गिरिडीह पुलिस के हत्थे चढ़ा सबजोनल कमांडर विनोद मांझी

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क्षेत्र में नक्सली कैंप बनाने और उसके संचालन का जिम्मा भी विनोद मांझी पर था गिरिडीह : गिरिडीह पुलिस के हत्थे चढ़ा डुमरी दक्षिणी सबजोनल कमांडर विनोद मांझी भाकपा माओवादी का अहम सदस्य है. संगठन में लोगों को भरती करने के लिये प्रेरित करना और नये सदस्यों को प्रशिक्षण देने में विनोद को महारत हासिल […]

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क्षेत्र में नक्सली कैंप बनाने और उसके संचालन का जिम्मा भी विनोद मांझी पर था
गिरिडीह : गिरिडीह पुलिस के हत्थे चढ़ा डुमरी दक्षिणी सबजोनल कमांडर विनोद मांझी भाकपा माओवादी का अहम सदस्य है. संगठन में लोगों को भरती करने के लिये प्रेरित करना और नये सदस्यों को प्रशिक्षण देने में विनोद को महारत हासिल है.
एसपी कुलदीप द्विवेदी ने बताया कि विनोद इलाके में संगठन के कार्यो को विस्तार देने के लिये अपनी बातों से आम लोगों को प्रभावित करने की कोशिश करता था. नये लोगों को संगठन में भरती कर उन्हें ट्रेनिंग देता था. इसके अलावा क्षेत्र में नक्सली कैंप को बनाने और संचालित करने का भी काम करता था. वह कई वारदातों में शामिल रहा है.
पुलिस को बताया घटना का विस्तार : नक्सली विनोद ने गिरिडीह के सीमावर्ती इलाके के अलावा जमुई, मुंगेर, नवादा जिले में जम कर उत्पात मचाया था. पुलिस पकड़ में आने के बाद उसने कई घटनाओं की विस्तार से जानकारी पुलिस को दी.
एसपी ने बताया कि वर्ष 2005 में मुंगेर के एसपी केसी सुरेंद्र बाबू की हत्या में विनोद के अलावा परवेज व छोटका सुनील के दस्ते के लोग भी शामिल थे. पुलिस को दिये बयान में भी विनोद ने बताया कि मुंगेर के भीमबांध मुख्य मार्ग में उसने कैसे अपने सहयोगी परवेज व छोटका सुनील के साथ बारूदी सुरंग लगाया और विस्फोट कर एसपी समेत पांच पुलिस कर्मियों को उड़ा दिया था.
इसके अलावा 11 सितंबर 2005 को भेलवाघाटी में ग्राम रक्षा दल के 17 लोगों की निर्मम हत्या, 26 अक्तूबर 2007 को देवरी थाना इलाके के चिलखारी में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान हमला बोल कर पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के पुत्र अनूप मरांडी समेत डेढ़ दर्जन लोगों की हत्या की घटना की जानकारी भी विनोद ने पुलिस को दी. एसपी ने बताया कि इन बड़ी घटनाओं के अलावा विनोद ने अन्य दर्जनाधिक घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है.
एसपी ने बताया कि विनोद मांझी झारखंड-बिहार के 254 मोस्ट वांटेड नक्सलियों में से एक है.वह 2002 में तिसरी पुलिस पिकेट पर हमला कर 6 हथियार लूटने, 2004 में बिहार के जमुई जिले के कौआकौल में पुलिस पार्टी पर हमला कर हथियार लूटने, 2005 में बिहार के कजरा पुलिस पिकेट पर हमला कर जीआरपी से 4 हथियार लूटने, इस घटना के अगले दिन बारूदी सुरंग विस्फोट कर मुंगेर के तत्कालीन एसपी केसी सुरेंद्र को मारने, 11 सितंबर 2005 को भेलवाघाटी नरसंहार और 26 अक्तूबर 2007 को चिलखारी नरसंहार को अंजाम देने में शामिल रहा है.
बिहार पुलिस से किया जा रहा संपर्क
एसपी ने बताया कि नक्सली विनोद मांझी से पूछताछ की जा रही है. उक्त घटनाओं के अलावा किन-किन घटनाओं में शामिल रहा है, इसकी जांच चल रही है. बिहार के जमुई, नवादा, मुंगेर पुलिस से भी संपर्क किया गया है.
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