संत पीयूष चर्च महेशमुंडा में प्रार्थना सभा में प्रार्थना सभा में फादर मशिचरन ने कहा कि जब दुनिया में अराजकता का माहौल बन गया था और पूरी दुनिया में अशांति फैली थी, तब हर किसी को सुख-शांति एवं प्रेम की तलाश थी. ऐसी विषम परिस्थिति में शांति की तलाश केवल और केवल परम पिता परमेश्वर पर आकर रुकी. उन्होंने अपने इकलौते पुत्र यीशु ख्रीस्त को दुनिया में भेजा, ताकि संसार में शांति एवं प्रेम स्थापित हो सके. कहा कि ख्रीस्त राजा के पर्व में विशेष रूप से ईसा मसीह को राजा के रूप में घोषित किया जाता है. प्रभु यीशु मसीह ईश्वर होने के नाते ना केवल स्वर्ग और पृथ्वी के राजा हैं, बल्कि उनका शासन केवल अधिकार चलाने के लिए नहीं, बल्कि सेवा करने व मुक्ति प्रदान करने के लिए भी है.
पूर्वजों को याद करने का मौका
फादर मॉरिश ने कहा कि प्रभु यीशु सत्यता, प्रेम, दयालुता, धार्मिकता, पाप क्षमा करनेवाला उद्धारकर्ता है और वही हमारा राजा है. मिस्सा में ख्रीस्तीय विश्वासियों द्वारा अन्न का पहला दाना प्रभु को समर्पित किया गया. उन्होंने कहा कि नवा खानी पर्व के माध्यम से हम अपने पूर्वजों को याद करते हैं. हमारे पूर्वजों से ही हमें भूमि व अन्य संसाधन प्राप्त हुए हैं. कहा कि नवाखानी पर्व हमें जीवन में आगे बढ़ने की राह दिखलाता है. मौके पर फादर सेबेस्टियन समेत काफी संख्या में फादर, सिस्टर समेत मसीही समुदाय के कई लोग मौजूद थे.
यीशु आये खुशियां लायें गूंजा गीत
खीस्त राजा पर्व पर निकली धार्मिक यात्रा में फादर ने कहा कि यीशु अपनी नम्रता से लोगों का दिल जीतते हैं. कहा कि महेशमुंडा स्थित सेंट पीयूष चर्च में खीस्त राजा का त्योहार और नया खानी का पर्व धूमधाम से मनाया गया. आयोजन में कई कैथोलिक ख्रीस्त विश्वासियों ने श्रद्धापूर्वक भाग लिया. इस दौरान ईसा मसीह की पूजा के बाद समारोह शुरू हुआ. अर्चना के बाद चर्च से धार्मिक यात्रा (शोभा यात्रा) निकाली गयी. वे निरंतर प्रभु यीशु की जय, ख्रीस्त राजा की जय का नारे लगा रहे थे. शोभायात्रा के क्रम में निर्मला मवि व बालिका उवि की छात्राओं ने प्रभु यीशु व बाइबल की झांकी भी निकाली गयी. मौके पर काफी संख्या में मसीही समुदाय के लोग मौजूद थे.
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