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Giridih News : आस्था का केंद्र है बराकर का बाबा नंदानाथ महादेव मंदिर

Updated at : 14 Jan 2026 12:21 AM (IST)
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Giridih News : आस्था का केंद्र है बराकर का बाबा नंदानाथ महादेव मंदिर

Giridih News : दही व नये धान के चूड़ा का लगता है भोग

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Giridih News : समशुल अंसारी, गांडेय. गिरिडीह व धनबाद जिले की सीमा पर गांडेय और टुंडी के बीच अवस्थित बराकर नदी के तट पर स्थापित बाबा नंदानाथ महादेव श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक है. मकर संक्रांति पर यहां दही व नये धान के चूड़ा का भोग लगता है और खिचड़ी मेला का भी आयोजन किया जाता है. इसमें आसपास के लोगों के अलावा दूरदराज के लोग भी पूजा-अर्चना करने एवं मेले का आनंद लेने आते हैं.

शिवलिंग पर करते हैं जलार्पण :

मकर संक्रांति के मौके पर बराकर नदी में स्नान करने के बाद भक्त शिवलिंग पर जलार्पण एवं पूजन करते हैं और चूड़ा-दही का भोग लगाते हैं. पूजा के बाद बराकर नदी के किनारे चूड़ा, दही, गुड़ आदि प्रसाद भी ग्रहण करते हैं. मौके पर जलार्पण हेतु आसपास के लोग तो पहुंचते ही हैं, गिरिडीह और धनबाद जिले के कई इलाकों से लोग बाबा के दर्शन को आते हैं. पूजा के बाद यहां लगनेवाले खिचड़ी मेले का लुत्फ भी वे उठाते हैं.

धान की कटाई से जुड़ा है त्योहार :

बताया जाता है कि दरअसल मकर संक्रांति फसलों से जुड़ा हुआ त्योहार है. प्रतिवर्ष धान की कटाई के बाद कई किसान पहला चढ़ावा बाबा को चढ़ाते हैं. गुड़ाई के समय धान की एक पोटली बनाकर अलग से रख लेते हैं और खिचड़ी मेले के दिन पूजन के बाद उसे बाबा को अर्पित कर देते हैं. यह परंपरा वर्षो से प्रचलित है. ऐसी मान्यता है कि बाबा श्रद्धालुओं की मुराद पूरी करते हैं. मन्नत पूरी होने के बाद बाबा को विभिन्न प्रकार का चढ़ावा चढ़ाते हैं. कहा जाता है कि पुरातन समय से ही यहां शिवलिंग स्थापित है. इस धार्मिक स्थल को टुंडी के राजा का भी संरक्षण प्राप्त था. वे मकर संक्रांति के अवसर पर प्रतिवर्ष यहां अभिषेक भी करवाते थे.

मंदिर का निर्माण नहीं हो पाया :

गौरतलब है कि काफी लोकप्रिय होने के बावजूद आज भी यहां का शिवलिंग खुला ही है. अब तक मंदिर का निर्माण नहीं हो पाया है. ग्रामीण कहते हैं कि जब भी यहां मंदिर के निर्माण का प्रयास किया गया तो कोई ना कोई विघ्न उत्पन्न हो जाता है और मंदिर का निर्माण नहीं हो पाता है. बाबा नंदानाथ महादेव की आस्था व भक्ति का हाल यह है कि मकर संक्रांति के मौके पर यहां मेले-सा माहौल होता है. यहां पूजा-अर्चना को लेकर स्थानीय सुधाकर पंडा, निशाकर पंडा समेत कई अन्य लोग सक्रिय रहते हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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MANOJ KUMAR

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MANOJ KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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