कहा कि कुछ वार्डों में पेयजल आपूर्ति की समस्या की शिकायत मिली है. इस मामले में संवेदक को कई उपकरण लगाने का निर्देश दिया गया है. उन्होंने कहा कि शहर के किनारे के क्षेत्र में ठीक से पानी नहीं पहुंच पाता है. बिजली की भी समस्या से जलापूर्ति प्रभावित होती है. कहा कि शहर के लोगों को नियमित रूप से पानी मिल सके, इसके लिए संवेदक को और भी कई कदम उठाने का निर्देश दिया गया है.
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