Giridih News :मारांग बुरु पारसनाथ में बाहा पर्व की धूम

Giridih News :प्रकृति और आदिवासी अस्मिता के प्रतीक बाहा पर्व की मारांग बुरु पारसनाथ में धूम है. संताल आदिवासी संस्कृति के इस महत्वपूर्ण पर्व के अवसर पर पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना और कई धार्मिक अनुष्ठान गुरुवार को हुए.
पूरे क्षेत्र में श्रद्धा, उत्साह और सांस्कृतिक उल्लास दिखा. शुक्रवार को राज्य के कई प्रमुख लोगों के कार्यक्रम में शामिल होने की जानकारी है. प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन सहित कई सांसद और विधायक शुक्रवार के कार्यक्रम में शामिल होंगे.
बरती जा रही सुरक्षा
उनके आगमन की सूचना पर जिला प्रशासन व आयोजन समिति ने सुरक्षा और व्यवस्था की पुख्ता व्यवस्था की है. गुरुवार को डीसी रामनिवास यादव व एसपी डॉ विमल कुमार के नेतृत्व में जिला प्रशासन की टीम दिशोम मांझी थान पहुंची. अधिकारियों ने मुख्य मंच, स्टॉल, श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था, पेयजल, स्वच्छता, पार्किंग स्थल तथा सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लिया. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कई निर्देश भी दिये, ताकि कार्यक्रम के दौरान किसी प्रकार की असुविधा ना हो. मौके पर डीडीसी स्मृति कुमारी, एएसपी (अभियान) सुरजीत कुमार, एसडीपीओ सुमित प्रसाद, बीडीओ मनोज मरांडी, सीओ हृषिकेश मरांडी, इंस्पेक्टर राजेंद्र प्रसाद, संजय यादव, दीपेश कुमार, महावीर मुर्मू, बिरजू मरांडी, दिलीप मुर्मू, सिकंदर हेंब्रम आदि मौजूद थे.
समिति ने भी की है तैयारी
इधर, बाहा पर्व आयोजन समिति भी तैयारियों में जुटी हुई है. समिति के सदस्य पारंपरिक सजावट, सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तथा अतिथियों के स्वागत की व्यवस्था को अंतिम रूप दे दिया है. पारसनाथ पहाड़ की तलहटी पर बसे आदिवासी गांव के लोग और स्वयंसेवकों की भागीदारी से आयोजन स्थल को आकर्षक रूप दिया गया है.
शुक्रवार की सुबह जुग जाहेर थान में कर लौटेंगे श्रद्धालु : गुरुवार की देर रात बड़ी संख्या में श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में जुग जाहेर थान के लिए रवाना हुए. मान्यता के अनुसार शुक्रवार की अलसुबह वहां विधिवत पूजा-अर्चना की जायेगी. इसके बाद सभी श्रद्धालु दिशोम मांझीथान लौटेंगे. यहां सामूहिक पूजा, धार्मिक अनुष्ठान और पारंपरिक रीति-रिवाजों का निर्वहन किया जायेगा. पूजा के बाद भव्य जुलूस निकाला जायेगा. इसमें पारंपरिक नृत्य-गीत, मांदर और ढोल की थाप पर श्रद्धालु बाहा पर्व की खुशियां मनायेंगे. इसके बाद दिशोम मांझीथान में सभा होगी. सभा को मुख्यमंत्री सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों द्वारा संबोधित किए जाने की संभावना है. कार्यक्रम के दौरान आदिवासी संस्कृति, परंपरा और प्रकृति के संरक्षण के संदेश भी दिया जायेगा. बाहा पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह आदिवासी समाज की सांस्कृतिक एकता, प्रकृति के प्रति सम्मान और सामुदायिक समरसता का भी परिचायक है. मारांग बुरु पारसनाथ में आयोजित यह समारोह पूरे क्षेत्र के लिए विशेष महत्व रखता है, जिसे लेकर श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है.प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी
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