इस दौरान शैक्षिक शोध से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर मंत्रणा की गयी. विषय प्रवेश प्रधानाचार्य आनंद कमल ने कराया. कहा कि विद्या भारती के चार प्रमुख आयामों में शोध महत्वपूर्ण आयाम है, जिसके माध्यम से शैक्षिक समस्याओं का सम्यक और व्यावहारिक समाधान संभव हो पाता है. विद्यालय के शोध प्रमुख अजीत कुमार मिश्र ने विद्या भारती की शोध योजना की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि विद्या भारती के अंतर्गत आचार्य क्रियात्मक शोध के माध्यम से पठन-पाठन के दौरान उत्पन्न होने वाली समस्याओं की पहचान कर उनका समाधान किया जाता है. इससे शिक्षण प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनती है.
पीपीटी के माध्यम से दी गयी कई जानकार
ीगोष्ठी में आचार्य प्रदीप सिन्हा ने पीपीटी के माध्यम से क्रियात्मक शोध की उपयोगिता और उसके विभिन्न चरणों पर विस्तार से प्रकाश डाला. कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य आनंद कमल ने सभी आचार्य-दीदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि आगामी शैक्षणिक सत्र में प्रत्येक शिक्षक-शिक्षिका कम से कम एक विषय पर शोध कर लिखित प्रतिवेदन विद्यालय के शोध प्रमुख को सौंपेगे.
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